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रत्नावली समारोह : आत्मनिर्भर व स्वावलंबी भारत के होंगे दर्शन, सजाई जाएंगी 40 से अधिक स्टालें
Sun, 26 Oct 2025 01:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Sun, 26 Oct 2025 01:22 AM IST
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कुरुक्षेत्र। रत्नावली महोत्सव के लिए तैयार किया जा रहा हरियाणवी पैवेलियन। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के 28 से 31 अक्टूबर तक होने वाले हरियाणवी संस्कृति का महाकुंभ कहे जाने वाले कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के रत्नावली महोत्सव में आत्मनिर्भर व स्वावलंबी भारत के दर्शन होंगे, जिसके लिए 40 से अधिक स्टालें सजाई जाएंगी। हरियाणवी सांग से लेकर पहनावे तक की झलक यहां देखने को मिलेगी। इसके लिए खास हरियाणवी पैवेलियन तैयार किया जा रहा है। महोत्सव की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। विश्वविद्यालय प्रदेशभर से आने वाले युवा कलाकारों के स्वागत के लिए तैयार है।
महोत्सव में विश्वविद्यालय के गृह विभाग, ललित कला विभाग व टूरिज्म एंड होटल मैनेजमेंट विभाग के छात्रों को 40 के करीब स्टाल आवंटित होंगे, जिसमें वे स्वयं के तैयार किए गए उत्पाद को बेच सकेंगे और उससे जो आमदनी होगी उसे छात्र स्वयं अपने पास रखेंगे। कुलपति प्रो सोमनाथ सचदेवा का कहना है कि विश्वविद्यालय का ध्येय है कि छात्र स्वावलम्भी बनकर विकसित और आत्मनिर्भर के निर्माण में अपना योगदान दे सकें। पिछले 10 दिनों से रत्नावली टीम के 200 के करीब सदस्य समारोह के सफल आयोजन को लेकर कार्य कर रहे हैं। 6 मंचों पर 34 विधाओं में विभिन्न विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों के 35 के करीब कलाकार 4 दिनों तक अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर सफल आयोजन 14 कमेटियों का गठन किया गया है।
प्रदर्शित होगी बंदरवाल, फुलझड़ी, इंडी
युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के निदेशक प्रो. विवेक चावला के मुताबिक रत्नावली समारोह में हरियाणवी संस्कृति से ओत-प्रोत प्रदर्शनी का भी आयोजन किया जाएगा जिसमें बंदरवाल, फुलझड़ी, इंड़ी आदि चीजों को प्रदर्शित करने के साथ-साथ प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जाएगा।
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पॉडकास्ट के माध्यम से विशेष अतिथियों का होगा साक्षात्कार
केयू जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान व लोक संपर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया का कहना है कि इस बार रत्नावली समारोह में पॉडकास्ट के लिए एक निश्चित स्थान तय किया गया है जहां पर समारोह में आने वाले विशिष्ट मेहमानों का हरियाणा की लोक कला एवं संस्कृति को लेकर साक्षात्कार किया जाएगा। इसके साथ ही पॉडकास्ट के माध्यम से किए गए साक्षात्कार को केयू सोशल मीडिया प्लेटफार्म भी साझा किया जाएगा।
हरियाणवी पकवान होंगे खास आर्कषण
महोत्सव में हरियाणवी पकवान देशी घी का चूरमा, कसार, खिचड़ी, लस्सी, जलेबी, खीर, पूडे़, गुलगुले व सवाली आदि विशेष आकर्षण का केन्द्र होंगे। चूरमा और कसार जहां देसी घी और गुड़ के स्वाद से मन मोह लेते हैं, वहीं जलेबी और खीर जैसे मीठे व्यंजन हर उत्सव की मिठास बढ़ाते हैं, तो पूड़े, गुलगुले और सवाली हरियाणवी रसोई की परंपरागत झलक पेश करते हैं।
