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Kurukshetra News: सरकारी अनुदान न मिलने से अनाथ आश्रम के कर्मचारी बैठे धरने पर
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लाडवा। आश्रम के बाहर धरने पर बैठे संचालक शीशपाल मंढाण व कर्मचारी। संवाद
- फोटो : संवाद
लाडवा। क्षेत्र स्थित जीवन में विश्वास संस्था व अनाथ आश्रम बाल कुंज में वीरवार को आश्रम के संचालक शीशपाल मंढाण सहित सभी कर्मचारी धरने पर बैठ गए। धरने में शामिल कर्मचारियों रमन कुमार, अनिल कुमार, पवन कुमार, लखविंदर सिंह, शिव कुमार, मंजू देवी, महिमा देवी, कुसुम लता, नैन्सी देवी, नेहा रानी आदि ने बताया कि उन्हें पिछले दो वर्षों से वेतन नहीं मिला है। वेतन न मिलने के कारण उनके परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं और कई परिवार भूख की कगार पर पहुंच चुके हैं।
कर्मचारियों ने बताया कि वेतन न होने से बच्चों की स्कूल फीस, राशन-पानी और अन्य जरूरी खर्च पूरे नहीं हो पा रहे हैं। हालात इतने खराब हैं कि बिल जमा न होने के कारण आश्रम का बिजली कनेक्शन भी काट दिया गया है। इससे कर्मचारियों के साथ-साथ आश्रम में रहने वाले अनाथ बच्चों को भी भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
आश्रम संचालक शीशपाल मंढाण ने बताया कि सरकारी अनुदान न मिलने के कारण आश्रम की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। बिजली बिल जमा न होने के कारण बिजली विभाग ने 5 फरवरी को कनेक्शन काट दिया जिससे पिछले एक सप्ताह से आश्रम में बिजली और पानी दोनों की सुविधा नहीं है। इससे बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य और दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
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उन्होंने बताया कि कुरुक्षेत्र से लेकर चंडीगढ़ तक अधिकारियों के चक्कर काटे जा चुके हैं लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। चार महीने पहले भी अनुदान और समस्याओं के लिए धरना दिया गया था जिसे जिला कार्यक्रम अधिकारी बलजीत कौर के आश्वासन पर समाप्त किया गया था लेकिन चार महीने बीतने के बावजूद न तो ग्रांट आई और न ही समस्याओं का समाधान हुआ।
होमवर्क भी नहीं हो पा रहा
आश्रम में रहने वाले बच्चों ने बताया कि रात में बिजली न होने के कारण वे स्कूल का होमवर्क नहीं कर पाते। दिन में कोशिश करते हैं लेकिन कई बार काम अधूरा रह जाता है। इससे स्कूल में शिक्षकों की डांट भी सुननी पड़ती है।
इस संबंध में जिला कार्यक्रम अधिकारी बलजीत कौर ने बताया कि 10 फरवरी को जिला कार्यालय कुरुक्षेत्र में ग्रांट आ चुकी है और कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद एक से दो दिन में अनुदान जारी कर दिया जाएगा।
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कर्मचारियों ने बताया कि वेतन न होने से बच्चों की स्कूल फीस, राशन-पानी और अन्य जरूरी खर्च पूरे नहीं हो पा रहे हैं। हालात इतने खराब हैं कि बिल जमा न होने के कारण आश्रम का बिजली कनेक्शन भी काट दिया गया है। इससे कर्मचारियों के साथ-साथ आश्रम में रहने वाले अनाथ बच्चों को भी भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
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आश्रम संचालक शीशपाल मंढाण ने बताया कि सरकारी अनुदान न मिलने के कारण आश्रम की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। बिजली बिल जमा न होने के कारण बिजली विभाग ने 5 फरवरी को कनेक्शन काट दिया जिससे पिछले एक सप्ताह से आश्रम में बिजली और पानी दोनों की सुविधा नहीं है। इससे बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य और दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
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उन्होंने बताया कि कुरुक्षेत्र से लेकर चंडीगढ़ तक अधिकारियों के चक्कर काटे जा चुके हैं लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। चार महीने पहले भी अनुदान और समस्याओं के लिए धरना दिया गया था जिसे जिला कार्यक्रम अधिकारी बलजीत कौर के आश्वासन पर समाप्त किया गया था लेकिन चार महीने बीतने के बावजूद न तो ग्रांट आई और न ही समस्याओं का समाधान हुआ।
होमवर्क भी नहीं हो पा रहा
आश्रम में रहने वाले बच्चों ने बताया कि रात में बिजली न होने के कारण वे स्कूल का होमवर्क नहीं कर पाते। दिन में कोशिश करते हैं लेकिन कई बार काम अधूरा रह जाता है। इससे स्कूल में शिक्षकों की डांट भी सुननी पड़ती है।
इस संबंध में जिला कार्यक्रम अधिकारी बलजीत कौर ने बताया कि 10 फरवरी को जिला कार्यालय कुरुक्षेत्र में ग्रांट आ चुकी है और कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद एक से दो दिन में अनुदान जारी कर दिया जाएगा।