नवरात्रि महोत्सव: 11 देशोंं के फूलों से सजेगा मां भद्रकाली का दरबार, कल से शक्ति महोत्सव का होगा शंखनाद
नवरात्री में इस बार कुरुक्षेत्र के मां भद्रकाली जी के दरबार को 11 देशो के फूलों से व फलों से विशेष रूप से सजाया जाएगा। एमिल पुष्प श्रृंगार की टीम ही मां वैष्णों देवी मंदिर की साज-सज्जा भी करती है।
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प्रदेश के एकमात्र शक्तिपीठ श्री देवीकूप भद्रकाली मंदिर में नवरात्रि महोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा, जिसके लिए व्याप्क स्तर पर तैयारी की गई है। इस बार नवरात्रि कार्यक्रम को "शक्ति महोत्सव" के नाम से 21 मार्च से छह अप्रैल तक मनाया जाएगा, जिसमे विशेष तौर पर 21 मार्च को प्रदेश की सबसे बड़ी धार्मिक शोभायात्रा, 22 मार्च को हमारे गौरवशाली हिन्दू नव वर्ष को बुर्ज खलीफा स्टाइल में भव्य आतिशबाजी के साथ, 25 मार्च शनिवार को सभी भक्तों के लिए मां का विशेष खजाना व नवनिर्मित मॉडर्न रेस्ट रूम का भव्य उद्घाटन, 28 मार्च को मनोकामना पूर्ण हवन यज्ञ और 29 मार्च को श्री दुर्गाष्ठमी जागरण होगा ।
20 कारीगरों की टीम मां के दरबार को सजाने में जुटी, मंगलवार को निकाली जाएगी भव्य शोभा यात्रा
प्रत्येक दिन नवरात्रि व्रत भंडारा व अन्नपूर्णा भंडारे का भी आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि हर बार की तरह इस बार भी मां भद्रकाली जी के दरबार को 11 देशो के फूलों से व फलों से विशेष रूप से सजाया जाएगा । इसके लिए एमिल पुष्प श्रृंगार की एक 20 सदस्यीय टीम मंदिर परिसर में पहुंच चुकी है । जिसमें मुम्बई से व बंगाल से आए कारीगर मंदिर को एक भव्य रूप देंगे । एमिल पुष्प श्रृंगार की टीम ही मां वैष्णों देवी मंदिर की साज-सज्जा भी करती है।
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पीठाध्यक्ष सतपाल शर्मा ने बताया कि नौ तरह के गुलाब, कमल, कलकत्ता गेंदा, रजनीगंधा, रात की रानी, चमेली इत्यादि के अलावा विदेशी पुष्प जरबेरा, एनथुरियम, ऑर्किड, लिली, बर्ड ऑफ पैराडाइस, ट्यूलिप, डेहलिया,सीलोसिया ,हैडरेन्जिया, करनिशियन जैसे फूलों के इंद्रधनुषी रंग मां के मंदिर में खूब रंगत बिखेरेंगे। इन देसी- विदेशी फूलों की महक मां भद्रकाली जी के दरबार में चार चांद लगा देगी । पीठाध्यक्ष ने बताया कि ये कारीगर दुपट्टों, प्रॉप्स, अस्थायी ढांचे को मिलाकर अलग अलग फूलों की कलाकृति से मंदिर को सजाएंगे।
फूलों से बनी अलग अलग कलाकृतियां मंदिर में भक्तिमय सकारात्मक व खुशनुमा माहौल बनाएगी। स्वास्तिक, ॐ, जय माता दी, कलश, इत्यादि हर धार्मिक प्रतीकों को पुष्प सज्जा से ही बनाया जाएगा । इसके साथ ही मंदिर को 11 तरह के फलों मौसमी-संतरा , केला , सेब , अंगूर, पपीता, अनानास, तेजरींन, अनार, ड्रैगन फ्रूट, अमरूद, वाशिंगटन एप्पल इत्यादि से भी सजाया जाएगा ।
उन्होंने आगे बताया कि एमिल पुष्प श्रृंगार की यही टीम शोभायात्रा के लिए मां के पावन पवित्र ज्योति रथ को भी फूलों और फलों से ओर भी भव्य रूप प्रदान करेंगे।
मंदिर में प्रथम नवरात्र पर और अष्टमी पर 56 भोग का प्रसाद भी मां भद्रकाली को लगाया जाएगा, जिसमें ड्राई फ्रूट्स, मिठाइयां , फल इत्यादि विशेष पकवान रखें जाएंगे । अष्टमी पर पान के पत्तों से भी माँ का विशेष श्रृंगार होगा ।
भव्य शोभा यात्रा में जी-20 का लोगो बनेगा विशेष आर्कषण
पीठाध्यक्ष ने बताया कि भारत को जी-20 की अध्यक्षता मिलने के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए शोभायात्रा में जी- 20 का विशाल लोगों भी रखा जाएगा। प्रथम नवरात्रि 22 मार्च , बुधवार को होने वाले हिन्दू नव वर्ष अभिनंदन के लिए पटाखे की पांच सदस्य टीम भी 19 मार्च को मंदिर पहुंच चुकी है और तीन दिन की अथक मेहनत से मां भद्रकाली के 108 फुट ऊंचे गुंबद को विश्व प्रसिद्ध बुर्ज खलीफा स्टाइल में भव्य आतिशबाजी के लिए तैयार करेंगे और इस कार्यक्रम को कामयाब करेंगे।
इस टीम में एक पटाखा लोकेशन डिज़ाइनर , तीन कारीगर , एक पावर एक्सपर्ट है । पूरे कार्यक्रम के दौरान सिर्फ ग्रीन पटाखों का ही इस्तेमाल किया जाएगा और उन्हें रिमोट कंट्रोल के जरिये संचालित किया जाएगा । 1100 से भी ज़्यादा पटाखे लगाए जाएंगे और सिर्फ कोल्ड फायर का ही इस्तेमाल किया जाएगा ।
ये रहे मौजूद
तैयारियों की समीक्षा के दौरान अध्यक्ष नरेंद्र वालिया, प्रो हेमराज शर्मा, शिमला देवी, शकुंतला रानी, मीना जोशी, देवेंद्र गर्ग, रामपाल लाठर, संजीव मित्तल, हाकम चौधरी, निकुंज शर्मा, सुरजीत कुमार, राहुल कुमार, आशीष दीक्षित, राजेन्द्र कुमार, इत्यादि सेवक उपस्थित रहे ।