{"_id":"64989d355f5201f8d509df87","slug":"problems-of-electricity-consumers-will-be-resolved-today-kurukshetra-news-c-18-1-157831-2023-06-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kurukshetra News: बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं का आज किया जाएगा निराकरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kurukshetra News: बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं का आज किया जाएगा निराकरण
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुरुक्षेत्र। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम का जोनल उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच एक लाख रुपये से अधिक और तीन लाख रुपये तक की राशि के वित्तीय विवादों से संबंधित शिकायतों की सुनवाई करेगा। पंचकूला जोन के अंतर्गत आने वाले जिलों कुरुक्षेत्र, अंबाला, पंचकूला, कैथल और यमुनानगर के उपभोक्ताओं की शिकायतों का निवारण 26 जून को जोनल उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच, पंचकूला में किया जाएगा।
इन जिलों के उपभोक्ताओं के गलत बिलों, बिजली की दरों से संबंधित मामलों, मीटर सिक्योरिटी से जुड़े मामलों, खराब हुए मीटरों से संबंधित मामलों, वोल्टेज से जुड़े हुए मामलों का निपटान किया जाएगा। इस दौरान बिजली चोरी, बिजली के दुरुपयोग और घातक गैर-घातक दुर्घटना आदि मामलों पर विचार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता और निगम के बीच किसी भी विवाद के निपटान के लिए फोरम में वित्तीय विवादों से संबंधित शिकायत प्रस्तुत करने से पहले पिछले छह महीनों के दौरान उपभोक्ता द्वारा भुगतान किए गए बिजली के औसत शुल्क के आधार पर गणना की गई प्रत्येक माह के लिए दावा की गई राशि या उसके द्वारा देय बिजली शुल्क के बराबर राशि, जो कम है, उपभोक्ता को जमा करवानी होगी। इस दौरान उपभोक्ता को प्रमाणित करना होगा कि यह मामला अदालत, प्राधिकरण या फोरम के समक्ष लंबित नहीं है क्योंकि इस न्यायालय या फोरम में विचाराधीन मामलों पर बैठक के दौरान विचार नहीं किया जाएगा। संवाद
विज्ञापन
इन जिलों के उपभोक्ताओं के गलत बिलों, बिजली की दरों से संबंधित मामलों, मीटर सिक्योरिटी से जुड़े मामलों, खराब हुए मीटरों से संबंधित मामलों, वोल्टेज से जुड़े हुए मामलों का निपटान किया जाएगा। इस दौरान बिजली चोरी, बिजली के दुरुपयोग और घातक गैर-घातक दुर्घटना आदि मामलों पर विचार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता और निगम के बीच किसी भी विवाद के निपटान के लिए फोरम में वित्तीय विवादों से संबंधित शिकायत प्रस्तुत करने से पहले पिछले छह महीनों के दौरान उपभोक्ता द्वारा भुगतान किए गए बिजली के औसत शुल्क के आधार पर गणना की गई प्रत्येक माह के लिए दावा की गई राशि या उसके द्वारा देय बिजली शुल्क के बराबर राशि, जो कम है, उपभोक्ता को जमा करवानी होगी। इस दौरान उपभोक्ता को प्रमाणित करना होगा कि यह मामला अदालत, प्राधिकरण या फोरम के समक्ष लंबित नहीं है क्योंकि इस न्यायालय या फोरम में विचाराधीन मामलों पर बैठक के दौरान विचार नहीं किया जाएगा। संवाद
विज्ञापन