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Kurukshetra News: प्रदेश के सभी राजकीय स्कूलों में जनसंचार पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी
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कुरुक्षेत्र। प्रदेश के सभी राजकीय स्कूलों में जनसंचार (मास कम्यूनिकेशन) का पाठ्यक्रम शुरू करने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान के सहायक प्रोफेसर डॉ. अभिनव ने बताया कि इस दिशा में जल्द ही एक एसोसिएशन गठित की जाएगी जो इस पाठ्यक्रम को लागू करवाने के लिए काम करेगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में यह पाठ्यक्रम केवल 18 जिलों के 18 सरकारी स्कूलों में ही नौवीं से 12वीं तक एनएसक्यूएफ (राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क) योजना के तहत ऐच्छिक विषय के रूप में चल रहा है, लेकिन इसे सभी सरकारी स्कूलों में लागू करने की जरूरत है, ताकि छात्र-छात्राओं को मीडिया के क्षेत्र में कौशल विकास और रोजगार के अवसर मिल सकें।
उन्होंने कहा कि जनसंचार विषय छात्रों को लेखन, भाषा, अभिव्यक्ति, पत्रकारिता, जनसंपर्क, डिजिटल कंटेंट निर्माण और अन्य श्रव्य-दृश्य माध्यमों में दक्ष बनाएगा। इससे वे स्वरोजगार की ओर भी प्रेरित होंगे और समाज, संस्था और राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकेंगे। प्रदेश में इस समय 12 राजकीय कॉलेजों, 11 निजी कॉलेजों और 19 विश्वविद्यालयों (राजकीय और गैर-राजकीय) में जनसंचार का पाठ्यक्रम संचालित हो रहा है। हाल ही में एचपीएससी की ओर से मीडिया विषय में केवल आठ पदों पर भर्ती के लिए 600 उम्मीदवारों ने आवेदन दिया था, जो इस क्षेत्र में रोजगार की आवश्यकता को दर्शाता है।
बेरोजगारी दूर करने में मददगार हो सकता है पाठ्यक्रम
डॉ. अभिनव ने बताया कि प्रदेश में एक हजार से अधिक विद्यार्थी मीडिया की पढ़ाई पूरी कर चुके हैं, लेकिन शिक्षण पदों की कमी के कारण बेरोजगारी का सामना कर रहे हैं। इसलिए माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, भिवानी और सीबीएसई से आग्रह किया जाएगा कि स्कूलों में मीडिया टीचर के पद सृजित किए जाएं।
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उन्होंने कहा कि जनसंचार विषय छात्रों को लेखन, भाषा, अभिव्यक्ति, पत्रकारिता, जनसंपर्क, डिजिटल कंटेंट निर्माण और अन्य श्रव्य-दृश्य माध्यमों में दक्ष बनाएगा। इससे वे स्वरोजगार की ओर भी प्रेरित होंगे और समाज, संस्था और राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकेंगे। प्रदेश में इस समय 12 राजकीय कॉलेजों, 11 निजी कॉलेजों और 19 विश्वविद्यालयों (राजकीय और गैर-राजकीय) में जनसंचार का पाठ्यक्रम संचालित हो रहा है। हाल ही में एचपीएससी की ओर से मीडिया विषय में केवल आठ पदों पर भर्ती के लिए 600 उम्मीदवारों ने आवेदन दिया था, जो इस क्षेत्र में रोजगार की आवश्यकता को दर्शाता है।
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बेरोजगारी दूर करने में मददगार हो सकता है पाठ्यक्रम
डॉ. अभिनव ने बताया कि प्रदेश में एक हजार से अधिक विद्यार्थी मीडिया की पढ़ाई पूरी कर चुके हैं, लेकिन शिक्षण पदों की कमी के कारण बेरोजगारी का सामना कर रहे हैं। इसलिए माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, भिवानी और सीबीएसई से आग्रह किया जाएगा कि स्कूलों में मीडिया टीचर के पद सृजित किए जाएं।
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