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Kurukshetra News: तापमान में कमी गेहूं की फसल के लिए जरूरी
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कुरुक्षेत्र। सुबह से धूप खिलने से मौसम में बदलाव नजर आया, तापमान में बढ़ोतरी होने के चलते ठंड से लोगों को अब राहत मिलने लगी है। सुबह से धूप खिलने पर जहां लोग धूप सेंकने के लिए पार्कों का रुख कर रहे हैं तो वहीं युवा भी खेल के मैदानों में क्रिकेट मैच खेलने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। रविवार सुबह धूप खिलने से लोगों को ठंड से बड़ी राहत मिली। मौसम साफ रहने के चलते सुबह के समय लोग सैर करते भी दिखाई दिए।
सुबह से ही धूप खिलने के चलते बाजार में भी रौनक दिखाई दी। लोग बाजार में खरीदारी करते नजर आए, जिससे दुकानदारों के चेहरों पर भी खुशी की झलक देखने को मिली। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों में मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। आसमान में बादल छाए रहने के कारण ठंड का असर बना रहेगा और लोगों को अभी भी शीतलहर का सामना करना पड़ेगा। रविवार को अधिकतम तापमान 23 डिग्री और न्यूनतम नौ डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि सोमवार को अधिकतम तापमान 24 डिग्री और न्यूनतम 13 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।
कृषि वैज्ञानिक डॉ. सीबी सिंह का कहना है कि अभी गेहूं की फसल के लिए ठंड का रहना जरूरी है, अभी गेहूं की फसल के दाने का विकास हो रहा है, जिसके लिए 25 डिग्री से कम तापमान होना चाहिए। अगले दो दिनों में आसमान में बादल छाए रहने के चलते तापमान कमी बनी रहेगी, जोकि गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद साबित होगी। इसके अलावा अब फरवरी से मार्च माह तक किसान ग्रीष्मकालीन फसलों की बुवाई कर सकते हैं। ग्रीष्मकालीन फसलों की बुवाई करने का फरवरी से मार्च माह उपयुक्त समय है।
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सुबह से ही धूप खिलने के चलते बाजार में भी रौनक दिखाई दी। लोग बाजार में खरीदारी करते नजर आए, जिससे दुकानदारों के चेहरों पर भी खुशी की झलक देखने को मिली। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों में मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। आसमान में बादल छाए रहने के कारण ठंड का असर बना रहेगा और लोगों को अभी भी शीतलहर का सामना करना पड़ेगा। रविवार को अधिकतम तापमान 23 डिग्री और न्यूनतम नौ डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि सोमवार को अधिकतम तापमान 24 डिग्री और न्यूनतम 13 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।
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कृषि वैज्ञानिक डॉ. सीबी सिंह का कहना है कि अभी गेहूं की फसल के लिए ठंड का रहना जरूरी है, अभी गेहूं की फसल के दाने का विकास हो रहा है, जिसके लिए 25 डिग्री से कम तापमान होना चाहिए। अगले दो दिनों में आसमान में बादल छाए रहने के चलते तापमान कमी बनी रहेगी, जोकि गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद साबित होगी। इसके अलावा अब फरवरी से मार्च माह तक किसान ग्रीष्मकालीन फसलों की बुवाई कर सकते हैं। ग्रीष्मकालीन फसलों की बुवाई करने का फरवरी से मार्च माह उपयुक्त समय है।
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