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Kurukshetra News: पितरों को प्रसन्न करने के लिए मौनी अमावस्या का बन रहा शुभ संयोग
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कुरुक्षेत्र। पंडित रामराज कौशिक।
कुरुक्षेत्र। पितरों को प्रसन्न करने के लिए इस बार मौनी अमावस्या पर खास शुभ संयोग बन रहा है, जिसके चलते नौ फरवरी को तीर्थों में स्नान कर दान करने का विशेष महत्व रहेगा। शास्त्रों के अनुसार इस दिन ऋषि मनु का जन्म हुआ था, जिसके चलते इसको मौनी अमावस्या भी कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन मौन रहकर ईश्वर की आराधना करने से विशेष फल मिलता है।
ज्योतिषाचार्य पंडित रामराज कौशिक का कहना है कि हिंदू धर्म में अमावस्या का विशेष धार्मिक महत्व होता है, माना जाता है कि अमावस्या के दिन दान-स्नान करने से पितृ प्रसन्न होते हैं और घर-परिवार पर अपनी दृष्टि बनाए रखते हैं। घर से पितृ दोष हटाने के लिए भी अमावस्या के दिन पूजा की जा सकती है। इस दिन पूजा और दान करने से घर में खुशहाली आती है। माघ माह में पड़ने वाली अमावस्या को मौनी अमावस्या और माघ अमावस्या भी कहा जाता है। इस दिन भगवान शिव और भगवान विष्णु का पूजन करना बेहद शुभ होता है। पितरों का आशीर्वाद पाने के लिए इस दिन को बेहद खास माना गया है। इस दिन दान, पिंडदान, तर्पण करने से पूर्वज प्रसन्न होते हैं और अपना आशीर्वाद देते है।
अमावस्या तिथि
पंचांग के अनुसार नौ फरवरी को सुबह आठ बजकर दो मिनट से मौनी अमावस्या की तिथि शुरू हो रही है, जो कि अगले दिन 10 फरवरी को सुबह चार बजकर 28 मिनट पर समाप्त होगी। इसके चलते नौ फरवरी को ही मौनी अमावस्या मनाई जाएगी।
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मौनी अमावस्या के दिन करें ये काम
- मौनी अमावस्या के दिन पितरों का श्राद्ध करने से उनका आशीर्वाद मिलता है।
- इस दिन किसी पवित्र नदी में स्नान जरूर करना चाहिए
- पितृ तर्पण करने के लिए नदी या घर में स्नान करके सूर्य को अर्घ्य देकर पितरों का तर्पण करना चाहिए।
- तर्पण के बाद किसी जरूरतमंद गरीब या ब्राह्मण को भोजन कराना चाहिए।
- मौनी अमावस्या के दिन इन कार्यों से बचें
- मौनी अमावस्या के दिन तामसिक चीजों से दूर रहें।
- मौनी अमावस्या के दिन नकारात्मक विचारों को अपने मन में न लाएं।
- अमावस्या के दिन घर पर आए किसी भी जरूरतमंद को खाली हाथ न लौटाएं।
- मौनी अमावस्या के दिन मौन रहकर ईश्वर की पूजा करनी चाहिए।
- इस दिन किसी को भी अपशब्द न कहें और बड़े-बुजुर्गों का सम्मान करें।
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ज्योतिषाचार्य पंडित रामराज कौशिक का कहना है कि हिंदू धर्म में अमावस्या का विशेष धार्मिक महत्व होता है, माना जाता है कि अमावस्या के दिन दान-स्नान करने से पितृ प्रसन्न होते हैं और घर-परिवार पर अपनी दृष्टि बनाए रखते हैं। घर से पितृ दोष हटाने के लिए भी अमावस्या के दिन पूजा की जा सकती है। इस दिन पूजा और दान करने से घर में खुशहाली आती है। माघ माह में पड़ने वाली अमावस्या को मौनी अमावस्या और माघ अमावस्या भी कहा जाता है। इस दिन भगवान शिव और भगवान विष्णु का पूजन करना बेहद शुभ होता है। पितरों का आशीर्वाद पाने के लिए इस दिन को बेहद खास माना गया है। इस दिन दान, पिंडदान, तर्पण करने से पूर्वज प्रसन्न होते हैं और अपना आशीर्वाद देते है।
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अमावस्या तिथि
पंचांग के अनुसार नौ फरवरी को सुबह आठ बजकर दो मिनट से मौनी अमावस्या की तिथि शुरू हो रही है, जो कि अगले दिन 10 फरवरी को सुबह चार बजकर 28 मिनट पर समाप्त होगी। इसके चलते नौ फरवरी को ही मौनी अमावस्या मनाई जाएगी।
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मौनी अमावस्या के दिन करें ये काम
- मौनी अमावस्या के दिन पितरों का श्राद्ध करने से उनका आशीर्वाद मिलता है।
- इस दिन किसी पवित्र नदी में स्नान जरूर करना चाहिए
- पितृ तर्पण करने के लिए नदी या घर में स्नान करके सूर्य को अर्घ्य देकर पितरों का तर्पण करना चाहिए।
- तर्पण के बाद किसी जरूरतमंद गरीब या ब्राह्मण को भोजन कराना चाहिए।
- मौनी अमावस्या के दिन इन कार्यों से बचें
- मौनी अमावस्या के दिन तामसिक चीजों से दूर रहें।
- मौनी अमावस्या के दिन नकारात्मक विचारों को अपने मन में न लाएं।
- अमावस्या के दिन घर पर आए किसी भी जरूरतमंद को खाली हाथ न लौटाएं।
- मौनी अमावस्या के दिन मौन रहकर ईश्वर की पूजा करनी चाहिए।
- इस दिन किसी को भी अपशब्द न कहें और बड़े-बुजुर्गों का सम्मान करें।