6 मंचों पर 34 विधाओं में प्रतिभागी देंगे सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
महोत्सव में केयू ऑडिटोरियम हॉल, आरके सदन, ओपन एयर थियेटर, सीनेट हॉल, खुला मंच व क्रश हॉल मंच से 34 विधाओं में विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के लगभग 3500 प्रतिभागी अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे।
संगीत कार्यक्रमों में हरियाणवी ग्रुप सोंग, हरियाणवी लोकगीत, हरियाणवी भजन, हरियाणवी रागनी, पॉप सोंग हरियाणवी, हरियाणवी फोक इंस्ट्रूमेंट सोलो, हरियाणवी फॉक आरकेस्ट्रा, ड्यूट रागनी, हरियाणवी गजल शामिल है।
युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के निदेशक प्रो. विवेक चावला ने बताया कि थियेटर में हरियाणवी चौपाल, हरियाणी सांग, हरियाणवी वन-एक्ट-प्ले, हरियाणवी स्किट, हरियाणवी रिचुअल्स, मोनो एक्टिंग इन हरियाणवी, शॉर्ट फिल्म इन हरियाणवी शामिल है। इसके साथ ही डांस विधा में हरियाणवी लूर नृत्य (न्यू इवेंट), हरियाणवी सोलो डांस पुरुष तथा महिला, रसिया ग्रुप डांस (हरियाणवी), हरियाणवी ग्रुप डांस, हरियाणवी कोरियाग्राफी शामिल है।
ललित कला में हरियाणवी फैशन शो (न्यू इवेंट), ऑन द स्पोट पेंटिंग ऑन हरियाणा, पेंटिंग प्रदर्शनी ऑन हरियाणा, हरियाणवी पगड़ी, प्राचीन ऐतिहासिक हरियाणवी संग्रह, फॉक कास्च्यूम पुरुष, फॉक कास्च्यूम महिला तथा फॉक हैंडिक्राफ्ट प्रतियोगिता शामिल है। लिटरेरी इवेंट में हरियाणवी प्रश्नोत्तरी, हरियाणवी कविता, हरियाणवी में भाषण तथा टिट-बिट्स प्रतियोगिता इन हरियाणवी सम्मिलित है।
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के 28 से 31 अक्टूबर तक होने वाले हरियाणवी संस्कृति का महाकुंभ कहे जाने वाले कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के रत्नावली महोत्सव में आत्मनिर्भर व स्वावलंबी भारत के दर्शन होंगे, जिसके लिए 40 से अधिक स्टालें सजाई जाएंगी। हरियाणवी सांग से लेकर पहनावे तक की झलक यहां देखने को मिलेगी। इसके लिए खास हरियाणवी पैवेलियन तैयार किया जा रहा है। महोत्सव की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। विश्वविद्यालय प्रदेशभर से आने वाले युवा कलाकारों के स्वागत के लिए तैयार है।
महोत्सव में विश्वविद्यालय के गृह विभाग, ललित कला विभाग व टूरिज्म एंड होटल मैनेजमेंट विभाग के छात्रों को 40 के करीब स्टाल आवंटित होंगे, जिसमें वे स्वयं के तैयार किए गए उत्पाद को बेच सकेंगे और उससे जो आमदनी होगी उसे छात्र स्वयं अपने पास रखेंगे। कुलपति प्रो सोमनाथ सचदेवा का कहना है कि विश्वविद्यालय का ध्येय है कि छात्र स्वावलम्भी बनकर विकसित और आत्मनिर्भर के निर्माण में अपना योगदान दे सकें। पिछले 10 दिनों से रत्नावली टीम के 200 के करीब सदस्य समारोह के सफल आयोजन को लेकर कार्य कर रहे हैं। 6 मंचों पर 34 विधाओं में विभिन्न विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों के 35 के करीब कलाकार 4 दिनों तक अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर सफल आयोजन 14 कमेटियों का गठन किया गया है।
