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विज्ञान शिक्षा को विद्यार्थियों में जिज्ञासा विकसित करने का माध्यम बनाएं शिक्षक : कौशिक
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कुरुक्षेत्र। राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में आयोजित कार्यशाला में हिस्सा लेते
कुरुक्षेत्र। विज्ञान शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित न रहे बल्कि विद्यार्थियों में जिज्ञासा, प्रयोगात्मक दृष्टिकोण और समस्या-समाधान क्षमता विकसित करने का माध्यम बने। विज्ञान शिक्षक विद्यालय की रीढ़ होते हैं, इसलिए वे विद्यार्थियों के हित में काम करने के लिए अग्रणी भूमिका निभाएं।
जिला शिक्षा अधिकारी विनोद कौशिक ने यह आह्वान किया। वे मंगलवार को राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुरुक्षेत्र के केशव सदन में आज विज्ञान प्राध्यापकों तथा अध्यापकों के लिए एक दिवसीय विज्ञान कार्यशाला में मुख्य अतिथि के तौर पर बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि शिक्षक नवीनतम वैज्ञानिक गतिविधियों और प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें, ताकि वे भविष्य में वैश्विक स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें। डीईओ ने विज्ञान शिक्षकों से आह्वान किया कि सभी विज्ञान प्रयोगशालाओं का उचित प्रबंधन करें तथा विज्ञान तथा गणित की किटों का समुचित उपयोग भी करें।
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उन्होंने कहा कि कार्यशाला में जिला विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. तरसेम कौशिक ने उपस्थित सभी शिक्षकों को विभिन्न विज्ञान गतिविधियों जैसे इंस्पायर मानक अवॉर्ड, पर्यावरण विज्ञान प्रदर्शनी, राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी, जिला स्तरीय विज्ञान निबंध प्रतियोगिता, जिला स्तरीय विज्ञान ड्रामा प्रतियोगिता, जिला स्तरीय विज्ञान क्विज प्रतियोगिता, साइंस सेमिनार तथा विज्ञान प्रयोगशालाओं का उचित प्रबंधन एवं उपयोग विषय पर विस्तार से चर्चा की और शिक्षकों से आह्वान किया कि वे व्यक्तिगत रुचि लेकर विद्यार्थियों को विज्ञान गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित करें तथा उनके मॉडल्स तथा प्रोजेक्ट तैयार करवाएं। उ
इसके साथ ही उन्होंने जिला स्तरीय पर्यावरण विज्ञान प्रदर्शनी, राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी, जिला स्तरीय विज्ञान संगोष्ठी, साइंस क्विज, विज्ञान निबंध प्रतियोगिता तथा विज्ञान प्रयोगशालाओं के समुचित प्रबंधन पर विस्तार से चर्चा की। जिला गणित विशेषज्ञ संजय कौशिक ने शिक्षकों को एनएमएमएस से संबंधित पात्रता, पाठ्यक्रम और तैयारी के बारे में भी अवगत कराया।
इस अवसर पर रामेश्वर दास, डॉ. सविता ने भी अपने विचार साझा किए। कार्यशाला में प्राचार्य रमेश सैनी, डॉ. सविता, रामेश्वर दास, अतुल कुमार शर्मा तथा जिले के विभिन्न विद्यालयों के विज्ञान प्राध्यापक तथा अध्यापक उपस्थित रहे।
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जिला शिक्षा अधिकारी विनोद कौशिक ने यह आह्वान किया। वे मंगलवार को राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुरुक्षेत्र के केशव सदन में आज विज्ञान प्राध्यापकों तथा अध्यापकों के लिए एक दिवसीय विज्ञान कार्यशाला में मुख्य अतिथि के तौर पर बोल रहे थे।
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उन्होंने कहा कि शिक्षक नवीनतम वैज्ञानिक गतिविधियों और प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें, ताकि वे भविष्य में वैश्विक स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें। डीईओ ने विज्ञान शिक्षकों से आह्वान किया कि सभी विज्ञान प्रयोगशालाओं का उचित प्रबंधन करें तथा विज्ञान तथा गणित की किटों का समुचित उपयोग भी करें।
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उन्होंने कहा कि कार्यशाला में जिला विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. तरसेम कौशिक ने उपस्थित सभी शिक्षकों को विभिन्न विज्ञान गतिविधियों जैसे इंस्पायर मानक अवॉर्ड, पर्यावरण विज्ञान प्रदर्शनी, राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी, जिला स्तरीय विज्ञान निबंध प्रतियोगिता, जिला स्तरीय विज्ञान ड्रामा प्रतियोगिता, जिला स्तरीय विज्ञान क्विज प्रतियोगिता, साइंस सेमिनार तथा विज्ञान प्रयोगशालाओं का उचित प्रबंधन एवं उपयोग विषय पर विस्तार से चर्चा की और शिक्षकों से आह्वान किया कि वे व्यक्तिगत रुचि लेकर विद्यार्थियों को विज्ञान गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित करें तथा उनके मॉडल्स तथा प्रोजेक्ट तैयार करवाएं। उ
इसके साथ ही उन्होंने जिला स्तरीय पर्यावरण विज्ञान प्रदर्शनी, राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी, जिला स्तरीय विज्ञान संगोष्ठी, साइंस क्विज, विज्ञान निबंध प्रतियोगिता तथा विज्ञान प्रयोगशालाओं के समुचित प्रबंधन पर विस्तार से चर्चा की। जिला गणित विशेषज्ञ संजय कौशिक ने शिक्षकों को एनएमएमएस से संबंधित पात्रता, पाठ्यक्रम और तैयारी के बारे में भी अवगत कराया।
इस अवसर पर रामेश्वर दास, डॉ. सविता ने भी अपने विचार साझा किए। कार्यशाला में प्राचार्य रमेश सैनी, डॉ. सविता, रामेश्वर दास, अतुल कुमार शर्मा तथा जिले के विभिन्न विद्यालयों के विज्ञान प्राध्यापक तथा अध्यापक उपस्थित रहे।