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मंत्री जी, जमींदारों से ऐसा अन्याय हो रहा है, क्या हम बाहर चले जाएं-
ब्यूरो/कुरुक्षेत्र,अमर उजाला
Updated Sun, 02 Oct 2016 12:23 AM IST
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मंत्री जी, जमींदारों से ऐसा अन्याय हो रहा है, क्या हम बाहर चले जाएं
- फोटो : अमर उजाला
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धान खरीद के सरकारी रेट से कम रेट मिलने पर किसानों ने हरियाणा के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले के राज्यमंत्री कर्णदेव कांबोज से नाराजगी जताई। कुछ किसानों ने तो यहां तक कह दिया कि जमीनदारों के ऐसा ऐसा अन्याय हो रहा है, क्या हम कहीं बाहर चले जाए ..। इसके बाद राज्य मंत्री ने जो किया उसके बाद सभी लोग उनके कायल भी हुए और किसानों को कम रेट मिलने की वजह भी पता चल गई।
मामला थानेसर अनाजमंडी में धान खरीद की व्यवस्था का जायता लेने आए राज्यमंत्री कर्णदेव कंबोज के निरीक्षण के दौरान का है। बताया जाता बाहर से आए कुछ किसानों ने राज्य मंत्री से कहा कि धान का पूरा रेट नहीं दिया जा रहा है। तो कुछ ने कहा कि जमींदारों के साथ ऐसा अन्याय हो रहा है तो हम क्या कहीं बाहर चले जाए..। इस पर राज्यमंत्री ने कारण पता किया। किसानों का आरोप था कि माश्चर ज्यादा बता कर रेट कम दिया जा रहा है। इस पर राज्यमंत्री ने तत्काल मौके पर ही धान की कई ढेरियों की जांच कराई। जिसमें माश्चर का प्रतिशत 20 से 22 तक पाया गया। जबकि सरकार की तरफ से 17 प्रतिशत तक माश्चर के धान पर निर्धारित रेट दिए जाने की व्यवस्था है। जांच में जब माश्चर ज्यादा मिला तब राज्यमंत्री ने किसानों से कहा कि माश्चर ज्यादा होगा तो दर भी कम ही होगी। इसका नुकसान सरकार क्यों उठाएगी। राज्य मंत्री के तत्काल जांच कराने और किसानों से सीधे जुडकर बात करने से उनके व्यवहार की जमकर तारीफ भी की और कमरेट मिलने का कारण भी किसान जान गए। राज्य मंत्री ने करीब आधा दर्जन ढ़ेरियों की जांच मौके पर ही कराई। उन्होंने किसानों का आश्वासन दिया कि किसी भी किसान को कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी न ही उसके साथ किसी तरह का अन्याय होने दिया जाएगा।
आढ़तियों ने कहा मौके पर कराया जाए पैमेंट
राज्यमंत्री के निरीक्षण के दौरान नई अनाजमंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान और अन्य आढ़तियों ने उसने मांग की कि धान का पैमेंट हाथोहाथ कराया जाए। इस पर राज्यमंत्री कंबोज ने ने डीएफएससी वीरेंद्र सिंह को निर्देश दिए कि पैमेंट खरीद के साथ ही हाथो हाथ दिया जाए। साथ ही मंडी में शौचालय की संख्या बढ़ाने के भी निर्देश दिए हैं। निरीक्षण के दौरान राज्यमंत्री ने सफाई व्यवस्था को और बेहतर करने के लिए भी कहा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसानों को किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं आनी चाहिए। इस दौरान कुरुक्षेत्र विधायक सुभाष सुधा ने भी राज्यमंत्री के साथ व्यवस्थाओं का जायजा लिया। विधायक और राज्यमंत्री ने दुकान नंबर-59 पर किसानों एवं व्यापारियों की समस्याओं को सुना और उनका मौके पर समाधान करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए।
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इस एजेंसी ने इतना खरीदा धान
