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आयुर्वेद के पांच विषयों में मिल रही छात्रवृत्ति, नौ पर असमंजस

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 14 Feb 2022 01:21 AM IST
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Scholarship in five subjects of Ayurveda, confusion on nine, Kurukshetra
श्री कृष्णा राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय। - फोटो : Kurukshetra
संवाद न्यूज एजेंसी
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कुरुक्षेत्र। श्री कृष्णा राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय के स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए काउंसलिंग का दूसरा दौर चल रहा है। दाखिला लेने के इच्छुक विद्यार्थियों को 15 फरवरी शाम पांच बजे तक ऑनलाइन आवेदन करने का मौका दिया गया है। विद्यार्थी आयुर्वेद के नौ विषयों की आई 52 नई सीट पर दाखिले के बाद छात्रवृत्ति मिलने और न मिलने को लेकर असमंजस की स्थिति में हैं। विद्यार्थियों के इस संशय को आयुष विश्वविद्यालय प्रशासन भी दूर नहीं कर पाया है।
श्री कृष्णा राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय में पंचकर्म, शरीर क्रिया, शरीर रचना, कौमारभृत्य और शल्य तंत्र की 30 सीटों पर तीन साल तक छात्रवृत्ति दी जा रही है। बताया गया कि प्रथम वर्ष के विद्यार्थी को करीब 40 हजार, द्वितीय वर्ष के विद्यार्थी को 42 हजार और अंतिम वर्ष के विद्यार्थी को 45 हजार रुपये प्रति माह छात्रवृत्ति दी जा रही है।
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वहीं सत्र 2022-23 में आयुर्वेद के अन्य नौ विषयों की 52 सीट पर दाखिला लेने वाले विद्यार्थी छात्रवृत्ति मिलने की आस लगाए हुए हैं। उधर, आयुष विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी पत्र जारी कर राज्य सरकार से अतिरिक्त बजट मिलने के बाद छात्रवृत्ति देने की बात कही है।
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एमडी में दाखिला लेने के इच्छुक विद्यार्थी डॉ. दुष्यंत का कहना है कि उनका ऑल इंडिया में 280 वा रैंक है। वह श्री कृष्णा राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय में ही दाखिला लेना चाहते हैं। आयुर्वेद के नौ विषयों में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति मिलेगी या नहीं, इसे लेकर सभी विद्यार्थी असमंजस में हैं। आयुष विश्वविद्यालय प्रशासन को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
ऑल इंडिया में 689 वां रैंक हासिल करने वाली डॉ. हिमांशी गोयल का कहना है कि अच्छा रैंक हासिल करने वाला विद्यार्थी की इच्छा होती है कि क्लीनिकल विषय के साथ छात्रवृत्ति मिले। जब क्लीनिकल सीट पर छात्रवृत्ति न मिलती हो तो विद्यार्थियों को नॉन क्लीनिकल सीट के लिए आवेदन करना पड़ता है। छात्रवृत्ति की स्थिति स्पष्ट न होने के कारण विद्यार्थी नॉन क्लीनिकल सीट पर दाखिला लेने को मजबूर हैं।

श्रीकृष्णा आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बलदेव कुमार का कहना है कि आयुर्वेदिक महाविद्यालय में आयुर्वेद के सभी विषयों में स्नातकोत्तर की पढ़ाई शुरू कराने के साथ-साथ सरकार से अतिरिक्त बजट देने की अपील की है। उम्मीद है कि सरकार जल्द ही विश्वविद्यालय का अतिरिक्त बजट जारी करेगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि स्नातकोत्तर करने वाले सभी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी जाएगी।
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