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गर्मियों की छुट्टियों का करें सदुपयोग
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। बच्चों की बुधवार से गर्मियों की छुट्टियां शुरू हो रही हैं। अब अभिभावकों के लिए यह चुनौती है कि वे किस तरह बच्चों की इन छुट्टियों को मजेदार बनाएं और नई चीजों को सीखने का मौका मुहैया कराएं, लेकिन कई माता-पिता इस बात को लेकर टेंशन में हैं कि बच्चे घर पर बोर होंगे और परेशान करेंगे।
इन दिनों को बच्चों को कुछ नया सिखाने के लिए बहुत महत्वपूर्ण समझा जाता है। बच्चे होमवर्क पूरा करने के अलावा और भी कई काम कर सकते हैं। बच्चों को किसी न किसी एक्टिविटी में जोड़ा सकता है। उनके के साथ कहीं घूमने जाने का प्लान कर सकते हैं। उन्हें डांस क्लास, योग, स्विमिंग या म्यूजिक क्लास में भी डाल सकते हैं। इस तरह की एक्टिविटीज को बच्चे इंजॉय भी करेंगे और कुछ नया सीखेंगे। इस तरह की एक्टिविटी से बच्चों में जहां आत्मविश्वास बढ़ता है वहीं वे मानसिक और शारीरिक रूप से भी विकसित होते हैं।
राजकीय आदर्श संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य शिव कुमार ने कहा कि बच्चों के लिए पढ़ाई के साथ-साथ परिवार को समय देना भी बहुत जरूरी है। गर्मियों की छुट्टियां ही वह समय होता है, जब बच्चे अपने करीबी रिश्तेदारों और परिवार के लोगों के साथ खास समय गुजारने उनके घर जा सकते हैं। ऐसे में अभिभावक बच्चों का किसी खास रिश्तेदार के यहां कुछ दिन तक छोड़ सकते हैं। इससे उन्हें रिश्तेदारों के साथ संबंध बनाने का मौका मिलेगा।
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राजकीय आदर्श प्राथमिक पाठशाला धूलगढ़ गुलडेहरा के प्राचार्य पवन मित्तल ने कहा कि छुट्टियों में बच्चों की दिनचर्या बिल्कुल बिगड़ जाती है। देर से सोना, देर से उठना, दिनभर टीवी देखना या मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना। इन सब से अभिभावक बच्चों की सेहत को लेकर चिंता में पड़ जाते हैं। अभिभावकों को चाहिए कि वह बच्चों के लिए शेड्यूल तैयार करें, जिसके अनुसार बच्चों को मौज मस्ती करने का समय भी मिल सके और वें कुछ नया भी सीख सकें।
सतलुज वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, शाहाबाद के प्राचार्य डॉ. आरएस घुम्मन ने कहा कि खासकर इन छुट्टियों में अभिभावक अपने बच्चों के साथ मित्रता का व्यवहार रखें। उनके साथ खेलें, घूमने जाएं, अच्छी-अच्छी बातें करें। जब अभिभावक ऐसा करेंगे तो बच्चे छुट्टियों में घर पर बोर नहीं होंगे और टीवी व मोबाइल का भी इतना नहीं देखेंगे। ऐसे में बच्चे आपसे अपनी सभी बातें साझा करेंगे, जिससे अभिभावक उनका सही मार्गदर्शन कर सकते हैं।
नवयुग वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, मोहन नगर के प्राचार्य बीडी गाबा ने अभिभावकों को सलाह देते हुए कहा कि गर्मियों की छुट्टियों में बच्चों को कुछ नया सीखने के लिए प्रेरित करें। उन्हें पढ़ाई से हटकर अन्य किसी गतिविधि में डाला जा सकता है, जहां उनकी रुचि हो। बच्चों को डांस, सिंगिंग, थिएटर, स्विमिंग सिखा सकते हैं। छुट्टियों में इस बात का भी खास ख्याल रखें कि बच्चे रूटीन में पढ़ाई को भी समय दें। स्कूल से दिया होमवर्क बच्चों से जरूर पूरा करवाएं।
