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Kurukshetra News: बीबीपुर झील में पानी छोड़े जाने के लिए दीवार तोड़ने की थी तैयारी, मौके पर पहुंचे किसानों रोका

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 16 Jun 2025 01:42 AM IST
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Preparations were being made to break the wall to release water into Bibipur lake, but farmers who reached the spot stopped them
कुरुक्षेत्र/ पिहोवा। बीबीपुर झील में पानी छोड़े जाने की तैयारी के चलते मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। सिंचाई विभाग द्वारा जलबेहड़ा मारकंडा हेड से वाया कंथला चनालहेडी निकासी चैनल के माध्यम से झील में पानी डायवर्ट किया जाने की भनक लगते ही किसान मारकंडा हेड पर इकट्ठे हुए। जहां सरकार व सिंचाई विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। किसानों की ओर से सोमवार सुबह 10 बजे जलबेहड़ा मारकंडा हेड पर महापंचायत भी बुलाई गई है, जिसमें आंदोलन की आगामी रणनीति तैयार की जाएगी।
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किसानों को भारी संख्या में इकट्ठा करने के लिए गांव के मंदिर गुरुद्वारों से अनाउंसमेंट की गई है। किसानों ने मौके पर पहुंचे सिंचाई विभाग के अधिकारियों को भी दीवार हटाने से रोक दिया। किसान यूनियन के प्रदेश प्रवक्ता प्रिंस वड़ैच, प्रधान सुखविंदर मुकीमपुरा आदि ने बताया कि बीबीपुर झील के आसपास 12 गांव बीबीपुर कलां, मुर्तजापुर, भौर सैयदां, मुकीमपुरा, टकोरन, छैलों, सुरमी आदि की जमीन लगती है।
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दीवार तोड़ने के प्रयास में थे अधिकारी
किसानों के मुताबिक रविवार को छुट्टी का दिन होने के बावजूद सिंचाई विभाग के अधिकारी मशीन के जरिए जलबेहड़ा हेड पर पानी रोकने के लिए बनी दीवार को तोड़ने की फिराक में थे। इसी बीच किसान मौके पर पहुंच गए और काम को बंद करवा दिया। अधिकारियों का तर्क था कि विभाग के अधिकारियों के आदेश हैं कि पुल पर पानी रोकने के लिए बनी दीवारों को तोड़ दिया जाए। लिहाजा वे आदेश का पालन करने पहुंचे।
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2023 में इसी निकासी चैनल ने मचाई थी तबाही
किसान गुलाब सिंह, बलदेव मुकीमपुरा, अमृतपाल बाजवा, प्रधान कंवलजीत छज्जुपुर, हलका प्रभारी विनोद बाखली, युवा उपप्रधान गुरलाल असमानपुर, गौरव कुमार, बलविंद्र, सचिव मलकीत बाजवा आदि ने कहा कि पानी छोड़े जाने से किसानों की हजारों एकड़ फसल बरसात के समय डूब जाएगी। उनके ट्यूबवेल और खेतों में रखी खाद पानी में बह जाएगी। विभाग की ओर से कोई तैयारी नहीं की गई। न निकासी चैनल की सफाई करवाई गई। पटरियां जर्जर हालत में है। 2023 में बाढ़ के दौरान जब आनन फानन इस चैनल के जरिए पानी छोड़ा गया था तो गांव चनालहेड़ी के पास कई जगह से पटरी टूट गई थी। जिससे आबादी एरिया तक बाढ़ का पानी पहुंच गया था।
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