फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   Religious leaders took a pledge to make a united India in Kurukshetra

कुरुक्षेत्र में धर्म संसद: धर्मगुरुओं ने लिया संकल्प, प्यार मोहब्बत से बदलेगा माहौल, अखंड भारत बनाकर रहेंगे

Wed, 01 Feb 2023 05:04 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Wed, 01 Feb 2023 05:04 PM IST
सार

बाबा रामदेव ने कहा कि पीओके का विलय भारत में होने वाला है, इतना ही नहीं तिब्बत तक एक भारत होगा। कुरुक्षेत्र में धर्मनगरी के पवित्र ब्रह्मसरोवर तट पर विभिन्न धर्मगुरुओं ने अखंड भारत बनाने का संकल्प लिया। कहा कि महर्षि दयानंद का अखंड भारत का सपना पूरा करेंगे। अगली धर्म संसद दिल्ली में होगी। 

विज्ञापन
Religious leaders took a pledge to make a united India in Kurukshetra
धर्मनगरी के पवित्र ब्रह्मसरोवर तट पर विभिन्न धर्मगुरुओं ने लिया संकल्प। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

प्यार मोहब्बत से माहौल बदलेगा। अखंड भारत बनाकर रहेंगे। सभी धर्म, ग्रंथों व महापुरुषों का सम्मान करेंगे और देश को विश्वगुरू बनाने के भरसक प्रयास किए जाएंगे। यह संकल्प बुधवार को विभिन्न धर्मगुरुओं ने धर्मनगरी (हरियाणा का कुरुक्षेत्र) के पवित्र ब्रह्मसरोवर तट पर लिया। मौका था महर्षि दयानंद सरस्वती की द्वितीय शताब्दी समारोह के शुभारंभ पर धर्म ससंद का, जिसमें विभिन्न मत एवं धार्मिक परंपराओं के आचार्य, संत एवं धर्मगुरू शामिल हुए। समारोह का शुभारंभ योग गुरू स्वामी रामदेव ने किया।

विज्ञापन


मंच से हर संत ने स्वामी दयानंद सरस्वती के दुनिया भर में संदेश फैलाने के साथ-साथ भात को अखंड बनाने का आह्वान किया। ऑल इंडिया इमाम आर्गेनाइजेशन के मुख्य इमाम डॉ. इमाम उमेर अहमद इलियासी ने भी बड़ी पहल करते हुए हजारों लोगों के बीच मंच से सभी संतों के साथ अखंड भारत का संकल्प दिलाया।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि जब भारत फिर से अखंड होगा तो तभी महर्षि स्वामी दयानंद के सपनों का भारत बन पाएगा। आह्वान किया कि आज भारत बदल रहा है और इस बदलते भारत को अखंड बनाना ही होगा। इस दौरान चारों ओर जयकारे गूंजने लगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


पीओके ही नहीं तिब्बत तक भारत एक होगा: रामदेव
योग गुरु स्वामी रामदेव ने कहा कि अखंड भारत का सपना पूरा करना होगा और देश इस राह पर है। जल्द ही पीओके का विलय भारत में होने वाला है तो तिब्बत तक एक भारत होगा। यह अखंड भारत होगा तो महर्षि दयानंद सरस्वती को सच्ची श्रद्धांजलि भी होगी। उन्होंने शपथ दिलाते हुए कहा कि हम सभी एक ही पूर्वजों व ईश्वर की संतान है। एक ही भारतमाता की संतान है। उन्होंने आह्वान किया कि हम एक दूसरे के घर में न घुसे, स्वयं में दृढ़ता रखें तो सभी के प्रति उदारता रखें।

