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Kurukshetra News: छात्र नेता रहे कृष्ण श्योकंद के सिर सजा जाट धर्मशाला की प्रधानी का ताज
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कुरुक्षेत्र। जाट धर्मशाला में मतदान करते समाज के लोग। संवाद
कुरुक्षेत्र। जाट धर्मशाला की चौधर पूर्व में छात्र नेता रहे कृष्ण श्योकंद के सिर सजी है। उनके साथ-साथ एक कार्यकारिणी सदस्य को छोड़कर पूरा पैनल विजयी रहा है। बुधवार को कड़ी सुरक्षा के बीच हुए चुनाव में कृष्ण श्योकंद को 360 वोट मिले जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी जसमेर सिंह सरपंच को 330 वोट मिले। 30 वोटों से विजयी हुए कृष्ण श्योकंद व उनके पैनल की जीत पर समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। उनका फूल मालाओं से स्वागत किया गया। विजयी रहे पदाधिकारियों व सदस्यों ने चौधरी छोटू राम की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और वहीं धर्मशाला व समाज के हित में पूरे समाज को साथ लेकर कार्य करने का भरोसा दिया।
सुबह सात बजते ही मतदान शुरू हो गया था, जो शाम पांच बजे तक जारी रहा। इस दौरान 729 वोटों में 694 वोट पोल हुई जबकि चार वोट रद्द भी हुईं। कड़ी सुरक्षा के बीच हुए चुनाव पर पूरे समाज व प्रशासन की भी निगाहें टिकी हुई थीं। चुनाव में प्रधान सहित पांच पदों व छह कार्यकारिणी सदस्यों के लिए दो पैनल मैदान में थे। इनमें कृष्ण श्योकंद व जसमेर सिंह सरपंच पैनल के बीच कड़ी टक्कर थी। दोनों ने ही अपनी-अपनी जीत के लिए पुरजोर प्रयास किए थे।
लंबे समय तक छात्र राजनीति में रहे श्योकंद
कृष्ण श्योकंद पढ़ाई के दौरान नरवाला कॉलेज में छात्र संघ के प्रधान रहे तो वहीं कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में भी वे कुसा के प्रधान रहे। पीएचडी तक पढ़ाई कर चुके श्योकंद ने युवा वर्ग में अपनी अच्छी पैठ बनाई हुई है।
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शांतिपूर्ण संपन्न हुआ चुनाव : डॉ. सुरेश
चुनाव अधिकारी डॉ. सुरेश चंद्र के मुताबिक चुनाव पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहा। इसमें हरियाणा के साथ-साथ दिल्ली, महाराष्ट्र पंजाब, उत्तर प्रदेश व राजस्थान के भी मतदाता भी मतदान करने पहुंचे। इसके लिए दो मतदान केंद्र बनाए गए थे। प्रशासनिक तौर पर भी चुनाव के दौरान सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त रहे। धर्मशाला के मुख्य गेट के आसपास सभी ओर पुलिस ने नाकेबंदी की हुई थी। डॉ. सुरेश चंद्र के मुताबिक तीन साल के लिए यह चुनाव होंगे। वर्ष 1970 में धर्मशाला का निर्माण किया गया था। उसी समय से ही प्रबंधन समिति द्वारा इसका संचालन किया जाता रहा है। यह चुनाव तीन वर्ष के लिए हुए हैं।
पैनल-1-- मिले वोट
पद- प्रत्याशी नाम- मिले वोट- जीत व हार-- अंतर
प्रधान-- कृष्ण चंद श्योकंद -- 360-- -- -- जीते-- -- 30 वोट
उपप्रधान-- बनी सिंह ढुल-- -383-- -- -- जीते-- -- 74 वोट
सचिव-- -हरकेश लाल सहारन-373-- -- जीते-- -- 54 वोट
संयुक्त सचिव-- होशियार सिंह-- 376-- - जीते-- -- -59 वोट
कोषाध्यक्ष-- नरेंद्र कुमार नैन-- 375-- -- जीते-- -- -58 वोट
सदस्य-- -- गंगा बिश्न-- -- 400-- -- - जीते-- -- -107 वोट
सदस्य-- -- रमेश कुमार-- -348-- -- -- जीते-- -- -- 4 वोट
सदस्य-- -- बलविंद्र-- -- -- 355-- -- -- जीते-- -- -16 वोट
सदस्य-- -- ऋषी पाल नैन-- 349-- -- -- जीते-- -- -5 वोट
सदस्य-- -- - जितेंद्र कुमार-- 353-- -- -- जीते-- -- 14 वोट
सदस्य-- -- गुरदीप सिंह-- -336-- -- - हारे-- -- -20 वोट
पैनल-2
पद-- -- प्रत्याशी नाम-- -- वोट मिले
प्रधान-- जसमेर सिंह-- -- 330
