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आईएफएससी कोड बदलने से नहीं हो रहा धान का भुगतान, किसान परेशान
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बैंकों का विलय होने के बाद बदले गए उनके आईएफएससी कोड बैंक उपभोक्ताओं के लिए परेशानी बने हुए है। इसका सबसे ज्यादा नुकसान अब किसान वर्ग को झेलना पड़ रहा है। मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण के दौरान दिए गए आईएफएससी कोड बदले जाने से किसानों की फसल का भुगतान नहीं मिला है। जिससे किसान मार्केट कमेटी कार्यालय से लेकर बैंकों तक के चक्कर काटने को मजबूर हो रहे हैं।
गांव बड़ाम का किसान सतबीर बुधवार दोपहर 1 बजकर 18 मिनट पर धान का भुगतान न होने की समस्या को लेकर मार्केट कमेटी थानेसर पहुंचा। उसने फसल का भुगतान न होने की समस्या अधिकारियों के समक्ष रखी। उसने बताया कि उसकी फसल को बिके काफी दिन हो चुके है, मगर अभी तक भुगतान नहीं हुआ है। उसका छह एकड़ की फसल का तीन लाख से ज्यादा का भुगतान अटका हुआ है, जिसे लेकर बैंक, आढ़ती व मार्केट कमेटी के चक्कर काट रहा है। सतबीर के जाने के बाद दो-तीन मिनट बाद दो अन्य किसान भी भुगतान न होने की शिकायत लेकर मार्केट कमेटी कार्यालय पहुंचे थे। इस समस्या के समाधान के लिए उनको किसान सहायता केंद्र भेजा गया। अकेले मार्केट कमेटी कार्यालय में रोजाना भुगतान न होने के 7-8 केस सामने आ रहे है, जबकि अधिकतर किसान खुद ही पोर्टल पर अकाउंट नंबर से लेकर आईएफएससी कोड बदल रहे है। उसके बाद भी जिन किसानों का भुगतान नहीं हो रहा वे मार्केट कमेटी तथा अन्य अधिकारियों से गुहार लगा रहे हैं। उधर, किसान सहायता केंद्र के कंप्यूटर ऑपरेटरों का कहना है कि सिंडिकेट बैंक का विलय केनरा बैंक में हुआ है। जिन किसानों का केनरा बैंक में अकाउंट है उनको समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा सीबीआई के अकाउंट में भी भुगतान की समस्या हो रही है। उनका सिस्टम दोनों बैंकों के खातों से नहीं जुड़ पा रहा है।
नया अकाउंट खुलवाना होगा, फोटो 22
सतबीर का अकाउंट भी कैनरा बैंक है। जब उसने अपनी इस समस्या को अधिकारियों व कंप्यूटर ऑपरेटर के समक्ष रखा तो उन्होंने बताया कि सबसे ज्यादा समस्या केनरा व सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के अकाउंट में आ रही है। इन बैंकों के किसानों को अपना नया अकाउंट खुलवाना पड़ेगा।
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बैंक में किसानों के 600 अकाउंट नहीं कोई समस्या: सुरेंद्र
कैनरा बैंक शाखा रेलवे रोड के मैनेजर सुरेंद्र ने बताया कि उनकी बैंक शाखा में 600 किसानों के अकाउंट हैं। उनके पास भुगतान न होने से संबंधित कोई शिकायत नहीं मिली है। बैंक का आईएफएससी कोड जरूर बदला गया है, मगर सभी उपभोक्ताओं को इसके बारे में जागरूक किया गया था।
एजेंसी कर रही भुगतान: हरजीत सिंह, फोटो 23
मार्केट कमेटी थानेसर सचिव हरजीत सिंह ने बताया कि खरीद एजेंसी ही भुगतान का कार्य कर रही है। आईएफएससी कोड से संबंधित शिकायत लेकर भी किसान पहुंच रहे है। उनकी तरफ से किसानों की पूरी सहायता की जा रही है।
शिकायत मिलते ही उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही शिकायत: केके गोयल