मार्केट कमेटी सचिव जिले सिंह ने बताया कि शनिवार को लगभग एक लाख बीस हजार क्विंटल धान की आवक हुई। शनिवार को डीएफएससी ने 66 हजार क्विंटल धान खरीदी, हैफेड ने 15 हजार क्विंटल और हरियाणा एग्रो ने 40 हजार क्विंटल धान खरीदा।
निर्धारित मापदंडों से करें खरीदी
पत्रकारों से बातचीत के दौरान राज्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि प्रदेश में किसी भी अनाजमंडी में धान खरीद के काम में जरा-सी भी लापरवाही सहन नहीं की जाएगी। इसलिए अधिकारी निर्धारित मापदंडों के अनुसार धान की खरीद करना सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा निर्धारित मापदंडों के अनुसार 17 प्रतिशत नमी वाली धान को न्यूनतम मूल्य पर खरीदा जा रहा है। यदि इस खरीद कार्य में कोई अधिकारी लापरवाही बरतेगा या किसानों को बेजह परेशान करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष व्यापारियों के अनुरोध करने पर धान की आवक को देखते हुए खरीद का कार्य एक अक्तूबर की बजाय 24 सितंबर से किया गया था और विशेष प्रयासों से धान की किस्म 1509 को ए ग्रेड में शामिल किया गया। सरकार के इस फैसले से इस किस्म की धान की कीमत 1614 रुपये मिली, लेकिन किसी ने भी इस धान को नहीं खरीदा। इतना ही नहीं विस में इस मामले को उठाया गया। इसके बाद ही इस धान को मिलिंग के लिए व्यापारियों को दिया गया। इस धान में किसी प्रकार की अनियमिता नहीं बरती गई और ना ही किसी प्रकार का घोटाला हुआ है। सरकार ने किसानों को करीब दो हजार करोड़ रुपये का मुआवजा देने का काम किया, जो पिछली सरकार ने कभी नहीं दिया। पिछली सरकार ने किसानों को केवल एक-दो रुपए के चैक ही पहुंचाए थे। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि खेतों में फानों को आग न लगाएं। इससे पर्यावरण दूषित होने के अलावा दुर्घटनाओं की संभावना भी बढ़ती है। इस अवसर पर जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक वीरेंद्र सिंह, जितेंद्र ढींगड़ा, व्यापारी उदय सिंह, जगतार काजल तथा चंद्रभान गुप्ता सहित अन्य व्यापारी मौजूद रहे।
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मामला थानेसर अनाजमंडी में धान खरीद की व्यवस्था का जायता लेने आए राज्यमंत्री कर्णदेव कंबोज के निरीक्षण के दौरान का है। बताया जाता बाहर से आए कुछ किसानों ने राज्य मंत्री से कहा कि धान का पूरा रेट नहीं दिया जा रहा है। तो कुछ ने कहा कि जमींदारों के साथ ऐसा अन्याय हो रहा है तो हम क्या कहीं बाहर चले जाए..। इस पर राज्यमंत्री ने कारण पता किया। किसानों का आरोप था कि माश्चर ज्यादा बता कर रेट कम दिया जा रहा है। इस पर राज्यमंत्री ने तत्काल मौके पर ही धान की कई ढेरियों की जांच कराई। जिसमें माश्चर का प्रतिशत 20 से 22 तक पाया गया। जबकि सरकार की तरफ से 17 प्रतिशत तक माश्चर के धान पर निर्धारित रेट दिए जाने की व्यवस्था है। जांच में जब माश्चर ज्यादा मिला तब राज्यमंत्री ने किसानों से कहा कि माश्चर ज्यादा होगा तो दर भी कम ही होगी। इसका नुकसान सरकार क्यों उठाएगी। राज्य मंत्री के तत्काल जांच कराने और किसानों से सीधे जुडकर बात करने से उनके व्यवहार की जमकर तारीफ भी की और कमरेट मिलने का कारण भी किसान जान गए। राज्य मंत्री ने करीब आधा दर्जन ढ़ेरियों की जांच मौके पर ही कराई। उन्होंने किसानों का आश्वासन दिया कि किसी भी किसान को कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी न ही उसके साथ किसी तरह का अन्याय होने दिया जाएगा।
