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Kurukshetra News: सीएएस के तहत 12 शिक्षकों की पदोन्नति, छह को सीनियर प्रोफेसर बनाने पर मुहर
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की कार्यकारिणी परिषद की 294वीं बैठक हुई। बैठक में शिक्षकों की पदोन्नति से लेकर अवकाश, प्रतिनियुक्ति और मानदेय से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर फैसला लिया गया। वीरवार को हुई बैठक में कुल 27 मुद्दों पर विचार किया गया। बैठक फिजिकल और वर्चुअल दोनों माध्यमों से हुई। सबसे अहम फैसला कैरियर एडवांसमेंट स्कीम (सीएएस) के तहत शिक्षकों की पदोन्नति को लेकर रहा।
सीएएस के तहत छह प्रोफेसरों को सीनियर प्रोफेसर पद पर पदोन्नति दी गई, इनमें समाजशास्त्र विभाग के डॉ. प्रेम कुमार, बायोकेमिस्ट्री विभाग के डॉ. जसबीर सिंह, वनस्पति विज्ञान विभाग के डॉ. नरेंद्र सिंह, रसायन विज्ञान विभाग के डॉ. जीपी दुबे, वाणिज्य विभाग के डॉ. तेजेंद्र शर्मा और अंग्रेजी विभाग की डॉ. रश्मि वर्मा शामिल हैं, इसके अलावा यूआईईटी के चार असिस्टेंट प्रोफेसरों को एसोसिएट प्रोफेसर (एसएफएस) पद पर पदोन्नति की अनुशंसा की गई। इनमें मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग की डॉ. परिणम अनुराधा, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग के डॉ. दीपक सूद, मैकेनिकल इंजीनियरिंग के डॉ. विशाल और डॉ. सुनील नैन शामिल हैं। कंप्यूटर साइंस एंड एप्लीकेशंस विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. कंवल गर्ग को प्रोफेसर तथा समाज कार्य विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. बलिंदर सिंह को एसोसिएट प्रोफेसर पद पर पदोन्नति की सिफारिश की गई।
डॉ. विकास पोपली की कंफरमेशन को मंजूरी
परिषद ने गणित विभाग के सह-प्राध्यापक डॉ. विकास पोपली की कंफरमेशन को मंजूरी दी। विश्वविद्यालय प्रबंधन स्कूल की सहायक प्राध्यापक (एसएफएस) डॉ. सिम्मी वशिष्ठ के दिल्ली औषधीय विज्ञान एवं अनुसंधान विश्वविद्यालय में सेवा जारी रखने हेतु एक वर्ष असाधारण अवकाश बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया। जैव रसायन विभाग की प्राध्यापक डॉ. रंजन गुप्ता की महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय, करनाल में एक वर्ष प्रतिनियुक्ति बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।
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सेवानिवृत्त शिक्षकों को एडजंक्ट फैकल्टी बनाने पर चर्चा
बैठक में सेवानिवृत्त शिक्षकों प्रो. अनिता भटनागर, प्रो. संजीव कुमार गुप्ता, प्रो. अश्विनी कुश, प्रो. वीएम मूर्ति तथा सेवानिवृत्ति के बाद सीनियर प्रोफेसर कृष्णा देवी को एडजंक्ट फैकल्टी के रूप में नियुक्त करने के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया, इसके अलावा अंशकालिक शिक्षकों और स्टॉप-गैप व्यवस्था तथा अवैतनिक शोधार्थियों के मानदेय में वृद्धि संबंधी सिफारिशें भी बैठक में रखी गईं।
लाइब्रेरी एंड इन्फॉर्मेशन साइंस विभाग की डी.लिब., बी लिब और एम लिब की प्रैक्टिकल परीक्षाओं में कर्मचारियों को दिए जाने वाले पारिश्रमिक की दरों में संशोधन के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। डॉ. गौरव मेहला के डेंटल सर्जन के रूप में कार्यकाल को छह माह बढ़ाने के प्रस्ताव पर भी परिषद ने विचार किया।
बैठक में ये प्रमुख फैसले और प्रस्ताव
- 12 शिक्षकों की सीएएस के तहत पदोन्नति/पदोन्नति संबंधी सिफारिश
- छह प्रोफेसरों को सीनियर प्रोफेसर पद पर पदोन्नति
- यूआईईटी के चार असिस्टेंट प्रोफेसरों को एसोसिएट प्रोफेसर बनाने की सिफारिश
- डॉ. कंवल गर्ग को प्रोफेसर और डॉ. बलिंदर सिंह को एसोसिएट प्रोफेसर पद पर पदोन्नति की सिफारिश