डीएफएससी केके गोयल ने बताया कि भुगतान को लेकर जो भी शिकायत और समस्या उनको मिल रही है, वह तुरंत उसे उच्चाधिकारियों तक पहुंचा रहे है। वहां से अधिकारी उस मामले की जांच कर रहे है कि भुगतान क्यों फेल हुआ है। उनके पास से जे व आई फार्म की वेरिफिकेशन होते ही उसे भुगतान के लिए भेज दिया जाता है।
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गांव बड़ाम का किसान सतबीर बुधवार दोपहर 1 बजकर 18 मिनट पर धान का भुगतान न होने की समस्या को लेकर मार्केट कमेटी थानेसर पहुंचा। उसने फसल का भुगतान न होने की समस्या अधिकारियों के समक्ष रखी। उसने बताया कि उसकी फसल को बिके काफी दिन हो चुके है, मगर अभी तक भुगतान नहीं हुआ है। उसका छह एकड़ की फसल का तीन लाख से ज्यादा का भुगतान अटका हुआ है, जिसे लेकर बैंक, आढ़ती व मार्केट कमेटी के चक्कर काट रहा है। सतबीर के जाने के बाद दो-तीन मिनट बाद दो अन्य किसान भी भुगतान न होने की शिकायत लेकर मार्केट कमेटी कार्यालय पहुंचे थे। इस समस्या के समाधान के लिए उनको किसान सहायता केंद्र भेजा गया। अकेले मार्केट कमेटी कार्यालय में रोजाना भुगतान न होने के 7-8 केस सामने आ रहे है, जबकि अधिकतर किसान खुद ही पोर्टल पर अकाउंट नंबर से लेकर आईएफएससी कोड बदल रहे है। उसके बाद भी जिन किसानों का भुगतान नहीं हो रहा वे मार्केट कमेटी तथा अन्य अधिकारियों से गुहार लगा रहे हैं। उधर, किसान सहायता केंद्र के कंप्यूटर ऑपरेटरों का कहना है कि सिंडिकेट बैंक का विलय केनरा बैंक में हुआ है। जिन किसानों का केनरा बैंक में अकाउंट है उनको समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा सीबीआई के अकाउंट में भी भुगतान की समस्या हो रही है। उनका सिस्टम दोनों बैंकों के खातों से नहीं जुड़ पा रहा है।
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नया अकाउंट खुलवाना होगा, फोटो 22
सतबीर का अकाउंट भी कैनरा बैंक है। जब उसने अपनी इस समस्या को अधिकारियों व कंप्यूटर ऑपरेटर के समक्ष रखा तो उन्होंने बताया कि सबसे ज्यादा समस्या केनरा व सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के अकाउंट में आ रही है। इन बैंकों के किसानों को अपना नया अकाउंट खुलवाना पड़ेगा।
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बैंक में किसानों के 600 अकाउंट नहीं कोई समस्या: सुरेंद्र
कैनरा बैंक शाखा रेलवे रोड के मैनेजर सुरेंद्र ने बताया कि उनकी बैंक शाखा में 600 किसानों के अकाउंट हैं। उनके पास भुगतान न होने से संबंधित कोई शिकायत नहीं मिली है। बैंक का आईएफएससी कोड जरूर बदला गया है, मगर सभी उपभोक्ताओं को इसके बारे में जागरूक किया गया था।
एजेंसी कर रही भुगतान: हरजीत सिंह, फोटो 23
मार्केट कमेटी थानेसर सचिव हरजीत सिंह ने बताया कि खरीद एजेंसी ही भुगतान का कार्य कर रही है। आईएफएससी कोड से संबंधित शिकायत लेकर भी किसान पहुंच रहे है। उनकी तरफ से किसानों की पूरी सहायता की जा रही है।
शिकायत मिलते ही उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही शिकायत: केके गोयल
डीएफएससी केके गोयल ने बताया कि भुगतान को लेकर जो भी शिकायत और समस्या उनको मिल रही है, वह तुरंत उसे उच्चाधिकारियों तक पहुंचा रहे है। वहां से अधिकारी उस मामले की जांच कर रहे है कि भुगतान क्यों फेल हुआ है। उनके पास से जे व आई फार्म की वेरिफिकेशन होते ही उसे भुगतान के लिए भेज दिया जाता है।