फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   Private school and parents meeting inconclusive, Kurukshetra

निजी स्कूल और अभिभावकों की बैठक बेनतीजा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 19 Apr 2022 01:51 AM IST
विज्ञापन
Private school and parents meeting inconclusive, Kurukshetra
पत्रकारों से बातचीत करते जजपा नेता योगेश शर्मा व अन्य। संवाद - फोटो : Kurukshetra
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

कुरुक्षेत्र। सेक्टर तीन स्थित निजी स्कूल और अभिभावकों की जजपा नेता योगेश शर्मा की अगुवाई में दो घंटे चली बैठक बेनतीजा रही। अब जजना नेता और अभिभावकों ने सरकारी आदेशों की अवहेलना करने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। साथ ही कहा कि निजी स्कूल सरकारी आदेशों को मानने एवं लागू करने के लिए बाध्य हैं।
योगेश शर्मा ने कहा कि सेक्टर तीन स्थित निजी स्कूल प्रशासन सरकारी आदेशों को दरकिनार कर उदासीन रवैया अपनाए हुए है। वहीं, अभिभावकों के प्रति स्कूल प्राचार्य का रवैया नकारात्मक रहा। दो घंटे चली बातचीत के दौरान बाहर से आए स्कूल प्रबंधन के एक सदस्य ने सकारात्मक रूख अपनाते हुए समाधान की बात कही, लेकिन प्राचार्य के नकारात्मक दृष्टिकोण की वजह से बात अधर में लटक गई। उन्होंने बताया कि हरियाणा शिक्षा नियमावली के अनुसार निजी स्कूल केवल 10.13 की वृद्धि कर सकते हैं, लेकिन नियमों को दरकिनार कर स्कूल ने फीस में नाजायज वृद्धि कर सरकारी आदेशों को मानने से मना कर दिया।
विज्ञापन

उन्होेेंने आरोप लगाते हुए कहा कि निजी स्कूलों ने शिक्षा का व्यापारीकरण किया, जिसे तुरंत बंद किए जाने की जरूरत है। वहीं, बैठक में शामिल अभिभावक एवं पेरेंट्स एसोसिएशन के प्रधान जेपी सैनी ने बताया कि जिले के कई निजी स्कूलों ने फॉर्म छह में ही फर्जीवाड़ा कर फीस बढ़ोतरी को गलत तरीके से दर्शाया है। बैठक में स्कूल की प्राचार्य का दृष्टिकोण नकारात्मक रहा। इसी कारण बैठक बेनतीजा रही। उन्होंने प्राचार्या से एनुअल चार्ज रिफंड, एडजस्टमेंट तथा फीस वृद्धि को वापस लेने संबंधी अन्य मुद्दों को तथ्यों के साथ सामने रखा, लेकिन प्राचार्य के पास उनकी किसी भी बात का जवाब नहीं था। कहा कि अभी भी पिछले वर्ष के एनुअल चार्ज को लेकर स्कूल द्वारा अभिभावकों पर दबाव बनाया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

महासचिव मयंक बजाज ने कहा कि एफएफआरसी व उच्च न्यायालय पंजाब एवं हरियाणा द्वारा अभिभावकों के पक्ष में फैसला दिया जा चुका है। साथ ही सीएम विंडों व आरटीआई दस्तावेजों ने निजी स्कूलों द्वारा की जा रही मनमानी की पोल खोलने का कार्य किया है। जब तक निजी स्कूल सरकारी आदेशों व हरियाणा स्कूल शिक्षा नियमावली को लागू नहीं करेंगे तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी। इस अवसर डीएवी स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों के अभिभावक मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed