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Kurukshetra News: पिहोवा और इस्माईलाबाद से पटियाला रोड, शाहाबाद में नेशनल हाईवे रहा पूरी तरह से सील
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शाहाबाद। नेशनल हाईवे पर प्रशासन द्वारा खड़ी की गई जेसीबी।
कुरुक्षेत्र/ शाहाबाद/पिहोवा/इस्माईलाबाद। किसानों के दिल्ली कूच को लेकर जिले में दिनभर तनाव बना रहा। पिहोवा व इस्माईलाबाद से पटियाला रोड एवं शाहाबाद में नेशनल हाईवे रहा पूरी तरह से सील रहा तो सभी जगह पुलिस के साथ-साथ सेना के जवान भी देर रात तक पुख्ता बंदोबस्त के साथ अलर्ट मोड पर रहे। शाहाबाद में ही करीब 500 जवान मोर्चा संभाले रहे तो वहीं हाईवे पर वज्र वाहन से लेकर वाटर कैनन, फायर ब्रिगेड व अन्य वाहनों के साथ दिनभर तैनाती रही। अंबाला के शंभू बार्डर पर किसानों के पहुंचने व कुछ घटनाओं के चलते यहां भी पल-पल तैयारियों को मजबूत किया जाता रहा।
वहीं पिहोवा में दोपहर करीब 12 बजे करीब 150 किसान एक ट्रैक्टर लेकर पहुंचे तो तनाव बढ़ गया। ट्रैक्टर से सीमेंट के कुछ बैरिकेड हटाए, जिसके साथ पुलिस व सेना के जवान भी हलचल में आ गए। वहीं किसानों ने दोपहर बाद वहीं पर धरना देते हुए लंगर भी शुरू कर दिया। वहीं इस्माईलाबाद से पटियाला की ओर जाने वाले रोड पर कुम्हार माजरा के समीप भी रोड सील रखा गया तो पुख्ता बंदोबस्त के साथ जवान तैनात रहे। डीसी शांतनु शर्मा व एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया सभी जगहों पर हालात का जायजा लेते रहे तो वहीं सुरक्षा व्यवस्था और भी मजबूत कराई गई। सभी जगहों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए। उधर, जरूरत पड़ने पर किसानों को हिरासत में लेने के लिए पुलिस लाइन में दर्जनों बसों को खड़ा किया गया।
शाहाबाद नेशनल हाईवे 50 से ज्यादा रेत से भरे डंपरों से भी किया सील
दिल्ली-अंबाला नेशनल हाईवे 44 मारकंडा पुल के समीप चार स्तर पर सील किया गया है। पक्की बैरिकेडिंग के साथ-साथ 50 से ज्यादा रेत से भरे डंपर भी खड़े कर दिए गए हैं। देर रात अंदेशा जताया जाता रहा कि किसानों ने अंबाला शंभू बार्डर पार किया तो बुधवार को ही वे शाहाबाद तक पहुंच पाएंगे। उन्हें मारकंडा पुल पर पहले रेत से भरे डंपरों को हटाना होगा और उसके बाद दो लेयर सीमेंटेड के बैरिकेड और फिर कांटेदार तार लगे लोहे के बैरिकेड लगाए गए हैं। यहीं बीएसएफ और आईआरबी के 150 से ज्यादा जवानों के साथ-साथ करीब 350 पुलिस जवान भी तैनात हैं, जो किसानों को रोकने का प्रयास करेंगे। एसडीएम पुलकित मल्होत्रा और डीएसपी रणधीर सिंह अन्य अधिकारी हाईवे पर डटे रहे। देर रात तक पक्की बैरिकेडिंग को और मजबूत किया जाता रहा।
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इस तरह रहे रूट डायवर्ट
दिल्ली से अंबाला की ओर जाने वाले हर वाहनों को पिपली से लाडवा-रादौर के बाद नेशनल हाईवे-73 से पंचकूला की तरफ डायवर्ट किया गया जबकि शाहाबाद से इन वाहनों को बराड़ा- दोसड़का से नेशनल हाईवे-73 से पंचकूला भेजा जाता रहा। शाहाबाद में अंबाला की ओर से वाहनों को नहीं आने दिया गया जबकि दो पहिया वाहन गांव रामनगर से मारकंडा नदी के बीच से निकलकर शाहाबाद की ओर आते रहे। कुछ चार पहिया वाहन भी अलग-अलग गांवों के रास्तों से निकलकर प्रयास में रहे। कई वाहन मारकंडा नदी के पानी में फंस गए, जिसके बाद उन्हें ग्रामीणों की मदद से निकाला गया। एंबुलेंस वाहनों को भी बराड़ा से दोसड़का के रास्ते पीजीआई चडीगढ़ तीन गुना सफर तय करके जाना पड़ा। उधर, नलवी-ठोल और इस्माईलाबाद से आने वाले वाहन गांव गुमटी में बने मारकंडा पुल से निकलकर दयाल नगर रेलवे अंडर पास से नेशनल हाईवे पर चढ़े।
