विदेश घूमने गया था युवक, गांव में पहुंचा शव
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शव नई दिल्ली एयरपोर्ट पर सुबह पहुंचा था, जहां से परिजन शाम को शव लेकर गांव पहुंचे जहां गमगीन माहौल में युवक का अंतिम संस्कार कर दिया गया। मृतक रणदीप सैनी विवाहित था और दो बच्चों का पिता था।
मामले के अनुसार गांव का 32 वर्षीय युवक रणदीप सैनी 31 दिसंबर 2015 को घूमने के लिए मॉस्को गया था। रणदीप के साथ पंजाब के कुछ लड़के भी मॉस्को गए थे जो मॉस्को में रणदीप का साथ छोड़कर आगे कहीं चले गए।
मॉस्को में घूमने के दौरान ही अचानक उसे एक बस में बेहोश पाकर सुरक्षाकर्मियों ने अस्पताल में भर्ती कराया था जिसकी सूचना परिजनों को भारतीय दूतावास से 15 जनवरी को मिली थी जिससे घबराकर गांव में उसके भाई और अन्य परिजन रणदीप की खोज-खबर लेने में जुट गए। परिजनों को दूतावास से ही 17 जनवरी को रणदीप की अस्पताल में ईलाज के दौरान मौत होने का समाचार दिया गया। परिजनों ने भागदौड़ कर भारतीय दूतावास से रणदीप का शव भारत भेजने की गुहार लगाई। परिजनों ने मॉस्को से शव मंगाने के लिए करीब दो लाख रुपए दूतावास के निर्देश पर जमा कराए। इसके बाद भारतीय दूतावास ने रणदीप के शव को भारत भेजने का प्रबंध किया। सोमवार सुबह रणदीप का शव इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर पंहुचा था।
शव के गांव पंहुचने पर गांव में कोहराम मच गया। मृतक की पत्नी रक्षा देवी व मां करेशनी सहित बहनों का रो-रोकर बुरा हाल था जिसे देखकर गांववासियों की भी आंखें नम हो गई। गांववासियों ने बताया कि रणदीप गांव में खेती करता था और घूमने का शौकीन था। रणदीप पहले भी दो बार विदेश घूमकर आया था, लेकिन इस बार रणदीप की बजाय उसका शव ही घर पंहुचा।