{"_id":"6668ef7ee4089f3f770be0df","slug":"now-students-will-be-able-to-study-10-new-courses-including-automation-and-robotics-in-nit-kurukshetra-kurukshetra-news-c-45-1-knl1024-119409-2024-06-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kurukshetra News: एनआईटी कुरुक्षेत्र में अब ऑटोमेशन और रोबोटिक्स सहित 10 नए कोर्स में पढ़ाई कर सकेंगे विद्यार्थी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kurukshetra News: एनआईटी कुरुक्षेत्र में अब ऑटोमेशन और रोबोटिक्स सहित 10 नए कोर्स में पढ़ाई कर सकेंगे विद्यार्थी
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान ( एनआईटी ) कुरुक्षेत्र में नए सत्र से विद्यार्थी 10 नए कोर्स में पढ़ाई कर सकेंगे, जिसके लिए संस्थान के संबंधित विभागों की ओर से पाठ्यक्रम तैयार किया जा रहा है तो वहीं इनमें दाखिले के लिए भी तैयारी पूरी कर ली गई है। जुलाई में एनआईटी के दाखिला प्रक्रिया शुरु होगी, जिसके बाद अगस्त के अंतिम सप्ताह तक कक्षाएं लगेंगी। उससे पहले-पहले पाठ्यक्रम तैयार कर लिया जाएगा ताकि विद्यार्थियों को बदलती तकनीक के मुताबिक शिक्षा दी जा सके। नए कोर्स शुरू होने से विद्यार्थियों को अत्याधुनिक सुविधाएं मिलेंगी और विद्यार्थियों की संख्या में भी वृद्धि होगी।
नए सत्र से विद्यार्थी मैकेनिकल विभाग में बैचलर्स ऑफ इंजीनियरिंग (ऑटोमेशन और रोबोटिक्स) में, कंप्यूटर विज्ञान विभाग में बैचलर्स ऑफ साइंस ( आर्टिफिशियल इंटेलीजेंसी एंड डेटा साइंस), इलेक्ट्रिक विभाग में बैचलर्स ऑफ सस्टेनेबल एनर्जी टेक्नोलॉजी, सिविल विभाग में बैचलर्स ऑफ आर्किटेक्चर एंड प्लानिंग, इलेक्ट्राॅनिक्स और संचार विभाग में बैचलर्स इन माइक्रो इलेक्ट्रोनिक्स एंड वीएलएसआई इंजीनियरिंग कोर्स में विद्यार्थी आवेदन कर सकेंगे। इसी के साथ अब संस्थान में विद्यार्थी पांच विभागों में इंटिग्रेटेड कोर्स के तहत पांच वर्षीय बीटेक-एमटेक की डिग्री भी विद्यार्थी नए सत्र से कर सकेंगे।
इन विभागों में शुरु किए गए पांच वर्षीय दोहरी डिग्री कोर्स
एनआईटी कुरुक्षेत्र में नए सत्र से विद्यार्थी छह विभागों में पांच वर्षीय दोहरी डिग्री कर सकेंगे, जिसमें विद्यार्थियों को बीटेक और एमटेक की इकट्ठी डिग्री मिलेगी। अगर विद्यार्थी किसी कारणवश चार वर्ष ही पूरा करने के बाद कोर्स को छोड़ देता है तो उसकी डिग्री अधूरी नहीं मानी जाएगी, उन्हें बीटेक की डिग्री मिलेगी। अगर विद्यार्थी 12वीं के बाद पांच वर्षीय कोर्स में दाखिला लेता है तो उन्हें एमटेक की डिग्री भी एक साल पहले ही मिलेगी, जिससे विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। विद्यार्थी बीटेक-एमटेक इन मैकेनिकल इंजीनियरिंग, बीटेक-एमटेक इन कंप्यूटर विज्ञान इंजीनियरिंग, बीटेक-एमटेक इन इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग, बीटेक-एमटेक इन इलेक्ट्राॅनिक्स और संचार इंजीनियरिंग, बीटेक-एमटेक इन सिविल इंजीनियरिंग में विद्यार्थी पांच वर्षीय दोहरी डिग्री कर सकेंगे।
विज्ञापन
नई तकनीक के मुताबिक विद्यार्थियों को शिक्षित करना ही उद्देश्य : प्रो. चौहान