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वहीं पिहोवा में दोपहर करीब 12 बजे करीब 150 किसान एक ट्रैक्टर लेकर पहुंचे तो तनाव बढ़ गया। ट्रैक्टर से सीमेंट के कुछ बैरिकेड हटाए, जिसके साथ पुलिस व सेना के जवान भी हलचल में आ गए। वहीं किसानों ने दोपहर बाद वहीं पर धरना देते हुए लंगर भी शुरू कर दिया। वहीं इस्माईलाबाद से पटियाला की ओर जाने वाले रोड पर कुम्हार माजरा के समीप भी रोड सील रखा गया तो पुख्ता बंदोबस्त के साथ जवान तैनात रहे। डीसी शांतनु शर्मा व एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया सभी जगहों पर हालात का जायजा लेते रहे तो वहीं सुरक्षा व्यवस्था और भी मजबूत कराई गई। सभी जगहों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए। उधर, जरूरत पड़ने पर किसानों को हिरासत में लेने के लिए पुलिस लाइन में दर्जनों बसों को खड़ा किया गया।
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शाहाबाद नेशनल हाईवे 50 से ज्यादा रेत से भरे डंपरों से भी किया सील
दिल्ली-अंबाला नेशनल हाईवे 44 मारकंडा पुल के समीप चार स्तर पर सील किया गया है। पक्की बैरिकेडिंग के साथ-साथ 50 से ज्यादा रेत से भरे डंपर भी खड़े कर दिए गए हैं। देर रात अंदेशा जताया जाता रहा कि किसानों ने अंबाला शंभू बार्डर पार किया तो बुधवार को ही वे शाहाबाद तक पहुंच पाएंगे। उन्हें मारकंडा पुल पर पहले रेत से भरे डंपरों को हटाना होगा और उसके बाद दो लेयर सीमेंटेड के बैरिकेड और फिर कांटेदार तार लगे लोहे के बैरिकेड लगाए गए हैं। यहीं बीएसएफ और आईआरबी के 150 से ज्यादा जवानों के साथ-साथ करीब 350 पुलिस जवान भी तैनात हैं, जो किसानों को रोकने का प्रयास करेंगे। एसडीएम पुलकित मल्होत्रा और डीएसपी रणधीर सिंह अन्य अधिकारी हाईवे पर डटे रहे। देर रात तक पक्की बैरिकेडिंग को और मजबूत किया जाता रहा।
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इस तरह रहे रूट डायवर्ट
दिल्ली से अंबाला की ओर जाने वाले हर वाहनों को पिपली से लाडवा-रादौर के बाद नेशनल हाईवे-73 से पंचकूला की तरफ डायवर्ट किया गया जबकि शाहाबाद से इन वाहनों को बराड़ा- दोसड़का से नेशनल हाईवे-73 से पंचकूला भेजा जाता रहा। शाहाबाद में अंबाला की ओर से वाहनों को नहीं आने दिया गया जबकि दो पहिया वाहन गांव रामनगर से मारकंडा नदी के बीच से निकलकर शाहाबाद की ओर आते रहे। कुछ चार पहिया वाहन भी अलग-अलग गांवों के रास्तों से निकलकर प्रयास में रहे। कई वाहन मारकंडा नदी के पानी में फंस गए, जिसके बाद उन्हें ग्रामीणों की मदद से निकाला गया। एंबुलेंस वाहनों को भी बराड़ा से दोसड़का के रास्ते पीजीआई चडीगढ़ तीन गुना सफर तय करके जाना पड़ा। उधर, नलवी-ठोल और इस्माईलाबाद से आने वाले वाहन गांव गुमटी में बने मारकंडा पुल से निकलकर दयाल नगर रेलवे अंडर पास से नेशनल हाईवे पर चढ़े।

शाहाबाद। नेशनल हाईवे पर प्रशासन द्वारा खड़ी की गई जेसीबी।

शाहाबाद। नेशनल हाईवे पर प्रशासन द्वारा खड़ी की गई जेसीबी।