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Kurukshetra News: नए व पुराने उद्योगों के लिए दी जा रही ऋण की सुविधा
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कुरुक्षेत्र। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना (पीएमएफएमई योजना) के जागरूकता अभियान के तहत शुक्रवार को जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन जिला एमएसएमई केंद्र द्वारा किया गया। कार्यक्रम का आयोजन का संचालन अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. वैशाली शर्मा की अध्यक्षता में किया गया।
बीडीपीओ बाबैन और बीडीपीओ पिहोवा के अलावा एचसीसीआई के चेयरमैन नरेंद्र गुप्ता, डीडीएम नाबार्ड, कृषि एवं बागवानी विभाग, जिला परिषद व एनयूएलएम के प्रतिनिधि भी कार्यक्रम में भाग लेने के लिए पहुंचे। टीम एसपीएमयू पंचकूला का नेतृत्व स्वप्निल द्वारा किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए उप निदेशक एमएसएमई दीपक नरवाल ने प्रोग्राम की विषयवस्तु समझाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना (पीएमएफएमई योजना) द्वारा खाद्य पदार्थों के उत्पादन वाली सभी सूक्ष्म इकाइयों के लिए 35 फीसदी सब्सिडी सहित हैंड होल्डिंग सपोर्ट का प्रावधान किया गया है। इसमें नए और पुराने उद्योगों के लिए ऋण की सुविधा दी जाती है। इस प्रकार के कार्यक्रमों द्वारा क्षमता निर्माण, मार्गदर्शन व सहायता, कौशल विकास, गुणवत्ता संवर्धन, तकनीकी उन्नयन, डिजिटलीकरण आदि अपर्याप्त रूप से संबोधित मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करते हुए सूक्ष्म उद्योगों को प्रोत्साहन करने प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के तौर पर डीआरपी विकास कश्यप द्वारा योजना से संबंधित सभी पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी गई और आए हुए सभी इच्छुक उद्यमियों के सवालों को लेते हुए चर्चा की।
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बीडीपीओ बाबैन और बीडीपीओ पिहोवा के अलावा एचसीसीआई के चेयरमैन नरेंद्र गुप्ता, डीडीएम नाबार्ड, कृषि एवं बागवानी विभाग, जिला परिषद व एनयूएलएम के प्रतिनिधि भी कार्यक्रम में भाग लेने के लिए पहुंचे। टीम एसपीएमयू पंचकूला का नेतृत्व स्वप्निल द्वारा किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए उप निदेशक एमएसएमई दीपक नरवाल ने प्रोग्राम की विषयवस्तु समझाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना (पीएमएफएमई योजना) द्वारा खाद्य पदार्थों के उत्पादन वाली सभी सूक्ष्म इकाइयों के लिए 35 फीसदी सब्सिडी सहित हैंड होल्डिंग सपोर्ट का प्रावधान किया गया है। इसमें नए और पुराने उद्योगों के लिए ऋण की सुविधा दी जाती है। इस प्रकार के कार्यक्रमों द्वारा क्षमता निर्माण, मार्गदर्शन व सहायता, कौशल विकास, गुणवत्ता संवर्धन, तकनीकी उन्नयन, डिजिटलीकरण आदि अपर्याप्त रूप से संबोधित मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करते हुए सूक्ष्म उद्योगों को प्रोत्साहन करने प्रयास किया जाएगा।
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कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के तौर पर डीआरपी विकास कश्यप द्वारा योजना से संबंधित सभी पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी गई और आए हुए सभी इच्छुक उद्यमियों के सवालों को लेते हुए चर्चा की।
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