उपप्रधान-- मुनीष मलिक-- 309
सचिव-- -कृष्ण कुमार-- -319
संयुक्त सचिव-- जसमेर सिंह-- 317
कोषाध्यक्ष-- गुरदयाल सिंह मलिक-- 317
सदस्य-- कप्तान सिंह-- -293
सदस्य-- सतीश कुमार-- 344
सदस्य-- कर्मवीर सिंह-- 339
सदस्य-- सूरजमल नैन-- 344
सदस्य-- फूल सिंह-- 339
सदस्य-- अंग्रेज सिंह-- 356, जीते
शिक्षा, स्वास्थ्य एवं खेल पर रहेगा जोर : श्योकंद
प्रधान पद के उम्मीदवार कृष्ण श्योकंद ने अपने साथ-साथ पैनल की जीत पर सभी का आभार जताया और कहा कि वे सभी को साथ लेकर धर्मशाला व समाज हित में कार्य करेंगे। उनकी प्राथमिकता शिक्षा, स्वास्थ्य एवं खेल रहेंगे। जरूरतमंद बच्चों के लिए बेहतरीन कोचिंग सेंटर व लाइब्रेरी खोले जाने की योजना है, ताकि युवा पढ़ाई कर समाज का नाम रोशन कर सकें। प्रयास रहेगा कि हिंदू मैरिज एक्ट बने और सरकार से यह कार्य करवाने का काम करेंगे। इतना ही नहीं विश्व में अपनी पहचान रखने वाली जाट धर्मशाला का और अधिक विस्तार करेंगे।
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सुबह सात बजते ही मतदान शुरू हो गया था, जो शाम पांच बजे तक जारी रहा। इस दौरान 729 वोटों में 694 वोट पोल हुई जबकि चार वोट रद्द भी हुईं। कड़ी सुरक्षा के बीच हुए चुनाव पर पूरे समाज व प्रशासन की भी निगाहें टिकी हुई थीं। चुनाव में प्रधान सहित पांच पदों व छह कार्यकारिणी सदस्यों के लिए दो पैनल मैदान में थे। इनमें कृष्ण श्योकंद व जसमेर सिंह सरपंच पैनल के बीच कड़ी टक्कर थी। दोनों ने ही अपनी-अपनी जीत के लिए पुरजोर प्रयास किए थे।
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लंबे समय तक छात्र राजनीति में रहे श्योकंद
कृष्ण श्योकंद पढ़ाई के दौरान नरवाला कॉलेज में छात्र संघ के प्रधान रहे तो वहीं कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में भी वे कुसा के प्रधान रहे। पीएचडी तक पढ़ाई कर चुके श्योकंद ने युवा वर्ग में अपनी अच्छी पैठ बनाई हुई है।
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शांतिपूर्ण संपन्न हुआ चुनाव : डॉ. सुरेश
चुनाव अधिकारी डॉ. सुरेश चंद्र के मुताबिक चुनाव पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहा। इसमें हरियाणा के साथ-साथ दिल्ली, महाराष्ट्र पंजाब, उत्तर प्रदेश व राजस्थान के भी मतदाता भी मतदान करने पहुंचे। इसके लिए दो मतदान केंद्र बनाए गए थे। प्रशासनिक तौर पर भी चुनाव के दौरान सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त रहे। धर्मशाला के मुख्य गेट के आसपास सभी ओर पुलिस ने नाकेबंदी की हुई थी। डॉ. सुरेश चंद्र के मुताबिक तीन साल के लिए यह चुनाव होंगे। वर्ष 1970 में धर्मशाला का निर्माण किया गया था। उसी समय से ही प्रबंधन समिति द्वारा इसका संचालन किया जाता रहा है। यह चुनाव तीन वर्ष के लिए हुए हैं।
पैनल-1
पद- प्रत्याशी नाम- मिले वोट- जीत व हार
प्रधान
उपप्रधान
सचिव
संयुक्त सचिव
कोषाध्यक्ष
सदस्य
सदस्य
सदस्य
सदस्य
सदस्य
सदस्य
पैनल-2
पद
प्रधान
उपप्रधान
सचिव
संयुक्त सचिव
कोषाध्यक्ष
सदस्य
सदस्य
सदस्य
सदस्य
सदस्य
सदस्य
शिक्षा, स्वास्थ्य एवं खेल पर रहेगा जोर : श्योकंद
प्रधान पद के उम्मीदवार कृष्ण श्योकंद ने अपने साथ-साथ पैनल की जीत पर सभी का आभार जताया और कहा कि वे सभी को साथ लेकर धर्मशाला व समाज हित में कार्य करेंगे। उनकी प्राथमिकता शिक्षा, स्वास्थ्य एवं खेल रहेंगे। जरूरतमंद बच्चों के लिए बेहतरीन कोचिंग सेंटर व लाइब्रेरी खोले जाने की योजना है, ताकि युवा पढ़ाई कर समाज का नाम रोशन कर सकें। प्रयास रहेगा कि हिंदू मैरिज एक्ट बने और सरकार से यह कार्य करवाने का काम करेंगे। इतना ही नहीं विश्व में अपनी पहचान रखने वाली जाट धर्मशाला का और अधिक विस्तार करेंगे।