महर्षि दयानंद के सूत्रों का जिक्र करते हुए कहा कि अब मैकाले की शिक्षा का अंत होगा। कुंठाओं से बाहर निकलकर गौरव की अनुभूति करनी होगी। शौर्य, साहस व पराक्रम के बिना कोई लड़ाई नहीं जीती जा सकती और अखंड भारत बनाने के लिए अब सभी को एकजुटता दिखानी होगी। रामदेव ने सभी धर्मों को एकजुटता का आह्वान करते हुए कहा कि दाड़ी मूछों व टोपी के चक्कर में न पड़ें। एक-दूसरे के प्रति उगला जा रहा जहर बंद करना होगा। समाज में पवित्रता लाते हुए नफरत मिटानी होगी। वेदों की ओर लौटना होगा। उन्होंने कहा कि जब वेद में भेद नहीं आपस में भेदभाव क्यों। हमें आचरण बदलना होगा।


जल्द भारत में शामिल होगा पाकिस्तान: ईलयासी
जामा मस्जिद के इमाम डॉ. उमर अहमद ईलयासी ने अखंड भारत का आह्वान करते हुए कहा कि पाकिस्तान जल्द भारत में शामिल होगा। वहां हालात बेहाल है। भूखमरी बढ़ रही है। वहां की जनता ने ठान लिया है वापस अपने भारत जाना है। यह बदलते भारत की तस्वीर है और अखंड भारत की कल्पना जल्द पूरी होने वाली है। पाकिस्तान ही नहीं बंग्लादेश व अफगानीस्तान भी भारत में आएगा। उन्होंने अखंड भारत के जयकारे लगवाते हुए कहा कि सबसे बड़ा धर्म इंसानियत का है। हमारे लिए भारतीयता ही सबसे बड़ी है। उन्होंने कहा कि नमाज का मतलब ईश्वर के आगे झुकना होता है और हम सभी ईश्वर की प्रार्थना करते हैं, लेकिन तरीका अलग-अलग है। उन्होंने कहा कि एक पाकिस्तानी ने उन्हें पूछा था कि भारत क्या है, जब भारत की सभ्यता व संस्कृति के साथ उसे जवाब दिया तो वह सन्न रह गया था।

भारत अखंड होगा तो लाहौर में बनेगा आर्य समाज का दफ्तर:  मौलाना मुस्तफा
अमरोहा से आए मौलाना कोकब मुस्तफा ने कहा दुनिया में जितने भी ग्रंथ है, सभी में एक-दूसरे के प्रति विरोध में कुछ न कुछ लिखा है, लेकिन उन्होंने गीता का हर श्लोक पढ़ा है। यह सिफ पुस्तक नहीं ज्ञान व दिशा दिखाने वाली दरिया है। इसमें किसी के विरोध में नहीं लिखा। पूरी दुनिया गीता की ताकत के आगे कमजोर है। महर्षि दयानंद चमकते सितारे की तरह अपने जीवन में काम कर गए। ऐसा धर्मगुरु पूरे संसार का रखवाला होता है और अब उनके दिखाए मार्ग पर चलते हुए भारत को अखंड बनेगा तो लाहौर में उनकी नीतियों को लेकर दफ्तर होगा।। उन्होंने कहा कि आज विरोधी भारत जिंदाबाद कहने लगे हैं और वे जान गए हैं कि भारत से अमन व चैन का ही संदेश आता है। विश्वगुरु बनेगा तो भारत ही बनेगा कोई दूसरा देश नहीं। गीता को मन में बसाकर आंतकियों के दिल दहलाने होंगे।


इन्होंने भी किया संबोधित

धर्म संसद को जूना अखाड़ा के पीठाधीश्वर अवधेशानंद गिरी, गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद, गोस्वामी सुशील महाराज, ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी, विस्टियन कोलियानम,  मौलाना मोहम्द मदनी, हाजी सैयद सलमान चिश्ती,  दिलीप सिंह, आगरा से डॉ. यशदेव, बुलंदशहर से आए स्वामी हितकारी, तिब्बत से धर्मगुरू दलाईलामा के अनुयायी आचार्य यशी ने भी संबोधन किया। मंच संचालन स्वामी संपूर्णानंद ने किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed