फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   Miri-Piri Institute dispute: SGPC and HSGMC may face off today over management of the institute, all eyes on

मीरी-पीरी संस्थान विवाद : एसजीपीसी और एचएसजीएमसी संस्थान के प्रबंधन के लिए आज हो सकते हैं आमने-सामने, टिकी निगाहें

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 08 Aug 2026 02:18 AM IST
विज्ञापन
Miri-Piri Institute dispute: SGPC and HSGMC may face off today over management of the institute, all eyes on
कुरुक्षेत्र/शाहाबाद। मीरी-पीरी मेडिकल संस्थान शाहाबाद के प्रबंधन व संचालन को लेकर शनिवार को फिर एसजपीसी व एचएसजीएमसी आमने सामने हो सकते हैं। दोनों की ओर से ही कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है, जिसके चलते हर किसी की निगाहें टिकी हुई है। एसजीपीसी अध्यक्ष अधिवक्ता हरजिंदर सिंह धामी संस्थान पहुंचकर बोर्ड की बैठक लेंगे और वर्तमान स्थिति की समीक्षा कर भविष्य की रणनीति तय करेंगे तो वहीं दूसरी ओर एचएसजीएमसी ने भी बैठक बुलाई है। ऐसे में पुलिस भी अलर्ट मोड पर है।
विज्ञापन

वरिष्ठ मीत प्रधान गुरमीत सिंह रामसर ने बताया कि शनिवार सुबह संस्थान में एचएसजीएमसी कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक निर्धारित है, जिसमें अधिकांश कार्यकारी सदस्य शामिल होंगे। वहीं संस्थान के सीईओ डॉ. संदीप इंद्र सिंह चीमा के मुताबिक शनिवार सुबह करीब नौ बजे ट्रस्ट व एसजपीसी अध्यक्ष हरजिंद्र सिंह धामी पहुंचेंगे।
विज्ञापन




एचएसजीएमसी संस्थान का कार्यभार संभाल चुकी
रामसर ने कहा कि 20 सितंबर 2022 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार हरियाणा के गुरुद्वारों एवं उनसे जुड़ी चल-अचल संपत्तियों का प्रबंधन एचएसजीएमसी के माध्यम से किया जाना है। उन्होंने दावा किया कि 27 जुलाई को ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में एचएसजीएमसी संस्थान का कार्यभार संभाल चुकी है। ऐसे में बोर्ड पर लगे स्टे का हवाला देकर एसजीपीसी या बादल परिवार से जुड़े सदस्य प्रबंधन पर कब्जा नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि यदि अब कोई विवाद होता है तो उसकी जिम्मेदारी एसजीपीसी और बादल परिवार से जुड़े सदस्यों की होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


रामसर बोले- कर्मचारियों का अधिकार है वेतन
शुक्रवार को मीरी-पीरी ट्रस्ट एवं एसजीपीसी की ओर से अप्रैल माह का लंबित वेतन शेष कर्मचारियों और चिकित्सकों के खातों में जारी कर दिया गया। इससे पहले केवल ग्रुप-डी कर्मचारियों को ही अप्रैल का वेतन मिला था। एसजीपीसी इससे पहले मार्च माह का वेतन 8 मई को जारी कर चुकी थी। 12 मई को हाईकोर्ट द्वारा प्रबंधन का फैसला एचएसजीएमसी के पक्ष में आने के बाद एसजीपीसी ने वेतन जारी करना बंद कर दिया था और कहा था कि अब वेतन एचएसजीएमसी देगी।


कानूनी पेंच बढ़ता ही गया

12 मई को एचएसजीएमसी प्रधान झींडा ने संस्थान संचालन का एलान किया लेकिन औपचारिक प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। वेतन न मिलने से कर्मचारियों और चिकित्सकों ने तीन जुलाई से मीरी-पीरी कर्मचारी संघर्ष समिति के नेतृत्व में धरना शुरू कर दिया। मामला हरियाणा गुरुद्वारा जुडीशियल आयोग तक भी पहुंचा, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। 27 जुलाई को एचएसजीएमसी ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कार्यभार संभालते हुए जून माह का वेतन देने की घोषणा की, लेकिन उसी शाम हाईकोर्ट की डबल बेंच ने ट्रस्टियों की याचिका पर 2024 में गठित बोर्ड पर स्टे लगा दिया, जिसके बाद एचएसजीएमसी ने भी कानूनी अड़चनों का हवाला देना शुरू कर दिया। 22 दिन के धरने के बाद कर्मचारियों को आश्वासन मिलने पर उन्होंने काम पर वापसी कर ली, लेकिन अब तक वेतन जारी नहीं हो सका। रामसर ने कहा कि 26 जुलाई तक संस्थान का पूरा प्रबंधन और आय एसजीपीसी के पास थी, इसलिए एक माह का वेतन जारी करना कोई एहसान नहीं बल्कि कर्मचारियों का अधिकार है।



ट्रस्ट में बदलाव व संस्थान के संचालन पर हो सकती है चर्चा
हरियाणा कमेटी के वरिष्ठ मीत प्रधान गुरमीत सिंह रामसर के मुताबिक शनिवार को एचएसजीएमसी कार्यकारिणी की बैठक में ट्रस्ट में बदलाव और संस्थान के भविष्य की कार्ययोजना पर विचार किए जाने की संभावना है। उन्होंने कहा कि 11 में से 8 सदस्यों के आने की पुष्टि हो चुकी है। उनका आरोप है कि एचएसजीएमसी कई दिनों से सीईओ डॉ. संदीप इंद्र सिंह चीमा से संस्थान का वित्तीय और प्रशासनिक रिकॉर्ड मांग रही है, लेकिन जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जा रही। जून माह का वेतन घोषणा के अनुसार जारी नहीं हो सका।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed