नासा और इसरो विद्यार्थियों की रुचि विज्ञान में बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी कड़ी में नासा ने स्कूल और कॉलेज के साथ मिलकर एक प्रोजेक्ट लांच किया। इसमें भारत से 35 विद्यालयों और कॉलेज ने हिस्सा लिया। प्रोजेक्ट के तहत विद्यार्थियों की ओर से सौरमंडल में सभी उल्कापिंडों पर नजर रखी गई और उनकी खोज की जो धरती के लिए खतरनाक हो सकते हैं। इस प्रोजेक्ट में सभी विद्यार्थियों ने 85 उल्कापिंड खोजे। इसमें उनके स्कूल के विद्यार्थियों ने 15 उल्कापिंड खोजे और भारत में तीसरा स्थान प्राप्त किया। ये जानकारी स्प्रिंगडेल पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्या शालिनी कपूर ने दी। उन्होंने बताया कि स्कूल की टीम ने जितने नए उल्कापिंड ढूंढे उनका नाम नासा ने स्प्रिंगडेल इस्माईलाबाद के नाम पर रखा।
प्रधानाचार्य ने बताया कि इस प्रोजेक्ट में स्प्रिंगडेल स्कूल हरियाणा से एकमात्र विद्यालय था। उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट में नासा के वैज्ञानिक डॉ स्नेह केसरी ने बच्चों का मार्गदर्शन किया और समय समय पर बच्चों को जानकारी भी दी। विद्यालय से विज्ञान के अध्यापक विनीत गुप्ता इस प्रोजेक्ट के इंचार्ज थे। इस प्रोजेक्ट में आकृति, रमन, भास्कर, ऐश्मित कौर और गुरप्रीत ने भाग लिया। विद्यालय के प्रबंधक नरेश शर्मा ने विद्यार्थियों को इस उपलब्धि के लिए सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय ओर अधिक बेहतर प्रोजेक्ट्स पर विद्यार्थियों के साथ काम करेंगे। इस प्रोजेक्ट पर काम करके तीसरा स्थान प्राप्त करने पर सभी मेंटर्स और बच्चों को नासा की तरफ से सर्टिफिकेट भी भेजे गए है।