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विद्यार्थियों को जीवन जीने की कला और सलीका सिखाते हैं खेल और योग
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मारकंडा नेशनल कॉलेज के सभागार में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में योग और खेल संभावनाएं और चुनौतियां विषय पर अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन हुआ। इसमें हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश के 120 डेलिगेट्स ने ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से पंजीकरण कराया और 70 डेलिगेट्स ऑफलाइन माध्यम से सेमिनार से जुड़े। उन्होंने विभिन्न तकनीकी सत्रों के अपने रिसर्च पेपर प्रस्तुत किए।
प्राचार्य डॉ. अशोक कुमार ने मुख्य वक्ता कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के डीन ऑफ एजुकेशन डॉ. अरविंद मलिक, मुख्य अतिथि एवं खिलाड़ी सुरेश शर्मा, प्रबंधन समिति अध्यक्ष यशपाल वधवा का स्वागत किया। मुख्य वक्ता डॉ. अरविंद मलिक ने कहा कि खेल एक ऐसा विषय है जो किसी भी विद्यार्थी के चेहरे पर मुस्कान लाता है। खेलों को केवल मेडल लाने की दृष्टि से नहीं अपनाना चाहिए। योग एवं खेल के माध्यम से मनुष्य अपने तनाव को कम करके अपनी जीवनशैली में परिवर्तन ला सकता है। मुख्य अतिथि सुरेश शर्मा ने कहा कि खेल जीवन जीने का सलीका और कला सिखाते हैं। खेलों से विद्यार्थियों के जीवन में अनुशासन आता है तथा किसी भी चीज को बेहतर तरीके से करने का मार्गदर्शन प्रशस्त होता है।
अध्यक्ष यशपाल वधवा ने कहा कि जीवन में तरक्की करने के लिए तंदुरुस्त रहना बहुत जरूरी है। खेल एवं योग के द्वारा मनुष्य अपने आप को फिट रख कर स्वस्थ जीवन जी सकता है। सेमिनार में डॉ. सुरेंद्र तंवर, डॉ. नितिन सहगल, डॉ. सोनिया मालिक, डॉ. राम मेहर, डॉ. यशपाल, डॉ. जसबीर, डॉ. अनु चौहान, डॉ. अमित, डॉ. प्रवीण कुमार ने अपने रिसर्च पेपर प्रस्तुत किए।
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प्राचार्य डॉ. अशोक कुमार ने मुख्य वक्ता कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के डीन ऑफ एजुकेशन डॉ. अरविंद मलिक, मुख्य अतिथि एवं खिलाड़ी सुरेश शर्मा, प्रबंधन समिति अध्यक्ष यशपाल वधवा का स्वागत किया। मुख्य वक्ता डॉ. अरविंद मलिक ने कहा कि खेल एक ऐसा विषय है जो किसी भी विद्यार्थी के चेहरे पर मुस्कान लाता है। खेलों को केवल मेडल लाने की दृष्टि से नहीं अपनाना चाहिए। योग एवं खेल के माध्यम से मनुष्य अपने तनाव को कम करके अपनी जीवनशैली में परिवर्तन ला सकता है। मुख्य अतिथि सुरेश शर्मा ने कहा कि खेल जीवन जीने का सलीका और कला सिखाते हैं। खेलों से विद्यार्थियों के जीवन में अनुशासन आता है तथा किसी भी चीज को बेहतर तरीके से करने का मार्गदर्शन प्रशस्त होता है।
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अध्यक्ष यशपाल वधवा ने कहा कि जीवन में तरक्की करने के लिए तंदुरुस्त रहना बहुत जरूरी है। खेल एवं योग के द्वारा मनुष्य अपने आप को फिट रख कर स्वस्थ जीवन जी सकता है। सेमिनार में डॉ. सुरेंद्र तंवर, डॉ. नितिन सहगल, डॉ. सोनिया मालिक, डॉ. राम मेहर, डॉ. यशपाल, डॉ. जसबीर, डॉ. अनु चौहान, डॉ. अमित, डॉ. प्रवीण कुमार ने अपने रिसर्च पेपर प्रस्तुत किए।
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