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दो दिन भी नहीं चली 48 कोस की परिक्रमा कराने वाली स्पेशल पिंक बस
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धर्मनगरी में पर्यटन को बढ़ावा देने और पर्यटकों की सुविधाओं की योजनाएं अपने शुरुआती दौर में ही दम तोड़ रही हैं। 16 मार्च 2020 को जिस 31 सीट वाली स्पेशल गुलाबी मिनी बस सेवा को शुरू किया गया था वो सिर्फ अपने शुभारंभ के बाद से ही बंद है, क्योंकि आठ दिन बाद ही 24 मार्च, 2020 को लॉकडाउन गया था, जिस कारण ये बस वर्कशॉप में खड़ी कर दी गई थी।
आज डेढ़ साल बाद जब हालात बहुत हद तक सामान्य हो गए हैं और अधिकतर गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं, लेकिन यह बस सेवा आज तक बंद ही पड़ी हुई है। इन दिनों कुरुक्षेत्र में हजारों पर्यटक भ्रमण के लिए पहुंचने लगे हैं, ऐसे में विभिन्न धार्मिक स्थलों की परिक्रमा के लिए उन्हें ऑटो या अन्य वाहनों को किराये पर लेकर जेब ढीली करनी पड़ रही है और इसके अलावा इन स्थलों पर पहुंचने के लिए जो परेशानी उठानी पड़ रही है वो अलग है।
स्पेशल मिनी बस के शुभारंभ के दिन विधायक सुभाष सुधा ने न केवल नए बस अड्डे से इस बस हो हरी झंडी दिखाकर रवाना किया बल्कि उन्होंने खुद भी अधिकारियों सहित इस बस में सफर किया था। धार्मिक स्थलों की परिक्रमा कराने का इस बस का यह पहला और आखिरी दिन था। 50 रुपये प्रति व्यक्ति किराया लेकर यह 31 सीटर इस बस से सुबह नौ बजे से लेकर सायं छह बजे तक 14 तीर्थों का भ्रमण कराने की योजना थी। इतना ही नहीं हरियाणा राज्य परिवहन की ओर से ब्रह्मसरोवर के निकट सत्कार भोजनालय के बाहर एक बोर्ड लगाया गया था। इस बोर्ड पर सीट बुक कराने और अन्य जानकारी लेने के लिए तीन फोन नंबर और एक ईमेल आईडी भी अंकित की गई थी। अब पर्यटक इस बोर्ड को देख टिकट बुक कराने के लिए नंबर डायल करते हैं तो मायूसी हाथ लगती है। संवाद
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तीर्थों की परिक्रमा ब्रह्मसरोवर स्थित सत्कार भोजनालय से आरंभ होकर सबसे पहले गांव बीड पिपली स्थित रंतुक यक्ष पहुंचती उसके बाद अभिमन्युपुर, बाण गंगा तीर्थ गांव दयालपुर, कुलतारण गांव किरमच, काम्यकेश्वर तीर्थ कमौदा, शालिहोत्र सारसा, सरस्वती तीर्थ पिहोवा, भूरिश्रवा भौर सैयदा, गीता उपदेश स्थली ज्योतिसर, भीष्म कुंड नरकातारी, स्थाणेश्वर मंदिर, श्रीदेवी कूप मां भद्रकाली मंदिर, सन्निहित सरोवर और अंत में ब्रह्मसरोवर आरती स्थल पर।
रोडवेज महाप्रबंधक अशोक मुंजाल ने कहा कि कोरोना के कारण बस सेवा बंद की गई थी। अब सब सामान्य हो गया तो जल्द ही इस बस को पर्यटकों के लिए रूट पर लाया जाएगा। पहले एक बस चलाई जाएगी। जैसे-जैसे पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी वैसे-वैसे इन बसों की संख्या भी बढ़ा दी जाएगी।
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आज डेढ़ साल बाद जब हालात बहुत हद तक सामान्य हो गए हैं और अधिकतर गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं, लेकिन यह बस सेवा आज तक बंद ही पड़ी हुई है। इन दिनों कुरुक्षेत्र में हजारों पर्यटक भ्रमण के लिए पहुंचने लगे हैं, ऐसे में विभिन्न धार्मिक स्थलों की परिक्रमा के लिए उन्हें ऑटो या अन्य वाहनों को किराये पर लेकर जेब ढीली करनी पड़ रही है और इसके अलावा इन स्थलों पर पहुंचने के लिए जो परेशानी उठानी पड़ रही है वो अलग है।
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स्पेशल मिनी बस के शुभारंभ के दिन विधायक सुभाष सुधा ने न केवल नए बस अड्डे से इस बस हो हरी झंडी दिखाकर रवाना किया बल्कि उन्होंने खुद भी अधिकारियों सहित इस बस में सफर किया था। धार्मिक स्थलों की परिक्रमा कराने का इस बस का यह पहला और आखिरी दिन था। 50 रुपये प्रति व्यक्ति किराया लेकर यह 31 सीटर इस बस से सुबह नौ बजे से लेकर सायं छह बजे तक 14 तीर्थों का भ्रमण कराने की योजना थी। इतना ही नहीं हरियाणा राज्य परिवहन की ओर से ब्रह्मसरोवर के निकट सत्कार भोजनालय के बाहर एक बोर्ड लगाया गया था। इस बोर्ड पर सीट बुक कराने और अन्य जानकारी लेने के लिए तीन फोन नंबर और एक ईमेल आईडी भी अंकित की गई थी। अब पर्यटक इस बोर्ड को देख टिकट बुक कराने के लिए नंबर डायल करते हैं तो मायूसी हाथ लगती है। संवाद
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तीर्थों की परिक्रमा ब्रह्मसरोवर स्थित सत्कार भोजनालय से आरंभ होकर सबसे पहले गांव बीड पिपली स्थित रंतुक यक्ष पहुंचती उसके बाद अभिमन्युपुर, बाण गंगा तीर्थ गांव दयालपुर, कुलतारण गांव किरमच, काम्यकेश्वर तीर्थ कमौदा, शालिहोत्र सारसा, सरस्वती तीर्थ पिहोवा, भूरिश्रवा भौर सैयदा, गीता उपदेश स्थली ज्योतिसर, भीष्म कुंड नरकातारी, स्थाणेश्वर मंदिर, श्रीदेवी कूप मां भद्रकाली मंदिर, सन्निहित सरोवर और अंत में ब्रह्मसरोवर आरती स्थल पर।
रोडवेज महाप्रबंधक अशोक मुंजाल ने कहा कि कोरोना के कारण बस सेवा बंद की गई थी। अब सब सामान्य हो गया तो जल्द ही इस बस को पर्यटकों के लिए रूट पर लाया जाएगा। पहले एक बस चलाई जाएगी। जैसे-जैसे पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी वैसे-वैसे इन बसों की संख्या भी बढ़ा दी जाएगी।