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अब स्कूलों में ही बनाना होगा मिड-डे-मील
अमर उजाला/ब्यूरो/कुरुक्षेत्र
Updated Mon, 28 Mar 2016 12:57 AM IST
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प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई कर रहे बच्चों को अब स्कूल मुखियाओं की निगरानी में गर्म व ताजा खाना मिलेगा। मिड-डे-मील योजना के तहत दिए जाने वाले इस खाने के लिए सभी स्कूल मुखियाओं को अपने-अपने स्कूल में गैस सिलेंडर से लेकर चूल्हे की भी व्यवस्था करनी होगी। बच्चों को उक्त योजना के तहत ताजा व पौष्टिक भोजन दिए जाने के लिए शिक्षा विभाग बेहद गंभीर है, जिसके चलते ही मौलिक शिक्षा विभाग निदेशक की ओर से प्रदेश के सभी मौलिक व जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर नए दिशा-निर्देश दिए हैं। इसमें स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि बच्चों को दिए जाने वाले मिड-डे-मील में किसी भी स्तर पर कोताही न बरती जाए।
बता दें कि कुरुक्षेत्र, पलवल, गुडग़ांवा व फरीदाबाद जिलों में अभी सरकार की योजना के अनुसार इस्कॉन फूड्स की ओर से इस योजना के तहत भोजन दिया जा रहा है तो अन्य सभी जिलों में स्कूलों में ही भोजन तैयार करवाया जा रहा है। नए निर्देशों के बाद अब उक्त चारों जिला के स्कूल मुखियाओं को भी अपने-अपने स्कूल में गैस सिलेंडर से लेकर चूल्हे का भी प्रबंध किए जाने को कहा गया है। हालांकि माना जा रहा है कि इस्कॉन फूड्स की ओर से दिया जाने वाला खाना ठंडा हो जाता है और स्कूल में पहुंचने पर उसे गर्म किया जा सकेगा जबकि अगले सत्र में मिड-डे-मील नियम 2015 के नियमानुसार इन स्कूलों में भी खाना तैयार किए जाने की यह योजना बताई जा रही है। यह भी विचार किया जा रहा है कि जब तक सभी स्कूलों के मिड-डे-मील को लेकर बजट नहीं भेजा जाता तब तक स्कूल मुखिया स्कूल निधि से खर्च कर सकेंगे।
सरकार कर रही है विचार : सुमन आर्य
जिला शिक्षा अधिकारी सुमन आर्य का कहना है कि विभाग कुरुक्षेत्र सहित अन्य तीन जिलों में भी स्कूलों में ही बना मिड-डे-मील बच्चों को दिए जाने पर विचार कर रहा है। इस संबंध में निर्देश भी जारी हुए है। सभी स्कूलों में मिड-डे-मील ताजा व पौष्टिक दिया जाए, इसको लेकर पूरी तरह से गंभीरता बरती जा रही है।
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बता दें कि कुरुक्षेत्र, पलवल, गुडग़ांवा व फरीदाबाद जिलों में अभी सरकार की योजना के अनुसार इस्कॉन फूड्स की ओर से इस योजना के तहत भोजन दिया जा रहा है तो अन्य सभी जिलों में स्कूलों में ही भोजन तैयार करवाया जा रहा है। नए निर्देशों के बाद अब उक्त चारों जिला के स्कूल मुखियाओं को भी अपने-अपने स्कूल में गैस सिलेंडर से लेकर चूल्हे का भी प्रबंध किए जाने को कहा गया है। हालांकि माना जा रहा है कि इस्कॉन फूड्स की ओर से दिया जाने वाला खाना ठंडा हो जाता है और स्कूल में पहुंचने पर उसे गर्म किया जा सकेगा जबकि अगले सत्र में मिड-डे-मील नियम 2015 के नियमानुसार इन स्कूलों में भी खाना तैयार किए जाने की यह योजना बताई जा रही है। यह भी विचार किया जा रहा है कि जब तक सभी स्कूलों के मिड-डे-मील को लेकर बजट नहीं भेजा जाता तब तक स्कूल मुखिया स्कूल निधि से खर्च कर सकेंगे।
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सरकार कर रही है विचार : सुमन आर्य
जिला शिक्षा अधिकारी सुमन आर्य का कहना है कि विभाग कुरुक्षेत्र सहित अन्य तीन जिलों में भी स्कूलों में ही बना मिड-डे-मील बच्चों को दिए जाने पर विचार कर रहा है। इस संबंध में निर्देश भी जारी हुए है। सभी स्कूलों में मिड-डे-मील ताजा व पौष्टिक दिया जाए, इसको लेकर पूरी तरह से गंभीरता बरती जा रही है।
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