डीन एकेडमिक एफेयर्स प्रो. आरपी चौहान का कहना है कि निदेशक प्रो. बीवी रमना रेड्डी के निर्देशन में गत वर्ष भी बैचलर्स के तीन कोर्स शुरु किए गए थे और इस वर्ष 10 नए काेर्स शुरू करने का प्रयास किया गया है, जिसमें नए सत्र से दाखिला प्रक्रिया शुरू होगी। गत वर्ष शुरू किए गए कोर्सों की प्रतिक्रिया बहुत अच्छी रही, जिससे प्रेरित होकर नई तकनीक से जुड़े 10 नए कोर्स इस वर्ष शुरू किए जा रहे हैं। उनका कहना है कि एनआईटी हमेशा प्रयासरत है कि विद्यार्थियों को बदलती तकनीक के साथ निपुण शिक्षा दी जाए ताकि विद्यार्थी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के क्षेत्रों में कार्य करने योग्य होकर ही एनआईटी परिसर से निकलें।
विज्ञापन
नए सत्र से विद्यार्थी मैकेनिकल विभाग में बैचलर्स ऑफ इंजीनियरिंग (ऑटोमेशन और रोबोटिक्स) में, कंप्यूटर विज्ञान विभाग में बैचलर्स ऑफ साइंस ( आर्टिफिशियल इंटेलीजेंसी एंड डेटा साइंस), इलेक्ट्रिक विभाग में बैचलर्स ऑफ सस्टेनेबल एनर्जी टेक्नोलॉजी, सिविल विभाग में बैचलर्स ऑफ आर्किटेक्चर एंड प्लानिंग, इलेक्ट्राॅनिक्स और संचार विभाग में बैचलर्स इन माइक्रो इलेक्ट्रोनिक्स एंड वीएलएसआई इंजीनियरिंग कोर्स में विद्यार्थी आवेदन कर सकेंगे। इसी के साथ अब संस्थान में विद्यार्थी पांच विभागों में इंटिग्रेटेड कोर्स के तहत पांच वर्षीय बीटेक-एमटेक की डिग्री भी विद्यार्थी नए सत्र से कर सकेंगे।
विज्ञापन
इन विभागों में शुरु किए गए पांच वर्षीय दोहरी डिग्री कोर्स
एनआईटी कुरुक्षेत्र में नए सत्र से विद्यार्थी छह विभागों में पांच वर्षीय दोहरी डिग्री कर सकेंगे, जिसमें विद्यार्थियों को बीटेक और एमटेक की इकट्ठी डिग्री मिलेगी। अगर विद्यार्थी किसी कारणवश चार वर्ष ही पूरा करने के बाद कोर्स को छोड़ देता है तो उसकी डिग्री अधूरी नहीं मानी जाएगी, उन्हें बीटेक की डिग्री मिलेगी। अगर विद्यार्थी 12वीं के बाद पांच वर्षीय कोर्स में दाखिला लेता है तो उन्हें एमटेक की डिग्री भी एक साल पहले ही मिलेगी, जिससे विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। विद्यार्थी बीटेक-एमटेक इन मैकेनिकल इंजीनियरिंग, बीटेक-एमटेक इन कंप्यूटर विज्ञान इंजीनियरिंग, बीटेक-एमटेक इन इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग, बीटेक-एमटेक इन इलेक्ट्राॅनिक्स और संचार इंजीनियरिंग, बीटेक-एमटेक इन सिविल इंजीनियरिंग में विद्यार्थी पांच वर्षीय दोहरी डिग्री कर सकेंगे।
विज्ञापन
नई तकनीक के मुताबिक विद्यार्थियों को शिक्षित करना ही उद्देश्य : प्रो. चौहान
डीन एकेडमिक एफेयर्स प्रो. आरपी चौहान का कहना है कि निदेशक प्रो. बीवी रमना रेड्डी के निर्देशन में गत वर्ष भी बैचलर्स के तीन कोर्स शुरु किए गए थे और इस वर्ष 10 नए काेर्स शुरू करने का प्रयास किया गया है, जिसमें नए सत्र से दाखिला प्रक्रिया शुरू होगी। गत वर्ष शुरू किए गए कोर्सों की प्रतिक्रिया बहुत अच्छी रही, जिससे प्रेरित होकर नई तकनीक से जुड़े 10 नए कोर्स इस वर्ष शुरू किए जा रहे हैं। उनका कहना है कि एनआईटी हमेशा प्रयासरत है कि विद्यार्थियों को बदलती तकनीक के साथ निपुण शिक्षा दी जाए ताकि विद्यार्थी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के क्षेत्रों में कार्य करने योग्य होकर ही एनआईटी परिसर से निकलें।