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फिर आंदोलन की राह पर किसान: 20 मार्च को दिल्ली कूच का एलान, करेंगे महापंचायत, सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप
Thu, 09 Feb 2023 08:05 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Thu, 09 Feb 2023 08:05 PM IST
सार
कुरुक्षेत्र की जाट धर्मशाला में संयुक्त किसान मोर्चा की राष्ट्रीय बैठक हुई। संगठन दिल्ली पहुंच महापंचायत कर बड़े आंदोलन की तैयारी में है। किसानों ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है और मांगों की अनदेखी पर नाराजगी जताई है।
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कुरुक्षेत्र में किसानों की बैठक।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने लंबित मांगों के समर्थन में दोबारा से बड़े आंदोलन का एलान किया है। हरियाणा के कुरुक्षेत्र में जाट धर्मशाला में वीरवार को हुई राष्ट्रीय बैठक में एसकेएम ने कई अहम निर्णय लिए। साढ़े तीन घंटे चली बैठक में यूपी, पंजाब, हरियाणा सहित विभिन्न प्रदेशों से आए किसान संगठनों के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में 20 मार्च को दिल्ली कूच कर महापंचायत करने का निर्णय लिया गया।
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पत्रकारों से बातचीत में संयुक्त किसान मोर्चा के वरिष्ठ नेता युद्धवीर सिंह ने बताया कि किसानों की लंबित मांगों को लेकर किसान फिर से आंदोलन के लिए मजबूर हैं। इसके तहत देशभर के किसान 20 मार्च को दिल्ली की ओर कूच करेंगे। उन्होंने कहा कि पूर्व में किसान आंदोलन के दौरान सरकार की ओर से दिए गए आश्वासन अब तक पूरे नहीं हुए। सरकार अपने वादे पर खरा नहीं उतरी।
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ऐसे में अब 20 तारीख को दिल्ली कूच करने के बाद वहां महापंचायत की जाएगी, जिसमें बड़े आंदोलन का निर्णय लिया जाएगा। रणनीति के तहत आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर एसकेएम सरकार को घेरने का काम करेगा ताकि वह अपनी मांगों को पूरा करवा सके।
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किसान नेता डॉ. सुनील ने कहा कि किसान आंदोलन ने हमें बहुत कुछ सिखा दिया है, इसलिए इस बार संयुक्त किसान मोर्चा का एक संविधान बनाने जा रहे हैं। इसके आधार पर आगामी फैसले लिए जाएंगे। कोई किसान संगठन एसकेएम से जुड़ेगा तो उसके लिए नियम कानून भी रहेंगे।
इसके साथ ही एक 31 सदस्यीय कमेटी का गठन भी किया जाएगा। उधर, मोहाली में चल रहे कौमी इंसाफ मोर्चा में पूरी तरह से समर्थन और सहयोग एसकेएम की ओर से दिया गया है। इस मौके पर पंजाब से जोगिंद्र उगरा, डॉ. दर्शन पाल, अमरजीत सिंह मोहड़ी, राजाराम, सुरेश कौत सहित कई किसान नेता मौजूद रहे।
एसकेएम की ओर से यह रखी मांगें
एसकेएम की ओर से स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने, कर्ज माफी, लखीमपुर मामले में केंद्रीय मंत्री को पद से हटाने, किसान आंदोलन के दौरान किसानों से किए वादे पूरे करने सहित एमएसपी को लागू करने की मांग रखी है। साथ ही प्रत्येक प्रदेश की मुख्य फसलों पर भी एमएसपी लागू करने की मांग रखी गई है।