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रामलीला में दिखाई श्रवण लीला
ब्यूरो/अमर उजाला, कुरूक्षेत्र
Updated Fri, 30 Sep 2016 12:17 AM IST
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रामलीला में दिखाई श्रवण लीला
- फोटो : Amar Ujala
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ऊं जय श्री राम रामलीला ड्रामाटिक क्लब की ओर से मेन बाजार थानेसर में बुधवार रात रामलीला में श्रवण लीला और राम जन्म के दृश्य दिखाए गए। क्लब के प्रधान ओमप्रकाश वर्मा और उपप्रधान अब्दुल आजम खान ने बताया कि रामलीला में समाजसेवी पवन छाछरा ने मुख्यतिथि के रुप में भगवान राम की आरती की।
कलाकार पंकज वर्मा ने श्रवण कुमार, रिंकू वर्मा ने श्रवण की माता, दीपक शर्मा ने श्रवण के पिता, कृष्ण लाल वर्मा ने दशरथ, देंवेंद्र भार्गव ने वशिष्ट का अभिनय किया। रामलीला क्लब के सदस्य मुकेश कुकरेजा ने संवाद, अजय गिल मोनू, अंकित व नीतेश ने मेकअप, सलीम खान ने ढोलक और राकेश कौशिक ने हरमोनियम पर साथ दिया। रामलीला के मंच पर राजा दशरथ का दरबार दिखाया जाता है, जिसमें वे अपने मंत्रियों से विचार-विमर्श करते हैं कि उनके राज्य में कोई दुखी तो नहीं है।
इसके पश्चात अगले दृश्य में दिखाया जाता है कि मातृ-पितृ भक्त श्रवण कुमार अपने अंधे माता-पिता को तीर्थों के दर्शन के लिए ले जाता है, उस समय वह अयोध्या नगरी में सरयू नदी के समीप ठहराव करता है। वहीं राजा दशरथ, जोकि जंगल में शिकार खेलने के लिए आते हैं, सरयू नदी से पानी भर रहे श्रवण कुमार पर किसी जानवर के धोखे में तीर चला देते हैं जिससे श्रवण कुमार की मृत्यु हो जाती है, और श्रवण के माता पिता दशरथ को श्राप देते हैं कि तुम पुत्र वियोग में तडप तडप कर प्राण त्यागोगे। दृश्यों के बीच-बीच में नृतकों ने भक्ति गीतों पर नृत्य भी प्रस्तुत किया गया। मंच से दानी सज्जनों की घोषणा भी की गई। इस मौके पर दर्शकों ने जय श्री राम के जयकारे लगाए। इस मौके पर उप डायरेक्टर प्रवीण भारद्वाज, कैशियर शिव कुमार वर्मा, विनय शर्मा, धर्मेश भारद्वाज, श्रवण कश्यप मौजूद रहे।
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कलाकार पंकज वर्मा ने श्रवण कुमार, रिंकू वर्मा ने श्रवण की माता, दीपक शर्मा ने श्रवण के पिता, कृष्ण लाल वर्मा ने दशरथ, देंवेंद्र भार्गव ने वशिष्ट का अभिनय किया। रामलीला क्लब के सदस्य मुकेश कुकरेजा ने संवाद, अजय गिल मोनू, अंकित व नीतेश ने मेकअप, सलीम खान ने ढोलक और राकेश कौशिक ने हरमोनियम पर साथ दिया। रामलीला के मंच पर राजा दशरथ का दरबार दिखाया जाता है, जिसमें वे अपने मंत्रियों से विचार-विमर्श करते हैं कि उनके राज्य में कोई दुखी तो नहीं है।
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इसके पश्चात अगले दृश्य में दिखाया जाता है कि मातृ-पितृ भक्त श्रवण कुमार अपने अंधे माता-पिता को तीर्थों के दर्शन के लिए ले जाता है, उस समय वह अयोध्या नगरी में सरयू नदी के समीप ठहराव करता है। वहीं राजा दशरथ, जोकि जंगल में शिकार खेलने के लिए आते हैं, सरयू नदी से पानी भर रहे श्रवण कुमार पर किसी जानवर के धोखे में तीर चला देते हैं जिससे श्रवण कुमार की मृत्यु हो जाती है, और श्रवण के माता पिता दशरथ को श्राप देते हैं कि तुम पुत्र वियोग में तडप तडप कर प्राण त्यागोगे। दृश्यों के बीच-बीच में नृतकों ने भक्ति गीतों पर नृत्य भी प्रस्तुत किया गया। मंच से दानी सज्जनों की घोषणा भी की गई। इस मौके पर दर्शकों ने जय श्री राम के जयकारे लगाए। इस मौके पर उप डायरेक्टर प्रवीण भारद्वाज, कैशियर शिव कुमार वर्मा, विनय शर्मा, धर्मेश भारद्वाज, श्रवण कश्यप मौजूद रहे।
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