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निजी स्कूल और अभिभावकों की बैठक बेनतीजा
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पत्रकारों से बातचीत करते जजपा नेता योगेश शर्मा व अन्य। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। सेक्टर तीन स्थित निजी स्कूल और अभिभावकों की जजपा नेता योगेश शर्मा की अगुवाई में दो घंटे चली बैठक बेनतीजा रही। अब जजना नेता और अभिभावकों ने सरकारी आदेशों की अवहेलना करने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। साथ ही कहा कि निजी स्कूल सरकारी आदेशों को मानने एवं लागू करने के लिए बाध्य हैं।
योगेश शर्मा ने कहा कि सेक्टर तीन स्थित निजी स्कूल प्रशासन सरकारी आदेशों को दरकिनार कर उदासीन रवैया अपनाए हुए है। वहीं, अभिभावकों के प्रति स्कूल प्राचार्य का रवैया नकारात्मक रहा। दो घंटे चली बातचीत के दौरान बाहर से आए स्कूल प्रबंधन के एक सदस्य ने सकारात्मक रूख अपनाते हुए समाधान की बात कही, लेकिन प्राचार्य के नकारात्मक दृष्टिकोण की वजह से बात अधर में लटक गई। उन्होंने बताया कि हरियाणा शिक्षा नियमावली के अनुसार निजी स्कूल केवल 10.13 की वृद्धि कर सकते हैं, लेकिन नियमों को दरकिनार कर स्कूल ने फीस में नाजायज वृद्धि कर सरकारी आदेशों को मानने से मना कर दिया।
उन्होेेंने आरोप लगाते हुए कहा कि निजी स्कूलों ने शिक्षा का व्यापारीकरण किया, जिसे तुरंत बंद किए जाने की जरूरत है। वहीं, बैठक में शामिल अभिभावक एवं पेरेंट्स एसोसिएशन के प्रधान जेपी सैनी ने बताया कि जिले के कई निजी स्कूलों ने फॉर्म छह में ही फर्जीवाड़ा कर फीस बढ़ोतरी को गलत तरीके से दर्शाया है। बैठक में स्कूल की प्राचार्य का दृष्टिकोण नकारात्मक रहा। इसी कारण बैठक बेनतीजा रही। उन्होंने प्राचार्या से एनुअल चार्ज रिफंड, एडजस्टमेंट तथा फीस वृद्धि को वापस लेने संबंधी अन्य मुद्दों को तथ्यों के साथ सामने रखा, लेकिन प्राचार्य के पास उनकी किसी भी बात का जवाब नहीं था। कहा कि अभी भी पिछले वर्ष के एनुअल चार्ज को लेकर स्कूल द्वारा अभिभावकों पर दबाव बनाया जा रहा है।
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महासचिव मयंक बजाज ने कहा कि एफएफआरसी व उच्च न्यायालय पंजाब एवं हरियाणा द्वारा अभिभावकों के पक्ष में फैसला दिया जा चुका है। साथ ही सीएम विंडों व आरटीआई दस्तावेजों ने निजी स्कूलों द्वारा की जा रही मनमानी की पोल खोलने का कार्य किया है। जब तक निजी स्कूल सरकारी आदेशों व हरियाणा स्कूल शिक्षा नियमावली को लागू नहीं करेंगे तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी। इस अवसर डीएवी स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों के अभिभावक मौजूद रहे।
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कुरुक्षेत्र। सेक्टर तीन स्थित निजी स्कूल और अभिभावकों की जजपा नेता योगेश शर्मा की अगुवाई में दो घंटे चली बैठक बेनतीजा रही। अब जजना नेता और अभिभावकों ने सरकारी आदेशों की अवहेलना करने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। साथ ही कहा कि निजी स्कूल सरकारी आदेशों को मानने एवं लागू करने के लिए बाध्य हैं।
योगेश शर्मा ने कहा कि सेक्टर तीन स्थित निजी स्कूल प्रशासन सरकारी आदेशों को दरकिनार कर उदासीन रवैया अपनाए हुए है। वहीं, अभिभावकों के प्रति स्कूल प्राचार्य का रवैया नकारात्मक रहा। दो घंटे चली बातचीत के दौरान बाहर से आए स्कूल प्रबंधन के एक सदस्य ने सकारात्मक रूख अपनाते हुए समाधान की बात कही, लेकिन प्राचार्य के नकारात्मक दृष्टिकोण की वजह से बात अधर में लटक गई। उन्होंने बताया कि हरियाणा शिक्षा नियमावली के अनुसार निजी स्कूल केवल 10.13 की वृद्धि कर सकते हैं, लेकिन नियमों को दरकिनार कर स्कूल ने फीस में नाजायज वृद्धि कर सरकारी आदेशों को मानने से मना कर दिया।
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उन्होेेंने आरोप लगाते हुए कहा कि निजी स्कूलों ने शिक्षा का व्यापारीकरण किया, जिसे तुरंत बंद किए जाने की जरूरत है। वहीं, बैठक में शामिल अभिभावक एवं पेरेंट्स एसोसिएशन के प्रधान जेपी सैनी ने बताया कि जिले के कई निजी स्कूलों ने फॉर्म छह में ही फर्जीवाड़ा कर फीस बढ़ोतरी को गलत तरीके से दर्शाया है। बैठक में स्कूल की प्राचार्य का दृष्टिकोण नकारात्मक रहा। इसी कारण बैठक बेनतीजा रही। उन्होंने प्राचार्या से एनुअल चार्ज रिफंड, एडजस्टमेंट तथा फीस वृद्धि को वापस लेने संबंधी अन्य मुद्दों को तथ्यों के साथ सामने रखा, लेकिन प्राचार्य के पास उनकी किसी भी बात का जवाब नहीं था। कहा कि अभी भी पिछले वर्ष के एनुअल चार्ज को लेकर स्कूल द्वारा अभिभावकों पर दबाव बनाया जा रहा है।
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महासचिव मयंक बजाज ने कहा कि एफएफआरसी व उच्च न्यायालय पंजाब एवं हरियाणा द्वारा अभिभावकों के पक्ष में फैसला दिया जा चुका है। साथ ही सीएम विंडों व आरटीआई दस्तावेजों ने निजी स्कूलों द्वारा की जा रही मनमानी की पोल खोलने का कार्य किया है। जब तक निजी स्कूल सरकारी आदेशों व हरियाणा स्कूल शिक्षा नियमावली को लागू नहीं करेंगे तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी। इस अवसर डीएवी स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों के अभिभावक मौजूद रहे।