फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   Number plate putting the name of recovery

नंबर प्लेट लगाने के नाम पर वसूली, बिफरे ग्रामीण

Tue, 20 May 2014 12:17 AM IST
अमर उजाला, कुरुक्षेत्र
अमर उजाला, कुरुक्षेत्र Updated Tue, 20 May 2014 12:17 AM IST
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। गांव बाहरी में घरों के बाहर नंबर प्लेट लगाने के नाम पर 25-25 रुपये वसूलने पर बिफरे ग्रामीणों ने सोमवार को बवाल काटा और नंबर प्लेट लगाने आए ठेकेदार के कारिंदे को सरपंच के यहां बैठा लिया।
विज्ञापन


 गुस्साए ग्रामीणों ने मामले की सूचना डीआरडीए अध्यक्ष और जिला परिषद चेयरमैन प्रवीण चौधरी को दी। सूचना मिलने पर प्रवीण चौधरी मौके पर पहुंचे और जानकारी ली। गांव की सरपंच राजकली ने बताया कि बीडीपीओ का पत्र लेकर एक व्यक्ति कलेंदर सिंह सोमवार को उनके पास आया।
विज्ञापन


कलेंदर ने उन्हें बताया कि गांव में सभी लोगों के मकानों के बाहर निर्मल भारत अभियान के तहत स्वच्छ ग्राम निर्मल ग्राम और परिवार कल्याण बेटी बचाओ देश बचाओ नेम प्लेट लगानी है। पत्र में बीडीपीओ के दिशा-निर्देशों के बाद सरपंच राजकली ने गांव के पंच निरंजन सैनी को जब कलेंदर के साथ गांव में प्लेटें लगाने के लिए भेजा तो गांववासियों ने विरोध शुरू कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


ग्रामीणों के अनुसार अभी कुछ महीने पहले ही उनके यहां मकानों पर नंबर प्लेटें लगाई थीं। इसके बावजूद मात्र पांच रुपये मूल्य वाली यह नंबर प्लेट उन्हें 25-25 रुपये में जबरन थोपी जा रही है।

गांव में पहुंचे जिला परिषद चेयरमैन प्रवीण चौधरी ने जब कलेंदर सिंह से पूछा तो उसने बीडीपीओ की ओर से जारी पत्र दिखाते हुए बताया कि उसे तो ठेकेदार ने यहां प्लेटें लगाने के लिए भेजा है और पत्र में लिखे निर्देशानुसार उसने प्रत्येक प्लेट लगाने के बदले 25 रुपये कीमत वसूलनी है।

जिला परिषद चेयरमैन प्रवीण चौधरी ने इस बारे में तुरंत बीडीपीओ थानेसर, एडीसी कुरुक्षेत्र और डीसी से फोन पर बात की। बीडीपीओ ने उन्हें बताया कि एडीसी कार्यालय से आए पत्र के अनुसार उन्होंने आगे ब्लॉक में सभी सरपंचों को यह निर्देश भेजे हैं।

उधर, एडीसी ने प्रवीण चौधरी को बताया कि 25-25 रुपये लेकर नंबर प्लेट लगाने का मामला उनके संज्ञान में नहीं है। उन्होंने माना कि कुछ महीने पहले गांव में नंबर प्लेट लगाने के लिए एक कागजात पर उन्होंने हस्ताक्षर किए थे, अब वे उस पत्र को मंगा कर जांच कराएंगे। प्रवीण चौधरी ने सारे मामले से जब डीसी को अवगत कराया तो उन्होंने कहा कि वे इसकी जांच कराएंगे।

जिला परिषद चेयरमैन प्रवीण चौधरी ने कहा कि ग्रामीणों के मकानों पर नंबर प्लेट लगाने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की होती है। यदि नंबर प्लेट लगाना जरूरी है तो इन प्लेटों की कीमत ग्रामीणों से नहीं लेनी चाहिए, क्योंकि जिला परिषद या डीआरडीए के पास ऐसे कार्यों के लिए अपना फंड होता है।

उन्होंने कहा कि किसी प्राइवेट एजेंसी से यह कार्य कराना अनुचित है, क्योंकि जिला परिषद अथवा बीडीपीओ के पास सरकारी कर्मचारी मौजूद हैं और वे यह कार्य भली-भांति कर सकते हैं और डीआरडीए की किसी भी बैठक में ऐसा प्रस्ताव भी पारित नहीं हुआ है।

उन्होंने कहा कि गरीब लोगाें से जबरन वसूली किसी हालत में सहन नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिला में 422 ग्राम पंचायतें हैं और प्रत्येक पंचायत में 1000-1500 मकान होते हैं। ऐसे तो प्राइवेट एजेंसी करोड़ों रुपये इकट्ठा करेगी।


उन्होंने बताया कि वे पूरे मामले की अपने स्तर पर जांच कराएंगे। उन्होंने ग्रामीणों को आगाह किया कि भविष्य में यदि कोई ऐसा पत्र लेकर आता है तो उसकी पुष्टि अवश्य करें और कोई परेशानी होने पर जिला परिषद से संपर्क करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed