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एसीएस ने कोरोना के सैंपल टेस्ट बढ़ाने के दिए आदेश

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 14 Aug 2020 12:00 AM IST
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Rajeev Arora release order doing fase corona sampling
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक लेते हरियाणा स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजी? - फोटो : Kurukshetra
जिले में कोविड-19 की धीमी रफ्तार से हो रही सैंपलिंग पर अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित समाचार पर संज्ञान लेते हुए हरियाणा स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा ने जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग को आशा वर्करों द्वारा किये जा रहे सर्वे के साथ ही अधिक से अधिक सैंपलिंग करने के आदेश दिए हैं। कहा कि इस दौरान अन्य बीमारियों से पीड़ित लोगों की पहचान भी की जाएगी, ताकि सभी का इलाज किया जा सके और जिलों में लगातार बढ़ रहे पॉजिटिव केसों और मृत्युदर को कम किया जा सके।
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उन्होंने कहा कि यह तभी संभव हो पाएगा जब सर्वे करके अधिक से अधिक लोगों के सैंपल लिए जाएंगे। इसलिए सभी जिले सैंपल लेने की संख्या को बढ़ाना सुनिश्चित करें। स्वास्थ्य विभाग को सिविल अस्पताल के साथ-साथ सीएचसी और पीएचसी स्तर पर भी फ्लू क्लीनिक में लोगों को चेक करने के आदेश दिए। वे वीरवार को देर सायं लघु सचिवालय के सभागार में कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत और यमुनानगर जिलों के डीसी, एसपी, एडीसी, एसडीएम, सीएमओ सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की कोविड-19 को लेकर किए कार्यों और भावी योजनाओं की समीक्षा को लेकर एक बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस बैठक में एसीएस ने सभी जिलों के डीसी, एसपी, एडीसी, सीएमओ सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारियों से व्यक्तिगत रुप से बातचीत कर जिलों में कोविड-19 को लेकर किए कार्यों और भावी योजनाओं की फीडबैक रिपोर्ट हासिल की।
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उन्होंने कहा कि सभी उपायुक्त अपने-अपने सब डिवीजन के एसडीएम को पीएचसी और सीएचसी स्तर पर चिकित्सकों के साथ कोरोना वायरस को रोकने के लिए तैयार की गई योजना पर नियमित रुप से चर्चा करें और सीएमओं आईएमए के साथ बैठक करना सुनिश्चित करें। इतना ही नहीं उपायुक्त रोजाना एक घंटा कोरोना मैनेजमेंट प्लानिंग पर फोकस रखें और नियमित रूप से फीडबैक लेकर कमियों को दुरुस्त करना सुनिश्चित करें। इसके अलावा मोबाइल टीमों के माध्यम से भी सिम्टोमैटिक लोगों को चैक किया जाए और उनकी सैंपलिंग भी करवाई जाए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से संक्रमित क्षेत्रों में प्रशासनिक अधिकारियों को पूरा फोकस रखना होगा। इस क्षेत्र में कोरोना से संक्रमित लोगों को सिम्टम और जरूरत के अनुसार अस्पताल, कोविड केयर सेंटर, होम आईसोलेशन में रखा जाए। इस क्षेत्र में कोरोना से संक्रमित लोगों की चैन में सैंपल लिए जाए और पूर्णत: सावधानी बरती जाए ताकि कोरोना वायरस का फैलाव ना हो सके।
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हरियाणा खाद्य एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त अशोक कुमार मीणा ने कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत और यमुनानगर जिलों के कोरोना वायरस से सम्बन्धित डाटा को विस्तार से रखते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को पॉजिटिव केस की चैन में आने वाले सभी लोगों के सैंपल लेने के आदेश दिए हैं। कहा कि 72घंटे के अंदर इस कार्रवाई को अंजाम देना है। लोगों को मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग के बारे में जागरूक करें। मास्क न पहनने वाले व्यक्ति का चालान करें। इसके साथ ही उन्होंने सीएमओ को जिलों में कोरोना सैंपलों के आंकड़े को बढ़ाना है।
हरियाणा स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव प्रभजोत सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की तरफ से गांवों और शहरों में सर्वे करवाया जाएगा। इस अभियान के दौरान अधिका लोगों के टेस्ट करने है। कहा कि इस आरोग्य सेतु एप के अलावा संजीवनी एप के बारे में भी लोगों को जागरूक किया जाए। स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक डॉ. सूरजभान काम्बोज व स्वास्थ्य सेवाएं हरियाणा की निदेशिका डॉ. उषा गुप्ता ने भी अपने विचार रखे। उपायुक्त ने धीरेन्द्र खड़गटा ने कुरुक्षेत्र जिले में कोरोना वायरस को लेकर किए गए तमाम कार्यों और गतिविधियों पर प्रकाश डाला और कहा कि कोरोना वायरस के संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे है।
टोल फ्री नंबर 1075 पर आम नागरिक डॉक्टरों से कर सकता है परामर्श
एसीएस ने कहा कि कोविड-19 को लेकर स्वास्थ्य विभाग की तरफ से 1075 टोल फ्री टेली मेडिसन सेवाएं दी जा रही है। इस टोल फ्री नंबर पर कोई भी व्यक्ति फोन करके डॉक्टरों की सलाह ले सकता है और इसी नंबर पर बीमार व्यक्ति की काउंसलिंग भी की जाती है। इस नंबर पर मानसिक रोग विशेषज्ञ उपलब्ध रहते हैं।
2023 तक प्रदेश को टीबी रोग से मुक्त करने का लक्ष्य
एसीएस ने कहा कि राज्य सरकार की तरफ वर्ष 2025 तक हरियाणा प्रदेश को टीबी रोग से मुक्त प्रदेश बनाने का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि इस लक्ष्य को वर्ष 2023 तक पूरा कर लिया जाए। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ सभी विभागों के अधिकारी एक साथ मिलकर कार्य करेंगे।
कोरोना के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग के अन्य कार्यक्रमों पर भी रखना होगा फोकस
एसीएस ने कहा कि कोरोना वायरस ने एक वैश्विक महामारी का रूप धारण कर लिया है। इस महामारी के बचाव और रोकथाम के लिए हरियाणा प्रदेश के सभी अधिकारी एक प्लेटफार्म पर आकर काम कर रहे है। इस महामारी में एक साथ स्वास्थ्य विभाग ही नहीं अन्य विभागों के अधिकारियों का काम करना एक इतिहास है। इस महामारी के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों को डेंगू, मलेरिया, हेपेटाईटिस बी जैसी अन्य बीमारियों पर भी पूर्णत: फोकस होकर काम करना होगा।

होम आईसोलेशन वाले व्यक्ति से वीडियो काल से करें चिकित्सक बात
एसीएस ने कहा कि घरों में आईसोलेशन करने वाले व्यक्तियों पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को पूर्णत: फोकस रखना होगा, जहां स्वास्थ्य विभाग के कर्मी और चिकित्सक होम क्वारंटीन व्यक्ति से बातचीत करें और यह भी प्रयास भी किया जाए की होम आईशोलेशन वाले व्यक्ति से चिकित्सक वीडियो काल से बातचीत करे ताकि होम आईशोलेशन वाले व्यक्ति की काउसलिंग की जा सके और उसका पूरा ध्यान रखा जा सके।
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