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आढ़तियों ने कहा मौके पर कराया जाए पैमेंट
राज्यमंत्री के निरीक्षण के दौरान नई अनाजमंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान और अन्य आढ़तियों ने उसने मांग की कि धान का पैमेंट हाथोहाथ कराया जाए। इस पर राज्यमंत्री कंबोज ने ने डीएफएससी वीरेंद्र सिंह को निर्देश दिए कि पैमेंट खरीद के साथ ही हाथो हाथ दिया जाए। साथ ही मंडी में शौचालय की संख्या बढ़ाने के भी निर्देश दिए हैं। निरीक्षण के दौरान राज्यमंत्री ने सफाई व्यवस्था को और बेहतर करने के लिए भी कहा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसानों को किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं आनी चाहिए। इस दौरान कुरुक्षेत्र विधायक सुभाष सुधा ने भी राज्यमंत्री के साथ व्यवस्थाओं का जायजा लिया। विधायक और राज्यमंत्री ने दुकान नंबर-59 पर किसानों एवं व्यापारियों की समस्याओं को सुना और उनका मौके पर समाधान करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए।
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इस एजेंसी ने इतना खरीदा धान
मार्केट कमेटी सचिव जिले सिंह ने बताया कि शनिवार को लगभग एक लाख बीस हजार क्विंटल धान की आवक हुई। शनिवार को डीएफएससी ने 66 हजार क्विंटल धान खरीदी, हैफेड ने 15 हजार क्विंटल और हरियाणा एग्रो ने 40 हजार क्विंटल धान खरीदा।
निर्धारित मापदंडों से करें खरीदी
पत्रकारों से बातचीत के दौरान राज्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि प्रदेश में किसी भी अनाजमंडी में धान खरीद के काम में जरा-सी भी लापरवाही सहन नहीं की जाएगी। इसलिए अधिकारी निर्धारित मापदंडों के अनुसार धान की खरीद करना सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा निर्धारित मापदंडों के अनुसार 17 प्रतिशत नमी वाली धान को न्यूनतम मूल्य पर खरीदा जा रहा है। यदि इस खरीद कार्य में कोई अधिकारी लापरवाही बरतेगा या किसानों को बेजह परेशान करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष व्यापारियों के अनुरोध करने पर धान की आवक को देखते हुए खरीद का कार्य एक अक्तूबर की बजाय 24 सितंबर से किया गया था और विशेष प्रयासों से धान की किस्म 1509 को ए ग्रेड में शामिल किया गया। सरकार के इस फैसले से इस किस्म की धान की कीमत 1614 रुपये मिली, लेकिन किसी ने भी इस धान को नहीं खरीदा। इतना ही नहीं विस में इस मामले को उठाया गया। इसके बाद ही इस धान को मिलिंग के लिए व्यापारियों को दिया गया। इस धान में किसी प्रकार की अनियमिता नहीं बरती गई और ना ही किसी प्रकार का घोटाला हुआ है। सरकार ने किसानों को करीब दो हजार करोड़ रुपये का मुआवजा देने का काम किया, जो पिछली सरकार ने कभी नहीं दिया। पिछली सरकार ने किसानों को केवल एक-दो रुपए के चैक ही पहुंचाए थे। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि खेतों में फानों को आग न लगाएं। इससे पर्यावरण दूषित होने के अलावा दुर्घटनाओं की संभावना भी बढ़ती है। इस अवसर पर जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक वीरेंद्र सिंह, जितेंद्र ढींगड़ा, व्यापारी उदय सिंह, जगतार काजल तथा चंद्रभान गुप्ता सहित अन्य व्यापारी मौजूद रहे।