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Kurukshetra News: पेंशनर्स फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने बिहार के सुरेंद्र चौधरी, हरियाणा के वजीर सिंह महासचिव

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 24 Feb 2026 01:30 AM IST
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Surendra Chaudhary of Bihar became the National President of Pensioners Federation, Wazir Singh of Haryana became the General Secretary
कुरुक्षेत्र। राष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे दिन सैनी धर्मशाला में एकजुट सेवानिवृत्त कर्मचारी। संवाद - फोटो : kathua news
कुरुक्षेत्र। देश के सेवानिवृत्त कर्मियों के दूसरे राष्ट्रीय अधिवेशन में दूसरे दिन सोमवार को विभिन्न संगठनों ने मिलकर नई कार्यकारिणी का गठन किया। सैनी समाज धर्मशाला में आयोजित अखिल भारतीय राज्य सरकारी पेंशनर्स फेडरेशन के सम्मेलन में एक बार फिर से बिहार के सुरेंद्र चौधरी को राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया। वहीं राष्ट्रीय कार्यकारिणी में हरियाणा के वजीर चंद को महासचिव की जिम्मेदारी दी गई। अधिवेशन के दूसरे दिन महासचिव ने संगठन और कोषाध्यक्ष ने वित्त रिपोर्ट पेश की। रिपोर्ट पर 23 प्रतिनिधियों ने बहस में हिस्सा लिया। दोनों रिपोर्ट सर्वसम्मति से पास हुई।
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अधिवेशन में आगामी तीन वर्षों के लिए सर्वसम्मति से संगठन कमेटी का गठन किया गया। इसमें अध्यक्ष, महासचिव के अलावा अरुणा घोष वित्त सचिव (पश्चिम बंगाल), निर्मल दास (उड़ीसा), बी कृष्णमूर्ति (तमिलनाडु), डी वेंकटेशवारलून (आंध्र प्रदेश) को सहायक महासचिव, एन चंद्रशेखर रेड्डी, जयधरण, सालिक मौलिकार, एसपी सिंह, अनंत सिन्हा, रामधर शर्मा, देविया मथा पट्टी, पला काजा, राजकुमार दुबे, करम सिंह धनौवा को उपाध्यक्ष, गुरु सिद्धा, सुरजीत दास, बुद्धाजी सरकार, मंजीत सैनी (पंजाब), कल्यानम नागेश्वर राव, रामेश्वर सिंह, हरभजन सिंह खुंगर, सतीश राणा, आरके थवायत और प्रभुदास को सचिव निर्वाचित किया गया। नवनिर्वाचित केंद्रीय कमेटी को अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष सुभाष लांबा ने पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई।
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राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र चौधरी ने कहा कि यदि सरकार ने उनकी सभी जायज मांगों पर विचार नहीं किया तो उन्हें मजबूरन संघर्ष के रास्ते पर चलना पड़ेगा। मांगों के लिए 26 फरवरी को देश में जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन में भी हिस्सा लेंगे। आंदोलन के दूसरे चरण में 21 अप्रैल को मांग दिवस के रूप में देश में सभी जिलों व राज्यों की राजधानी पर विशाल प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान विभिन्न राज्यों से करीब 400 डेलीगेट, 100 पर्यवेक्षक और स्वयंसेवकों ने 22 व 23 फरवरी को हुए अधिवेशन में शामिल होकर पूर्ण एकजुटता का परिचय दिया। सम्मेलन में पेंशनर्स ने सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाए। फिर से राष्ट्रीय कमान संभाल रहे सुरेंद्र चौधरी ने आवाज बुलंद करते हुए कहा कि कर्मचारियों और पेंशनर्स के हितों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उनके अलावा विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों ने भी विचार रखे।
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फेडरेशन के सचिव व केयू पेंशनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मान सिंह ने कहा कि उनकी सभी मांगें जायज हैं और सरकार को इन्हें गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान केवल भाषणों से नहीं बल्कि ठोस निर्णयों से होना चाहिए। शहर में हुए दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में हरियाणा सहित पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, कर्नाटक, बिहार और उड़ीसा समेत लगभग 20 राज्यों के प्रतिनिधि शामिल हुए। फेडरेशन के सचिव व केयू पेंशनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मान सिंह ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान केवल कहने से नहीं बल्कि जरूरी काम करने से होगा। सम्मेलन में बड़ी संख्या में महिला पेंशनर्स की भी भागीदारी रही।
मांगों की आवाज उठाकर निष्ठापूर्वक करेंगे जिम्मेदारी का निर्वहन : सुरेंद्र चौधरी
राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र चौधरी ने कहा कि वे अपनी जिम्मेदारी का निष्ठापूर्वक निर्वहन करेंगे। उन्होंने पेंशनर्स के हक में आवाज उठाई कि आठवें वेतन आयोग का गठन और पुरानी पेंशन नीति बहाल की जाए। वित्त विधेयक 2025 को वापस लिया जाए, पीएफआरडीए समाप्त किया जाए, कम्युट की गई राशि की कटौती केवल 11 वर्ष तक सीमित हो, रोका गया महंगाई भत्ता सभी राज्यों में लागू किया जाए, रेलवे और हवाई यात्रा में वरिष्ठ नागरिकों को रियायती किराया फिर से दिया जाए, 65 वर्ष की आयु के बाद 10 प्रतिशत और 75 वर्ष के बाद 20 प्रतिशत वेतन वृद्धि दी जाए, सेवानिवृत्त कर्मचारियों को बिना शर्त मुफ्त इलाज की सुविधा मिले, न्यूनतम पेंशन 20 हजार रुपये सुनिश्चित की जाए और मजदूर विरोधी श्रम कानून वापस लेने के साथ किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी मिलने दी जाए।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार लगातार किसान, मजदूर, कर्मचारी, छात्र व पेंशनर्स के अधिकारों पर हमला कर रही है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि पब्लिक सेक्टर के संस्थानों के निजीकरण पर रोक लगाई जाए। नए चार खतरनाक लेबर कोड खत्म किए जाएं और पेंशन पर कोई आयकर न लगाया जाए।

कुरुक्षेत्र। राष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे दिन सैनी धर्मशाला में एकजुट सेवानिवृत्त कर्मचारी। संवाद

कुरुक्षेत्र। राष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे दिन सैनी धर्मशाला में एकजुट सेवानिवृत्त कर्मचारी। संवाद- फोटो : kathua news

कुरुक्षेत्र। राष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे दिन सैनी धर्मशाला में एकजुट सेवानिवृत्त कर्मचारी। संवाद

कुरुक्षेत्र। राष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे दिन सैनी धर्मशाला में एकजुट सेवानिवृत्त कर्मचारी। संवाद- फोटो : kathua news

कुरुक्षेत्र। राष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे दिन सैनी धर्मशाला में एकजुट सेवानिवृत्त कर्मचारी। संवाद

कुरुक्षेत्र। राष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे दिन सैनी धर्मशाला में एकजुट सेवानिवृत्त कर्मचारी। संवाद- फोटो : kathua news

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