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Kurukshetra News: रिटायर्ड अतिथि अध्यापकों का एरियर, पेंशन की मांग के लिए प्रदर्शन
Mon, 20 Jul 2026 06:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Mon, 20 Jul 2026 06:06 AM IST
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कुरुक्षेत्र। लघु सचिवालय में एकत्र हुए सेवानिवृत अतिथि अध्यापक नारेबाजी करते हुए। स्वयं
कुरुक्षेत्र। हाईकोर्ट के फैसलों को लागू करने और एरियर, पेंशन, ग्रेच्युटी व एक्सग्रेशिया का लाभ देने की मांग को लेकर रविवार को प्रदेशभर से पहुंचे सैकड़ों रिटायर्ड अतिथि अध्यापकों ने जिला सचिवालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान दिवंगत अतिथि अध्यापकों के परिजनों ने भी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन की अध्यक्षता ज्योति जेतली ने की।
सभा को संबोधित करते हुए रिटायर्ड अतिथि अध्यापक संघ के राज्य कन्वीनर राजकुमार कालीरमन ने कहा कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अतिथि अध्यापक करीब 20 वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं। इस दौरान कई अतिथि अध्यापकों का निधन हो गया और हजारों शिक्षक सेवानिवृत्त हो चुके हैं, लेकिन उन्हें पेंशन सहित अन्य सेवानिवृत्ति लाभ नहीं मिले। इससे दिवंगत शिक्षकों के परिवारों और रिटायर्ड शिक्षकों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
राजकीय अनुबंधित कर्मचारी संघ के राज्य महासचिव भूपेंद्र सिंह ने कहा कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने 29 अप्रैल और 27 मई के आदेशों में अतिथि अध्यापकों को 28 मई 2014 से नियमित मानते हुए एरियर, पेंशन, ग्रेच्युटी और एक्सग्रेशिया सहित अन्य लाभ देने के निर्देश दिए हैं। वहीं सर्वोच्च न्यायालय ने भी अप्रैल 2026 में हरियाणा सरकार की वर्ष 2014 की नियमितीकरण नीति को वैध माना है। ऐसे में सरकार को न्यायालय के फैसलों के अनुसार नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू कर सभी पात्र अतिथि अध्यापकों को लाभ देना चाहिए।प्रदर्शन में मौजूद अध्यापक नेताओं ने सरकार से मांग की कि हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों को जल्द लागू कर नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू की जाए, ताकि लंबे समय से लंबित लाभ मिल सकें। संवाद
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सभा को संबोधित करते हुए रिटायर्ड अतिथि अध्यापक संघ के राज्य कन्वीनर राजकुमार कालीरमन ने कहा कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अतिथि अध्यापक करीब 20 वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं। इस दौरान कई अतिथि अध्यापकों का निधन हो गया और हजारों शिक्षक सेवानिवृत्त हो चुके हैं, लेकिन उन्हें पेंशन सहित अन्य सेवानिवृत्ति लाभ नहीं मिले। इससे दिवंगत शिक्षकों के परिवारों और रिटायर्ड शिक्षकों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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राजकीय अनुबंधित कर्मचारी संघ के राज्य महासचिव भूपेंद्र सिंह ने कहा कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने 29 अप्रैल और 27 मई के आदेशों में अतिथि अध्यापकों को 28 मई 2014 से नियमित मानते हुए एरियर, पेंशन, ग्रेच्युटी और एक्सग्रेशिया सहित अन्य लाभ देने के निर्देश दिए हैं। वहीं सर्वोच्च न्यायालय ने भी अप्रैल 2026 में हरियाणा सरकार की वर्ष 2014 की नियमितीकरण नीति को वैध माना है। ऐसे में सरकार को न्यायालय के फैसलों के अनुसार नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू कर सभी पात्र अतिथि अध्यापकों को लाभ देना चाहिए।प्रदर्शन में मौजूद अध्यापक नेताओं ने सरकार से मांग की कि हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों को जल्द लागू कर नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू की जाए, ताकि लंबे समय से लंबित लाभ मिल सकें। संवाद
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