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पितरों की आत्मिक शांति के लिए श्रद्धालुओं ने किया पिंडदान व तर्पण
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भृगु अमावस पर हजारों श्रद्धालु पितृ कर्म कराने के लिए प्रसिद्ध ब्रह्मसरोवर, सन्निहित सरोवर व पिहोवा सरस्वती तीर्थ पर पहुंचे। यहां श्रद्धालुओं ने पवित्र सरोवर में स्नान करके अपने पितरों के निमित्त पिंडदान, गति कर्म व तर्पण करके उनके आत्मिक शांति की कामना की। सरस्वती तीर्थ पर अमावस की पूर्व संध्या पर ही श्रद्धालु दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, यूपी सहित अन्य राज्य से पहुंचना शुरू हो गए थे। सूर्योदय से पूर्व श्रद्धालुओं ने सरस्वती तीर्थ, प्राची तीर्थ, ब्रह्मयोनि तीर्थ में स्नान किया तथा पितरों के निमित्त अर्घ्य दिया। स्नानादि के पश्चात श्रद्घालुओं ने पितरों के अक्षय मोक्ष की कामना के लिए पिंडदान, गति कर्म, तर्पण व पूजा अर्चना की। सुबह से ही सरस्वती तीर्थ पर श्रद्धालुओं का आवागमन लगा रहा। श्रद्घालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन की ओर सरस्वती चौक व गेट-1 पर पुलिस व होमगार्ड की ड्यूटी लगाई गई थी। पूजा अर्चना के बाद श्रद्धालुओं ने प्रसिद्ध प्रेत पीपल को जल भी अर्पित किया तथा तीर्थ पुरोहितों से अपनी वंशावली की जानकारी भी प्राप्त की। श्रद्धालुओं ने पूजा कर्म के रूप में स्वामी कार्तिकेय को तेल अर्पित किया। कार्तिकेय मंदिर में तेल चढ़ाने के लिए श्रद्धालुओं को लंबे समय तक अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। सुबह ही मंदिर में तेल चढ़ाने के लिए श्रद्धालुओं की लंबी लाइन लगी हुई थी। हालांकि सुबह के समय मौसम में ठंडक होने से श्रद्धालुओं ने राहत महसूस की, लेकिन सुबह करीब 11 बजे तेज धूप निकल आई, जिसके बाद गर्मी होने से श्रद्धालुओं को परेशानी हुई। हालांकि गर्मी की परवाह किए बगैर श्रद्घालुओं ने पितरों के लिए पूजा अर्चना व दान दक्षिणा दी। श्री दुर्गा देवी मंदिर के अध्यक्ष आचार्य डॉ. सुरेश मिश्रा ने बताया कि ग्रह नक्षत्रों के अनुसार अमावस का यह पर्व समृद्धि व धन देने वाला रहेगा। इस दिन बन रहे पंच राज योग धन लाभ के संकेत दे रहे हैं। इन दो दिनों में ग्रहों की स्थिति बहुत ही शुभ रहेगी। इससे बन रहे शुभ योगों में किए गए स्नान-दान और पूजा-पाठ से भाग्य मजबूत होगा और सुख-समृद्धि भी बढ़ेगी। पितृ देव अमावस तिथि के स्वामी हैं। इसलिए इस दिन पितरों की तृप्ति के लिए तर्पण और दान-पुण्य का महत्व है। इस दिन किए गए दान से भौतिक सुख और समृद्धि भी बढ़ती है।
आज शनिवार भी कुछ समय तक अमावस रहेगी। शनिवार को अमावस सुबह 6.47 मिनट तक रहेगी। शनैश्चरी अमावस को देखते हुए देर शाम भी श्रद्धालु तीर्थ पर पहुंच रहे है।
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आज शनिवार भी कुछ समय तक अमावस रहेगी। शनिवार को अमावस सुबह 6.47 मिनट तक रहेगी। शनैश्चरी अमावस को देखते हुए देर शाम भी श्रद्धालु तीर्थ पर पहुंच रहे है।