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मक्कड़ और झींडा ने समर्थकों के साथ बनाई रणनीति

Fri, 18 Jul 2014 12:30 AM IST
राजेश शांडिल्य/अमर उजाला, कुरुक्षेत्र
राजेश शांडिल्य/अमर उजाला, कुरुक्षेत्र Updated Fri, 18 Jul 2014 12:30 AM IST
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Makkar and his supporters formed with Jinda strategy
धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र में गुरुवार का दिन सिख राजनीति की हलचल से सरगरम रहा। पुलिस-प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियां और राजनेताओं की भी पूरी गतिविधियों पर नजर रही।
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आज दिनभर डेरा बाबा चरण सिंह कारसेवा और छठी पातशाही गुरुद्वारे के सामने काफी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। जबकि विपरीत हालातों का सामना करने के लिए एसजीपीसी अमृतसर की ओर से भी पूरी व्यूहरचना तैयार करके कुरुक्षेत्र के ऐतिहासिक गुरुद्वारों में टास्क फोर्स तैनात कर दी गई है।
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वहीं तनावपूर्ण हालातों में आज शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी अमृतसर के अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ के अलावा एचएसीजीपी के अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा एवं इन दोनों संगठनों को समर्थन दे रहे कई बड़े सिख नेता कुरुक्षेत्र पहुंचे और दोनों ओर से वाक युद्ध चलता रहा।
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हालांकि पुलिस प्रशासन हालातों के मद्देनजर पूरी तरह मुस्तैद नजर आया,जबकि एसजीपीसी अमृतसर के नेताओं ने इसे गुरुद्वारे पर कब्जे के लिए सरकार का दबाव बनाने का फार्मूला बताया। मक्कड़ के साथ दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष मनजीत जीके ने ऐलान किया कि शुक्रवार को सिखों द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास पर जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा।

ये बिल गुरुघर की गुल्लक पर कब्जे का है : मक्कड़

देर शाम कुरुक्षेत्र छठी पातशाही पहुंचे अवतार सिंह मक्क्ड़ ने कहा विधानसभा में पास कराया गया बिल, अलग गुरुद्वारा कमेटी का बिल नहीं बल्कि हुड्डा सरकार ने यह बिल हरियाणा के गुरुघरों की गुल्लकों पर कब्जे का पास किया है।

मक्कड़ ने कहा कि सरकार हरियाणा के सभी गुरुद्वारों को अपने कब्जे में लेना चाहती है। इस बिल पर साइन करने वाले राज्यपाल जगन्नाथ पहाड़िया भी सीएम के बराबर दोषी हैं।

उन्होंने कहा कि जगदीश सिंह झींडा और दीदार सिंह नलवी को किसी भी सूरत में कुुरुक्षेत्र के गुरुघरों का कब्जा नहीं लेने देंगे। क्योंकि एसजीपीसी को बनाने में ना जाने कितने सिखों को कुर्बानी देनी पड़ी है। मक्कड़ ने कहा की हरियाणा के गुरुद्वारों में हरियाणा के सिख लगे हुए हैं।

सिखों के हितैषी सीएम पर मनजिंद्र के सवाल

दिल्ली शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक के अध्यक्ष एवं विधायक मनजिंद्र सिंह सिरसा ने कहा कि सिखों के हितैषी होने का दावा करने वाले भूपेंद्र सिंह हुड्डा को ये बताना चाहिए कि पिछले 10 साल के कार्यकाल में उन्होंने हरियाणा के किसी गुरुद्वारों को क्या एक इंच भूमि भी दी है या नहीं।

उन्हें सिख कौम को बताना होगा कि उनके शासनकाल में अल्प संख्यक आयोग क्यों नहीं बनाया गया। उन्होंने कहा कि गांधी परिवार को खुश करने करने के लिए हुड्डा सरकार ने कमेटी के नाम पर सिखों में फूट डालने का काम किया है।

बादल ने लड़ो या मरो का ऐलान किया : चंदूमाजरा

सांसद प्रेम सिंह चंदूमाजरा का कहना है कि प्रकाश सिंह बादल ने लड़ो या मरो का ऐलान किया है और अकाल तख्त में विश्वास रखने वाले सिख कांग्रेस के इरादों को पूरा नहीं होने देंगे।

चाहे इसके लिए कितनी बड़ी कुर्बानी क्यों न देनी पड़े। मनजिंद्र सिंह ने कहा कि जिस कौम ने देश की आजादी से पहले अंग्रेजी हुकूमत के नाक में दम करके अपना अलग एक्ट बनवा लिया था उस कौम के लिए पास हुए बिल को रद्दी की टोकरी में डलवाना कोई बड़ी बात नहीं। उन्होंने कहा कि इतिहास के पन्ने सिखों की शौर्य गाथाओं से भरे पड़े हैं।

अकाल तख्त के पुर्नविचार पर फंसे झींडा

झींडा ग्रुप ने आज एचएसजीपी के  पदाधिकारियों की बैठक ली और आगामी रूपरेखा पर चर्चा की। इस बैठक में अकालत तख्त के निर्णय पर पुनर्विचार करने की अपील की गई।

जबकि एसजीपीसी अमृतसर के पदाधिकारी इस अपील को नाफरमानी बता रहे हैं। एचएसजीपीसी युवा विंग के प्रदेशाध्यक्ष पद से इस्तीफा देकर एसीजीपीसी को समर्थन दे रहे कंवलजीत सिंह अजराना का कहना है कि दुनिया के सिखों की आस्था अकाल तख्त में है।

ऐसे में अकाल तख्त के फैसले पर पुर्नविचार करने की घोषणा करने वाले झींडा और एचएसजीपीसी के अन्य नेताओं को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

एसजीपीसी के तीन नहीं चार सदस्य झींडा ग्रुप में

झींडा ग्रुप की गुरुवार कुरुक्षेत्र में हुई बैठक के दौरान एसजीपीसी हरियाणा के तीन सदस्य बैठक में शामिल हुए वहीं एचएसजीपीसी के महासचिव जोगासिंह का दावा है कि एसजीपीसी के चार सदस्य उन्हें खुलकर समर्थन दे चुके हैं।

अन्य भी जल्द उनका समर्थन करेंगे। गौरतलब है कि एसजीपीसी के पिछले चुनावों में झींडा सहित हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने 11 सीटों पर चुनाव लड़ा था और ये सभी हारे थे।

वर्तमान में हरियाणा में सभी 11 चयनित सदस्य एसजीपीसी के हैं। इनमें अंबाला के सदस्य हरपाल सिंह पाली, अमरीक सिंह, गुरमीत सिंह त्रिलोके वाला विरोधी गुट झींडा की बैठक में शामिल हुए।


वहीं झींडा को पराजित करने वाले एसजीपीसी सदस्य भूपेंद्र सिंह असंध का भी हरियाणा की अलग कमेटी को समर्थन देने की दावा किया जा रहा है।

इन नेताओं के आगमन से गर्माया माहौल
हरियाणा अकाली दल के प्रभारी एवं सांसद बलविंद्र सिंह भूंदड़, दिल्ली शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष मनप्रीत जीके, दिल्ली शिरोमणि प्रबंधक कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं विधायक मनजिंद्र सिंह सिरसा कुरुक्षेत्र पहुंचे।

उधर झींडा ग्रुप के समर्थन में दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना भी यहां बैठक में शामिल होने पहुंचे थे।
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