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Kurukshetra News: खराब परीक्षा परिणाम और अव्यवस्थाओं के खिलाफ भड़के छात्र
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के फार्मेसी विभाग के खराब परीक्षा परिणाम और अव्यवस्थाओं के खिलाफ सैकड़ों विद्यार्थियों ने वीरवार को कुलपति कार्यालय का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया।
छात्रों का कहना है कि पूरी की पूरी कक्षा के नतीजे कैसे खराब आ सकते हैं। एक कक्षा के करीब 90 प्रतिशत विद्यार्थियों को मुख्य विषयों में फेल कर दिया गया है, जबकि 60-70 प्रतिशत विद्यार्थियों को दो या अधिक विषयों में असफल घोषित किया गया है।
विद्यार्थियों ने इस स्थिति के लिए विभाग में मौजूद अव्यवस्थाओं को जिम्मेदार ठहराया है तथा परीक्षा परिणामों की जांच कर दोबारा परिणाम जारी करने का आह्वान किया। विद्यार्थियों ने सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक कुलपति कार्यालय के बाहर धरना दिया और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। दोपहर दो बजे छात्र प्रतिनिधियों ने कुलपति से मुलाकात की और उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत कराया। कुलपति ने उनकी शिकायतों को गंभीरता से सुनने के बाद आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद ही छात्र-छात्राएं शांत हुए। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से अनुरोध किया है कि जल्द से जल्द इन समस्याओं का समाधान किया जाए।
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प्रयोगशालाओं में आवश्यक रसायनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, वॉशरूम और पानी की सुविधाएं ठीक की जाएं और कक्षाओं में पर्याप्त स्थान दिया जाए। साथ ही शिक्षकों का रवैया सुधारने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि एक सकारात्मक और सहयोगी शैक्षणिक वातावरण बनाया जा सके।
शिक्षकों का नहीं सहयोगात्मक रवैया: छात्रों ने शिक्षकों पर भी गंभीर आरोप लगाए कि उनका रवैया सहयोगात्मक नहीं है, जिससे वे अपनी समस्याओं को खुलकर नहीं रख पाते। विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि जब वे अपनी परेशानियों को लेकर सवाल उठाते हैं, तो शिक्षकों द्वारा उन्हें धमकाया जाता है और डिग्री में देरी करने की धमकी भी दी जाती है। उन्होंने कहा कि विभाग में प्रायोगिक सुविधाओं का अभाव है।
प्रयोगशालाओं में आवश्यक रसायन और उपकरण नहीं होते, जिससे प्रैक्टिकल ठीक से नहीं हो पाते। वॉशरूम की हालत खराब है और सफाई व्यवस्था भी ठीक नहीं है। इसी के साथ पेयजल की भी उचित व्यवस्था नहीं है।
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के फार्मेसी विभाग के खराब परीक्षा परिणाम और अव्यवस्थाओं के खिलाफ सैकड़ों विद्यार्थियों ने वीरवार को कुलपति कार्यालय का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया।
छात्रों का कहना है कि पूरी की पूरी कक्षा के नतीजे कैसे खराब आ सकते हैं। एक कक्षा के करीब 90 प्रतिशत विद्यार्थियों को मुख्य विषयों में फेल कर दिया गया है, जबकि 60-70 प्रतिशत विद्यार्थियों को दो या अधिक विषयों में असफल घोषित किया गया है।
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विद्यार्थियों ने इस स्थिति के लिए विभाग में मौजूद अव्यवस्थाओं को जिम्मेदार ठहराया है तथा परीक्षा परिणामों की जांच कर दोबारा परिणाम जारी करने का आह्वान किया। विद्यार्थियों ने सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक कुलपति कार्यालय के बाहर धरना दिया और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। दोपहर दो बजे छात्र प्रतिनिधियों ने कुलपति से मुलाकात की और उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत कराया। कुलपति ने उनकी शिकायतों को गंभीरता से सुनने के बाद आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद ही छात्र-छात्राएं शांत हुए। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से अनुरोध किया है कि जल्द से जल्द इन समस्याओं का समाधान किया जाए।
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प्रयोगशालाओं में आवश्यक रसायनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, वॉशरूम और पानी की सुविधाएं ठीक की जाएं और कक्षाओं में पर्याप्त स्थान दिया जाए। साथ ही शिक्षकों का रवैया सुधारने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि एक सकारात्मक और सहयोगी शैक्षणिक वातावरण बनाया जा सके।
शिक्षकों का नहीं सहयोगात्मक रवैया: छात्रों ने शिक्षकों पर भी गंभीर आरोप लगाए कि उनका रवैया सहयोगात्मक नहीं है, जिससे वे अपनी समस्याओं को खुलकर नहीं रख पाते। विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि जब वे अपनी परेशानियों को लेकर सवाल उठाते हैं, तो शिक्षकों द्वारा उन्हें धमकाया जाता है और डिग्री में देरी करने की धमकी भी दी जाती है। उन्होंने कहा कि विभाग में प्रायोगिक सुविधाओं का अभाव है।
प्रयोगशालाओं में आवश्यक रसायन और उपकरण नहीं होते, जिससे प्रैक्टिकल ठीक से नहीं हो पाते। वॉशरूम की हालत खराब है और सफाई व्यवस्था भी ठीक नहीं है। इसी के साथ पेयजल की भी उचित व्यवस्था नहीं है।