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कुरुक्षेत्र। बच्चों की बुधवार से गर्मियों की छुट्टियां शुरू हो रही हैं। अब अभिभावकों के लिए यह चुनौती है कि वे किस तरह बच्चों की इन छुट्टियों को मजेदार बनाएं और नई चीजों को सीखने का मौका मुहैया कराएं, लेकिन कई माता-पिता इस बात को लेकर टेंशन में हैं कि बच्चे घर पर बोर होंगे और परेशान करेंगे।
इन दिनों को बच्चों को कुछ नया सिखाने के लिए बहुत महत्वपूर्ण समझा जाता है। बच्चे होमवर्क पूरा करने के अलावा और भी कई काम कर सकते हैं। बच्चों को किसी न किसी एक्टिविटी में जोड़ा सकता है। उनके के साथ कहीं घूमने जाने का प्लान कर सकते हैं। उन्हें डांस क्लास, योग, स्विमिंग या म्यूजिक क्लास में भी डाल सकते हैं। इस तरह की एक्टिविटीज को बच्चे इंजॉय भी करेंगे और कुछ नया सीखेंगे। इस तरह की एक्टिविटी से बच्चों में जहां आत्मविश्वास बढ़ता है वहीं वे मानसिक और शारीरिक रूप से भी विकसित होते हैं।
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राजकीय आदर्श संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य शिव कुमार ने कहा कि बच्चों के लिए पढ़ाई के साथ-साथ परिवार को समय देना भी बहुत जरूरी है। गर्मियों की छुट्टियां ही वह समय होता है, जब बच्चे अपने करीबी रिश्तेदारों और परिवार के लोगों के साथ खास समय गुजारने उनके घर जा सकते हैं। ऐसे में अभिभावक बच्चों का किसी खास रिश्तेदार के यहां कुछ दिन तक छोड़ सकते हैं। इससे उन्हें रिश्तेदारों के साथ संबंध बनाने का मौका मिलेगा।
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राजकीय आदर्श प्राथमिक पाठशाला धूलगढ़ गुलडेहरा के प्राचार्य पवन मित्तल ने कहा कि छुट्टियों में बच्चों की दिनचर्या बिल्कुल बिगड़ जाती है। देर से सोना, देर से उठना, दिनभर टीवी देखना या मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना। इन सब से अभिभावक बच्चों की सेहत को लेकर चिंता में पड़ जाते हैं। अभिभावकों को चाहिए कि वह बच्चों के लिए शेड्यूल तैयार करें, जिसके अनुसार बच्चों को मौज मस्ती करने का समय भी मिल सके और वें कुछ नया भी सीख सकें।
सतलुज वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, शाहाबाद के प्राचार्य डॉ. आरएस घुम्मन ने कहा कि खासकर इन छुट्टियों में अभिभावक अपने बच्चों के साथ मित्रता का व्यवहार रखें। उनके साथ खेलें, घूमने जाएं, अच्छी-अच्छी बातें करें। जब अभिभावक ऐसा करेंगे तो बच्चे छुट्टियों में घर पर बोर नहीं होंगे और टीवी व मोबाइल का भी इतना नहीं देखेंगे। ऐसे में बच्चे आपसे अपनी सभी बातें साझा करेंगे, जिससे अभिभावक उनका सही मार्गदर्शन कर सकते हैं।
नवयुग वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, मोहन नगर के प्राचार्य बीडी गाबा ने अभिभावकों को सलाह देते हुए कहा कि गर्मियों की छुट्टियों में बच्चों को कुछ नया सीखने के लिए प्रेरित करें। उन्हें पढ़ाई से हटकर अन्य किसी गतिविधि में डाला जा सकता है, जहां उनकी रुचि हो। बच्चों को डांस, सिंगिंग, थिएटर, स्विमिंग सिखा सकते हैं। छुट्टियों में इस बात का भी खास ख्याल रखें कि बच्चे रूटीन में पढ़ाई को भी समय दें। स्कूल से दिया होमवर्क बच्चों से जरूर पूरा करवाएं।