फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   No matter how much progress you make, do not forget your roots: Bandaru Dattatreya

तरक्की चाहे जितनी भी करें पर जड़ों को न भूलें : बंडारू दत्तात्रेय

Sat, 04 Nov 2023 02:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र Updated Sat, 04 Nov 2023 02:24 AM IST
विज्ञापन
No matter how much progress you make, do not forget your roots: Bandaru Dattatreya
कुरुक्षेत्र। जिंदगी में चाहे कितनी भी तरक्की कर ली जाए, दुनिया के किसी भी कोने में जाकर कितने भी बड़े पद पर चले जाएं, लेकिन हमें अपनी जड़ों को नहीं भूलना चाहिए। जहां हमारा जन्म होता है, वह मातृ भूमि हमारे लिए सब कुछ होती है। हमें हमेशा ही मातृभूमि व देश से जुड़े रहना चाहिए। गुरुकुल के आचार्य के रूप में यह पाठ राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने छात्र-छात्राओं को पढ़ाया, जिसे सुनकर न केवल गुरुकुल के छात्र-छात्राएं बल्कि उनके अभिभावक व शिक्षक भी भावुक हो गए। मौका था गुरुकुल कुरुक्षेत्र के 111वें वार्षिक उत्सव का, जहां राज्यपाल मुख्यातिथि के रूप में पहुंचे थे।
विज्ञापन

संबोधन के दौरान गुरुकुल के ही आचार्य की भूमिका में राज्यपाल दिखाई दिए। उन्होंने छात्र-छात्राओं को खूब पढ़ाई करने, शरीर को स्वस्थ रखने के साथ-साथ संस्कारवान होने के मूल्यों से भी अवगत कराया। उन्होंने कहा कि आज युवा विदेशों की ओर दौड़ रहे हैं, लेकिन उन्हें मातृभूमि और देश को नहीं भुलाना चाहिए। साथ ही अपने माता-पिता का सदा ख्याल रखना चाहिए। उन्होंने गुरुकुल कुरुक्षेत्र में अंग्रेजी माध्यम से करवाई जा रही पढ़ाई पर हैरानी जताते हुए कहा कि वे भी समझते थे कि ऐसे गुरुकुल में आज भी पुरानी पद्धति से ही पढ़ाई कराई जा रही होगी, लेकिन वर्तमान दौर को देखते हुए यहां अंग्रेजी में पढ़ाई कराया जाना अहम कदम है। राज्यपाल ने नसीहत देते हुए कहा कि हमें दुनिया का सामना करना है, जिसके लिए अंग्रेजी भी उसी तर्ज पर आनी चाहिए, लेकिन हमें इसका गुलाम बनने की जरूरत नहीं है। राज्यपाल ने कहा कि हमें अपनी मातृभूमि की तरह मातृभाषा से भी उतना ही लगाव रखना चाहिए।
विज्ञापन


बॉक्स
योग व मलखंभ जैसी क्रियाएं देख अभिभूत हुए राज्यपाल, दिए 25 लाख रुपये
समारोह में गुरुकुल के ब्रह्मचारियों द्वारा प्रस्तुत किये गये मलखंभ, योगासन, सूर्य नमस्कार, जिन्मास्टिक, कल्लरी आदि कार्यक्रमों को देख राज्यपाल अभिभूत हो उठे। एक-एक प्रस्तुति का जिक्र करते हुए उन्होंने जमकर सराहना की। कहा कि इतनी साधना तो बड़े-बड़े अनुशासित संस्थानों में भी मुश्किल से देखने को मिलती है। यह बेहद ही अचंभित करने वाली है। उन्होंने अपने स्वैच्छिक कोष से गुरुकुल को 25 लाख की प्रोत्साहन राशि भेंट करने की घोषणा की।
विज्ञापन
विज्ञापन


-----
बॉक्स
छात्र-छात्राओं को पढ़ाया जाता है माता-पिता का सहारा बनने का पाठ : आचार्य
गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि गुरुकुल में बच्चों को संस्कार, अनुशासन और नैतिक शिक्षा का ऐसा पाठ पढ़ाया जाता है जिससे वे बुढ़ापे में अपने माता-पिता के लिए संबल बने, उनके बुढ़ापे की लाठी बनें। हर अभिभावक यह चाहता है कि उनकी आने वाली पीढ़ी उन्नत संस्कारवान बने। उन्होंने कहा कि हमारा ध्येय है कि बच्चों को उत्तम शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और संस्कार प्रदान कर उन्हें राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed