फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   Red lights closed for two years

दो साल से लाल बत्तियां बनी हुई है सफेद हाथी, ट्रैफिक व्यवस्था राम भरोसे

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 10 Aug 2021 01:23 AM IST
विज्ञापन
Red lights closed for two years
गुलजारीलाल नंदा मार्ग पर यातायात को व्यवस्थित करने के लिए लगी लाल बत्तियां पिछले करीब दो साल से खुद सफेद हाथी बनी हुई हैं। पिपली से लेकर थर्ड गेट तक चार जगह लाल बत्तियां और 10 जगह ब्लिंकर लगे हुए हैं। एक तो निर्माणाधीन सड़क और दूसरा बंद पड़ी लाल बत्तियों के कारण आए दिन हादसे होना आम बात हो गई है। वाहन चालक मनमर्जी से चल रहे हैं, जिन पर यातायात पुलिस का भी कंट्रोल नहीं है। प्रशासन बत्तियों को ठीक कराने के प्रति बिल्कुल भी गंभीर नहीं है, जिसके चलते शहर में यातायात व्यवस्था पूरी तरह से डगमगाई हुई हैं। इस सड़क पर 19 कट हैं। रेड लाइट बंद होने के कारण वाहन चालक तेजी से इन कटों को पार करते हैं। आपाधापी में कई बार तो बड़ा हादसा भी हो जाता है।
विज्ञापन

पिपली से लेकर थर्ड गेट तक चौराहों पर लगी चार लाल बत्तियां और 10 से बलिंकर पिछले करीब दो साल से बंद पड़े हैं। ऐसी स्थिति में पिछले दो माह में इस मार्ग पर करीब 30 दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं, लेकिन प्रशासन ने इन दुर्घटनाओं से अभी तक कोई सबक नहीं लिया। बता दें कि पिपली चौक पर अंबाला, करनाल, लाडवा की ओर से आने वाले ट्रैफिक को कंट्रोल करने के लिए सात रेड लाइट लगी हुई है, जो कि बंद पड़ी हैं। वहीं पिपली पूजा मॉडर्न स्कूल के कट के पास रेड लाइट बंद हैं। इसी प्रकार नए बस अड्डे के पास रेड लाइट सफेद हाथी बनी हुए हैं। सड़क की खराब हालत के चलते वाहन चालकों के लिए यह मार्ग खतरों से भर गया है। प्रशासन इन बत्तियों को ठीक कराने की बजाए हाथ पर हाथ धरे दुर्घटनाएं होती देख रहा है। सड़क पर कई आए दिन जाम की स्थिति भी बनी रहती है।
विज्ञापन

रेड लाइटों के बंद होने से हो रहे हादसे : राजेश
राजेश ने कहा कि गुलजारी लाल नंदा मार्ग सबसे व्यस्त मार्ग है। प्रशासन को कम से कम इस रोड पर यातायात नियंत्रित रखने के लिए लगाई गई रेड लाइटों को तो दुरुस्त रखना चाहिए। रेड लाइटों के खराब होने के कारण अपनी मनमर्जी से चल रही यातायात व्यवस्था आए दिन दुर्घटनाओं को अंजाम दे रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

स्कूल की छुट्टी के समय रहता है डर : प्रतीक
शहरवासी प्रतीक गाबा ने बताया कि बीएसएनएल चौक के पास उसकी दुकान है। दोपहर के समय जब स्कूल की छुट्टी होती है तो वाहन सवार विद्यार्थी इसी चौराहे से गुजरते हैं। इनमें से ज्यादातर विद्यार्थी वाहन चलाने के लिए परिपक्व नहीं होते, जिसकी वजह से यातायात व्यवस्था बिगड़ जाती है। इसके चलते यहां रेडलाइट होनी बेहद जरूरी है, ताकि स्कूल से निकलने वाले वाहन सवार व पैदल विद्यार्थियों को जाने का रास्ता मिल सके।
चौक पर नहीं यातायात पुलिस : दीपक
दीपक वर्मा ने कहा कि रेड लाइट यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए होती है, ताकि वाहन चालक नियम से चल सके। मगर सबसे व्यस्त चौक होने के चलते न तो यहां रेडलाइट को सुचारु रखा गया है और न ही यातायात पुलिसकर्मी यहां मुस्तैद रहते हैं। इस वजह से वाहन चालक अपनी मनमर्जी चलाते हैं और कोई भी कहीं से भी इस चौक को पार कर जाता है।

सड़क निर्माण के कारण बंद हैं लाइटें : डीएसपी
ट्रैफिक डीएसपी नरेंद्र कादियान ने बताया कि सड़क निर्माण के चलते रेड लाइटें बंद थीं। लाइटों को नए कनेक्शन देकर जल्द दुरुस्त कर दिया जाएगा। वहीं, ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए सभी चौराहों पर यातायात पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed