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Kurukshetra News: मारकंडा नदी ने दादूपुर नहर को तोड़कर शाहाबाद में मचाया था तांडव
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कुरुक्षेत्र। गांव तंदवाल में टूटा दादूपुर नलवी नहर का बड़ा हिस्सा।
- फोटो : Samvad
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहाबाद। खानपुर गांव से तंदवाल तक मारकंडा नदी पर बांध बनाने की मांग फिर से जोर पकड़ने लगी है। वर्ष 2020 में यह मुद्दा उठा था, मगर उस समय प्रशासन ने ग्रामीणों की इस मांग को अनसुना कर दिया था। अगर यहां बांध बना होता तो शाहाबाद में मारकंडा नदी का पानी तबाही नहीं मचाता। मारकंडा नदी का पानी तंदवाल गांव से दादूपुर नहर को तोड़कर शाहाबाद में घुसा था। बांध न होने से नदी का पानी तेज बहाव से आया और दादूपुर नहर को तोड़ते हुए शहर की ओर आ गया। अभी भी प्रशासन का इस ओर ध्यान नहीं है।
वहीं अगर मारकंडा नदी का जलस्तर बढ़ता है तो पानी की मार फिर से शहर में होने की संभावना है, क्योंकि बांध को दुरुस्त करने का कार्य अभी शुरू नहीं किया गया है। ग्रामीणों गुरदीप सिंह, दलजीत सिंह, राजकुमार, पवन कुमार, राजेश शर्मा, दर्शन सिंह, सुभाषचंद, सतपाल सिंह, गुरदेव सिंह, रेशम सिंह ने कहा कि अभी पानी का बहाव कम है इसलिए प्रशासन को समय रहते ध्वस्त हुए इस हिस्से को बांध देना चाहिए। अन्यथा नदी में पानी आने से फिर से पहले वाली मुसीबत का सामना करना पड़ेगा। हालांकि पानी ने अपना रास्ता इस टूटे बांध की ओर से बना लिया है।
उन्होंने कहा कि नदी का पानी तंदवाल से सुहाता, खानपुरा, उगाला, मच्छर माजरा डेरा, डाडलू, पाडलू, रावा, दामली, जोगीमाजरा, जंधेड़ी, में नुकसान करता हुआ अनाज मंडी के रास्ते से शाहाबाद में पहुंचा था। अभी मौसम विभाग लगातार बारिश की भविष्यवाणी कर रहा है। इसे नजरअंदाज करना हजारों लोगों की जान को जोखिम डालने जैसा है।
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वर्ष 2020 में उठा था बांध बनाने का मुद्दा
उल्लेखनीय है कि गांव पाडलू के लोगों ने वर्ष 2020 में गांव खानपुरा से गांव तंदवाल तक मारकंडा नदी पर बांध बनाने का मुद्दा उठाया था, लेकिन उस समय अंबाला प्रशासन ने इस मांग की अनदेखी की थी। ग्रामीणों ने 23 जुलाई 2020 को अंबाला उपायुक्त को मांग पत्र सौंपा था। अब फिर से दादूपुर नहर का तटबंध टूट चुका है। अगर नदी का जलस्तर बढ़ा तो दोबारा बाढ़ आने की संभावना है।
अंबाला प्रशासन से हुई बातचीत
विधायक रामकरण काला ने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में है। इस बारे में अंबाला प्रशासन से बातचीत कर चुके हैं। उनका प्रयास रहेगा कि दादूपुर नहर के टूटे हिस्से को दुरुस्त कराया जाए। साथ ही सरकार से मांग की जाएगी कि खानपुरा से तंदवाल तक मारकंडा नदी पर बांध बनाया जाए ताकि शाहाबाद क्षेत्र की तरफ नदी के पानी की मार न पड़े।
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शाहाबाद। खानपुर गांव से तंदवाल तक मारकंडा नदी पर बांध बनाने की मांग फिर से जोर पकड़ने लगी है। वर्ष 2020 में यह मुद्दा उठा था, मगर उस समय प्रशासन ने ग्रामीणों की इस मांग को अनसुना कर दिया था। अगर यहां बांध बना होता तो शाहाबाद में मारकंडा नदी का पानी तबाही नहीं मचाता। मारकंडा नदी का पानी तंदवाल गांव से दादूपुर नहर को तोड़कर शाहाबाद में घुसा था। बांध न होने से नदी का पानी तेज बहाव से आया और दादूपुर नहर को तोड़ते हुए शहर की ओर आ गया। अभी भी प्रशासन का इस ओर ध्यान नहीं है।
वहीं अगर मारकंडा नदी का जलस्तर बढ़ता है तो पानी की मार फिर से शहर में होने की संभावना है, क्योंकि बांध को दुरुस्त करने का कार्य अभी शुरू नहीं किया गया है। ग्रामीणों गुरदीप सिंह, दलजीत सिंह, राजकुमार, पवन कुमार, राजेश शर्मा, दर्शन सिंह, सुभाषचंद, सतपाल सिंह, गुरदेव सिंह, रेशम सिंह ने कहा कि अभी पानी का बहाव कम है इसलिए प्रशासन को समय रहते ध्वस्त हुए इस हिस्से को बांध देना चाहिए। अन्यथा नदी में पानी आने से फिर से पहले वाली मुसीबत का सामना करना पड़ेगा। हालांकि पानी ने अपना रास्ता इस टूटे बांध की ओर से बना लिया है।
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उन्होंने कहा कि नदी का पानी तंदवाल से सुहाता, खानपुरा, उगाला, मच्छर माजरा डेरा, डाडलू, पाडलू, रावा, दामली, जोगीमाजरा, जंधेड़ी, में नुकसान करता हुआ अनाज मंडी के रास्ते से शाहाबाद में पहुंचा था। अभी मौसम विभाग लगातार बारिश की भविष्यवाणी कर रहा है। इसे नजरअंदाज करना हजारों लोगों की जान को जोखिम डालने जैसा है।
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वर्ष 2020 में उठा था बांध बनाने का मुद्दा
उल्लेखनीय है कि गांव पाडलू के लोगों ने वर्ष 2020 में गांव खानपुरा से गांव तंदवाल तक मारकंडा नदी पर बांध बनाने का मुद्दा उठाया था, लेकिन उस समय अंबाला प्रशासन ने इस मांग की अनदेखी की थी। ग्रामीणों ने 23 जुलाई 2020 को अंबाला उपायुक्त को मांग पत्र सौंपा था। अब फिर से दादूपुर नहर का तटबंध टूट चुका है। अगर नदी का जलस्तर बढ़ा तो दोबारा बाढ़ आने की संभावना है।
अंबाला प्रशासन से हुई बातचीत
विधायक रामकरण काला ने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में है। इस बारे में अंबाला प्रशासन से बातचीत कर चुके हैं। उनका प्रयास रहेगा कि दादूपुर नहर के टूटे हिस्से को दुरुस्त कराया जाए। साथ ही सरकार से मांग की जाएगी कि खानपुरा से तंदवाल तक मारकंडा नदी पर बांध बनाया जाए ताकि शाहाबाद क्षेत्र की तरफ नदी के पानी की मार न पड़े।