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परेशानी : हड़ताल की वजह से नहीं हो पाए गर्भवतियों के अल्ट्रासाउंड
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कुरुक्षेत्र। लंबित मांगों के समर्थन में वीरवार को जिलेभर के एमपीएचडब्ल्यू (मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर) पूरे दिन हड़ताल पर रहे। कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से जिलेभर में स्वास्थ्य सुविधाएं चरमरा गईं।
सबसे ज्यादा परेशानी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर देखने को मिली। गर्भवती महिलाओं के पहचान पत्र से लेकर टीकाकरण तक की जानकारी ऑनलाइन दर्ज नहीं की जा सकी।
ऑनलाइन काम न होने से बच्चों के इम्यूनाइजेशन से लेकर गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण कार्ड तक नहीं बन पाए। ऐसे में गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड नहीं हो पाए। विभाग ने मरीजों की परेशानी को देखते हुए मैनुअल तरीके से ही व्यवस्था बनाई। यूनियन सदस्यों ने कहा कि विभाग में कर्मचारियों की कमी है।
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उन्होंने कहा कि एक कर्मचारी से दो से तीन कर्मचारियों का काम लिया जा रहा है। ऐसे में कर्मचारियों को मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है।
विभाग कर्मचारियों से कंप्यूटर ऑपरेटर का भी काम ले रहा है। जिससे उनकी घरेलू लाइफ प्रभावित हो रही है। कर्मचारी ऑनलाइन काम नहीं करेंगी।
यह हैं कर्मचारियों की मुख्य मांगें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं यूपीएचसी में कार्यरत महिला एमपीएचडब्ल्यू को कैडर के मूल वेतनमान 4200 ग्रेड पे दिया जाए। कर्मचारियों को नियमित एमपीएच डब्ल्यू फीमेल कर्मचारियों की तरह वर्दी भत्ता, एमसीएच भत्ता, एवं ट्रैवलिंग एलाउंस दिया जाए। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आगामी भर्ती में वर्ष 2018 की भर्ती की तर्ज पर महिला कर्मचारियों को जॉब अवधि के अनुसार अनुभव के अंक प्रदान करते हुए वरीयता प्रदान की जाए।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में कार्यरत महिला एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारियों हेतु इंटर डिस्ट्रिक्ट एवं इंट्रा डिस्ट्रिक्ट ट्रान्सफर पॉलिसी फ्रेम करते हुए कर्मचारियों को लाभ प्रदान किया जाए। महिला एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति पर एकमुश्त सम्मानजनक राशि (रिटायरमेंट बेनिफिट) का प्रावधान किया जाए ।
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सबसे ज्यादा परेशानी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर देखने को मिली। गर्भवती महिलाओं के पहचान पत्र से लेकर टीकाकरण तक की जानकारी ऑनलाइन दर्ज नहीं की जा सकी।
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ऑनलाइन काम न होने से बच्चों के इम्यूनाइजेशन से लेकर गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण कार्ड तक नहीं बन पाए। ऐसे में गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड नहीं हो पाए। विभाग ने मरीजों की परेशानी को देखते हुए मैनुअल तरीके से ही व्यवस्था बनाई। यूनियन सदस्यों ने कहा कि विभाग में कर्मचारियों की कमी है।
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उन्होंने कहा कि एक कर्मचारी से दो से तीन कर्मचारियों का काम लिया जा रहा है। ऐसे में कर्मचारियों को मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है।
विभाग कर्मचारियों से कंप्यूटर ऑपरेटर का भी काम ले रहा है। जिससे उनकी घरेलू लाइफ प्रभावित हो रही है। कर्मचारी ऑनलाइन काम नहीं करेंगी।
यह हैं कर्मचारियों की मुख्य मांगें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं यूपीएचसी में कार्यरत महिला एमपीएचडब्ल्यू को कैडर के मूल वेतनमान 4200 ग्रेड पे दिया जाए। कर्मचारियों को नियमित एमपीएच डब्ल्यू फीमेल कर्मचारियों की तरह वर्दी भत्ता, एमसीएच भत्ता, एवं ट्रैवलिंग एलाउंस दिया जाए। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आगामी भर्ती में वर्ष 2018 की भर्ती की तर्ज पर महिला कर्मचारियों को जॉब अवधि के अनुसार अनुभव के अंक प्रदान करते हुए वरीयता प्रदान की जाए।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में कार्यरत महिला एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारियों हेतु इंटर डिस्ट्रिक्ट एवं इंट्रा डिस्ट्रिक्ट ट्रान्सफर पॉलिसी फ्रेम करते हुए कर्मचारियों को लाभ प्रदान किया जाए। महिला एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति पर एकमुश्त सम्मानजनक राशि (रिटायरमेंट बेनिफिट) का प्रावधान किया जाए ।