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कर चले हम फिदा जानो तन साथियों...
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केयू में आयोजित व्याख्यान में हिस्सा लेते शिक्षक व विद्यार्थी। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। केयू के संगीत एवं नृत्य विभाग व युवा एवं सांस्कृतिक विभाग के संयुक्त तत्वावधान में ‘युवाओं में देशभक्ति की भावना के विकास में फिल्म संगीत की भूमिका’ विषय पर व्याख्यान एवं प्रदर्शनी आयोजित की गई। कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता के रूप में पहुंचे महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक के सेवानिवृत्त प्रोफेसर हुकम चंद ने महफिल का आगाज राग किरवानी से किया।
इसमें उन्होंने एकताल में निबद्ध बड़ा ख्याल व छोटा ख्याल प्रस्तुत किया। इसके बाद मूर्छनाओं के प्रयोग को बड़े ही सुंदर ढंग से सोदाहरण प्रस्तुत किया। इसके बाद भैरवी राग पर आधारित प्रसिद्ध फिल्म गीत जैसे ‘ऐ वतन, ऐ वतन हमको तेरी कसम...., कर चले हम फिदा जानो तन साथियों....ने महफिल में समा बांध दिया।
विभाग के सभी शिक्षकों व विद्यार्थियों ने भी देशभक्ति की भावना से सराबोर कर देने वाले गीतों को मिलकर गाया और सभागार को देशभक्ति से ओतप्रोत कर दिया। संगत कलाकारों के रूप में तबले पर इलियास खान, हारमोनियम पर डॉ. तरुण जोशी, गिटार पर डॉ. रवि गौतम, सिंथेसाइजर पर आयुष ने कार्यक्रम में शानदार संगति से सभी श्रोताओं का मन मोह लिया। इस अवसर पर प्राच्य विद्या संकाय की अधिष्ठाता प्रो. शुचिस्मिता, संगीत विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. आरती श्योकंद, डॉ. पुरषोत्तम व डॉ. अशोक शर्मा सहित अन्य मौजूद रहे।
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कुरुक्षेत्र। केयू के संगीत एवं नृत्य विभाग व युवा एवं सांस्कृतिक विभाग के संयुक्त तत्वावधान में ‘युवाओं में देशभक्ति की भावना के विकास में फिल्म संगीत की भूमिका’ विषय पर व्याख्यान एवं प्रदर्शनी आयोजित की गई। कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता के रूप में पहुंचे महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक के सेवानिवृत्त प्रोफेसर हुकम चंद ने महफिल का आगाज राग किरवानी से किया।
इसमें उन्होंने एकताल में निबद्ध बड़ा ख्याल व छोटा ख्याल प्रस्तुत किया। इसके बाद मूर्छनाओं के प्रयोग को बड़े ही सुंदर ढंग से सोदाहरण प्रस्तुत किया। इसके बाद भैरवी राग पर आधारित प्रसिद्ध फिल्म गीत जैसे ‘ऐ वतन, ऐ वतन हमको तेरी कसम...., कर चले हम फिदा जानो तन साथियों....ने महफिल में समा बांध दिया।
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विभाग के सभी शिक्षकों व विद्यार्थियों ने भी देशभक्ति की भावना से सराबोर कर देने वाले गीतों को मिलकर गाया और सभागार को देशभक्ति से ओतप्रोत कर दिया। संगत कलाकारों के रूप में तबले पर इलियास खान, हारमोनियम पर डॉ. तरुण जोशी, गिटार पर डॉ. रवि गौतम, सिंथेसाइजर पर आयुष ने कार्यक्रम में शानदार संगति से सभी श्रोताओं का मन मोह लिया। इस अवसर पर प्राच्य विद्या संकाय की अधिष्ठाता प्रो. शुचिस्मिता, संगीत विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. आरती श्योकंद, डॉ. पुरषोत्तम व डॉ. अशोक शर्मा सहित अन्य मौजूद रहे।
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