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Kurukshetra News: अब गांव कमोदा में किसान सीख सकेंगे मिट्टी सरंक्षण व नवीनतम तकनीक
Mon, 30 Sep 2024 04:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Mon, 30 Sep 2024 04:11 AM IST
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कुरुक्षेत्र। गांव कमोदा में अब किसान न केवल मिट्टी संरक्षण बल्कि कृषि की नवीनतम तकनीक सीख सकेंगे। इसके लिए एस्कॉर्ट्स कुबोटा एडवांस फार्मिंग संस्थान द्वारा आधुनिक कृषि प्रशिक्षण शुरू किया गया है। कुछ महीने पहले ही इस संस्थान का शुभारंभ किया था, जिसका मुख्य उद्देश्य किसानों को खेती के नए और प्रभावी तरीके अपनाने और टिकाऊ खेती के प्रयासों को मजबूत करना है।
समारोह में कृषि उप-निदेशक, कुरुक्षेत्र डॉ. कर्म चंद, कृषि विज्ञान केंद्र के प्रतिनिधि डॉ. नसीब सिंह, डॉ. ललिता, डॉ. कविता, एस्कॉर्ट्स कुबोटा से अशोक देसाई, तरुण कुमार, ऋत्विक बहुगुणा, भूप सिंह शामिल रहे। अशोक देसाई ने बताया कि इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों में प्रशिक्षित करना है, जिससे एक बार में 75 किसानों को प्रशिक्षण देने की क्षमता वाले इस संस्थान में निशुल्क रहने और खाने की सुविधा प्रदान की जाती है। साथ ही, यहां किसानों के लिए डिजिटल लाइब्रेरी, मिट्टी जांच की सुविधा, और उन्नत वर्कशॉप्स उपलब्ध हैं, जिससे न सिर्फ उनकी कृषि पद्धतियों में सुधार होगा, बल्कि उन्हें चैंपियंस ऑफ चेंज बनने का अवसर मिलेगा। ये चैंपियंस अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्त्रोत बनकर उन्हें भी उन्नत तकनीकों से जोड़ेंगे।इस कार्यक्रम में कुरुक्षेत्र के साथ-साथ यमुनानगर, कैथल और अंबाला जिलों के प्रगतिशील किसान, किसान उत्पादक संगठन , कस्टम हायरिंग सेंटर और विभिन्न सरकारी अधिकारी शामिल हुए।
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समारोह में कृषि उप-निदेशक, कुरुक्षेत्र डॉ. कर्म चंद, कृषि विज्ञान केंद्र के प्रतिनिधि डॉ. नसीब सिंह, डॉ. ललिता, डॉ. कविता, एस्कॉर्ट्स कुबोटा से अशोक देसाई, तरुण कुमार, ऋत्विक बहुगुणा, भूप सिंह शामिल रहे। अशोक देसाई ने बताया कि इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों में प्रशिक्षित करना है, जिससे एक बार में 75 किसानों को प्रशिक्षण देने की क्षमता वाले इस संस्थान में निशुल्क रहने और खाने की सुविधा प्रदान की जाती है। साथ ही, यहां किसानों के लिए डिजिटल लाइब्रेरी, मिट्टी जांच की सुविधा, और उन्नत वर्कशॉप्स उपलब्ध हैं, जिससे न सिर्फ उनकी कृषि पद्धतियों में सुधार होगा, बल्कि उन्हें चैंपियंस ऑफ चेंज बनने का अवसर मिलेगा। ये चैंपियंस अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्त्रोत बनकर उन्हें भी उन्नत तकनीकों से जोड़ेंगे।इस कार्यक्रम में कुरुक्षेत्र के साथ-साथ यमुनानगर, कैथल और अंबाला जिलों के प्रगतिशील किसान, किसान उत्पादक संगठन , कस्टम हायरिंग सेंटर और विभिन्न सरकारी अधिकारी शामिल हुए।
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