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प्रदर्शित होगी बंदरवाल, फुलझड़ी, इंडी
युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के निदेशक प्रो. विवेक चावला के मुताबिक रत्नावली समारोह में हरियाणवी संस्कृति से ओत-प्रोत प्रदर्शनी का भी आयोजन किया जाएगा जिसमें बंदरवाल, फुलझड़ी, इंड़ी आदि चीजों को प्रदर्शित करने के साथ-साथ प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जाएगा।
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पॉडकास्ट के माध्यम से विशेष अतिथियों का होगा साक्षात्कार
केयू जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान व लोक संपर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया का कहना है कि इस बार रत्नावली समारोह में पॉडकास्ट के लिए एक निश्चित स्थान तय किया गया है जहां पर समारोह में आने वाले विशिष्ट मेहमानों का हरियाणा की लोक कला एवं संस्कृति को लेकर साक्षात्कार किया जाएगा। इसके साथ ही पॉडकास्ट के माध्यम से किए गए साक्षात्कार को केयू सोशल मीडिया प्लेटफार्म भी साझा किया जाएगा।
हरियाणवी पकवान होंगे खास आर्कषण
महोत्सव में हरियाणवी पकवान देशी घी का चूरमा, कसार, खिचड़ी, लस्सी, जलेबी, खीर, पूडे़, गुलगुले व सवाली आदि विशेष आकर्षण का केन्द्र होंगे। चूरमा और कसार जहां देसी घी और गुड़ के स्वाद से मन मोह लेते हैं, वहीं जलेबी और खीर जैसे मीठे व्यंजन हर उत्सव की मिठास बढ़ाते हैं, तो पूड़े, गुलगुले और सवाली हरियाणवी रसोई की परंपरागत झलक पेश करते हैं।
6 मंचों पर 34 विधाओं में प्रतिभागी देंगे सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
महोत्सव में केयू ऑडिटोरियम हॉल, आरके सदन, ओपन एयर थियेटर, सीनेट हॉल, खुला मंच व क्रश हॉल मंच से 34 विधाओं में विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के लगभग 3500 प्रतिभागी अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे।
संगीत कार्यक्रमों में हरियाणवी ग्रुप सोंग, हरियाणवी लोकगीत, हरियाणवी भजन, हरियाणवी रागनी, पॉप सोंग हरियाणवी, हरियाणवी फोक इंस्ट्रूमेंट सोलो, हरियाणवी फॉक आरकेस्ट्रा, ड्यूट रागनी, हरियाणवी गजल शामिल है।
युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के निदेशक प्रो. विवेक चावला ने बताया कि थियेटर में हरियाणवी चौपाल, हरियाणी सांग, हरियाणवी वन-एक्ट-प्ले, हरियाणवी स्किट, हरियाणवी रिचुअल्स, मोनो एक्टिंग इन हरियाणवी, शॉर्ट फिल्म इन हरियाणवी शामिल है। इसके साथ ही डांस विधा में हरियाणवी लूर नृत्य (न्यू इवेंट), हरियाणवी सोलो डांस पुरुष तथा महिला, रसिया ग्रुप डांस (हरियाणवी), हरियाणवी ग्रुप डांस, हरियाणवी कोरियाग्राफी शामिल है।
ललित कला में हरियाणवी फैशन शो (न्यू इवेंट), ऑन द स्पोट पेंटिंग ऑन हरियाणा, पेंटिंग प्रदर्शनी ऑन हरियाणा, हरियाणवी पगड़ी, प्राचीन ऐतिहासिक हरियाणवी संग्रह, फॉक कास्च्यूम पुरुष, फॉक कास्च्यूम महिला तथा फॉक हैंडिक्राफ्ट प्रतियोगिता शामिल है। लिटरेरी इवेंट में हरियाणवी प्रश्नोत्तरी, हरियाणवी कविता, हरियाणवी में भाषण तथा टिट-बिट्स प्रतियोगिता इन हरियाणवी सम्मिलित है।

कुरुक्षेत्र। रत्नावली महोत्सव के लिए तैयार किया जा रहा हरियाणवी पैवेलियन। संवाद