- डॉ. विकास पोपली की कंफरमेशन को मंजूरी
- अवकाश और प्रतिनियुक्ति बढ़ाने के प्रस्तावों पर चर्चा
- सेवानिवृत्त शिक्षकों को एडजंक्ट फैकल्टी के रूप में नियुक्त करने पर विचार
- अवैतनिक शोधार्थियों के मानदेय में वृद्धि संबंधी सिफारिश पर चर्चा
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सीएएस के तहत छह प्रोफेसरों को सीनियर प्रोफेसर पद पर पदोन्नति दी गई, इनमें समाजशास्त्र विभाग के डॉ. प्रेम कुमार, बायोकेमिस्ट्री विभाग के डॉ. जसबीर सिंह, वनस्पति विज्ञान विभाग के डॉ. नरेंद्र सिंह, रसायन विज्ञान विभाग के डॉ. जीपी दुबे, वाणिज्य विभाग के डॉ. तेजेंद्र शर्मा और अंग्रेजी विभाग की डॉ. रश्मि वर्मा शामिल हैं, इसके अलावा यूआईईटी के चार असिस्टेंट प्रोफेसरों को एसोसिएट प्रोफेसर (एसएफएस) पद पर पदोन्नति की अनुशंसा की गई। इनमें मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग की डॉ. परिणम अनुराधा, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग के डॉ. दीपक सूद, मैकेनिकल इंजीनियरिंग के डॉ. विशाल और डॉ. सुनील नैन शामिल हैं। कंप्यूटर साइंस एंड एप्लीकेशंस विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. कंवल गर्ग को प्रोफेसर तथा समाज कार्य विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. बलिंदर सिंह को एसोसिएट प्रोफेसर पद पर पदोन्नति की सिफारिश की गई।
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डॉ. विकास पोपली की कंफरमेशन को मंजूरी
परिषद ने गणित विभाग के सह-प्राध्यापक डॉ. विकास पोपली की कंफरमेशन को मंजूरी दी। विश्वविद्यालय प्रबंधन स्कूल की सहायक प्राध्यापक (एसएफएस) डॉ. सिम्मी वशिष्ठ के दिल्ली औषधीय विज्ञान एवं अनुसंधान विश्वविद्यालय में सेवा जारी रखने हेतु एक वर्ष असाधारण अवकाश बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया। जैव रसायन विभाग की प्राध्यापक डॉ. रंजन गुप्ता की महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय, करनाल में एक वर्ष प्रतिनियुक्ति बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।
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सेवानिवृत्त शिक्षकों को एडजंक्ट फैकल्टी बनाने पर चर्चा
बैठक में सेवानिवृत्त शिक्षकों प्रो. अनिता भटनागर, प्रो. संजीव कुमार गुप्ता, प्रो. अश्विनी कुश, प्रो. वीएम मूर्ति तथा सेवानिवृत्ति के बाद सीनियर प्रोफेसर कृष्णा देवी को एडजंक्ट फैकल्टी के रूप में नियुक्त करने के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया, इसके अलावा अंशकालिक शिक्षकों और स्टॉप-गैप व्यवस्था तथा अवैतनिक शोधार्थियों के मानदेय में वृद्धि संबंधी सिफारिशें भी बैठक में रखी गईं।
लाइब्रेरी एंड इन्फॉर्मेशन साइंस विभाग की डी.लिब., बी लिब और एम लिब की प्रैक्टिकल परीक्षाओं में कर्मचारियों को दिए जाने वाले पारिश्रमिक की दरों में संशोधन के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। डॉ. गौरव मेहला के डेंटल सर्जन के रूप में कार्यकाल को छह माह बढ़ाने के प्रस्ताव पर भी परिषद ने विचार किया।
बैठक में ये प्रमुख फैसले और प्रस्ताव
- 12 शिक्षकों की सीएएस के तहत पदोन्नति/पदोन्नति संबंधी सिफारिश
- छह प्रोफेसरों को सीनियर प्रोफेसर पद पर पदोन्नति
- यूआईईटी के चार असिस्टेंट प्रोफेसरों को एसोसिएट प्रोफेसर बनाने की सिफारिश
- डॉ. कंवल गर्ग को प्रोफेसर और डॉ. बलिंदर सिंह को एसोसिएट प्रोफेसर पद पर पदोन्नति की सिफारिश
- डॉ. विकास पोपली की कंफरमेशन को मंजूरी
- अवकाश और प्रतिनियुक्ति बढ़ाने के प्रस्तावों पर चर्चा
- सेवानिवृत्त शिक्षकों को एडजंक्ट फैकल्टी के रूप में नियुक्त करने पर विचार
- अवैतनिक शोधार्थियों के मानदेय में वृद्धि संबंधी सिफारिश पर चर्चा