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धरे रह गए स्वच्छता के नारे, धर्मनगरी में कचरा हर किनारे
ब्यूरो/अमर उजाला, कुरूक्षेत्र
Updated Tue, 26 Jul 2016 01:01 AM IST
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सेक्टर 2 में लगा गंदगी का ढेर।
- फोटो : Amar Ujala
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स्वच्छ भारत के देशव्यापी नारों के बीच धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में सफाई की व्यवस्था के बुरे हाल हैं। शहर की आम कॉलोनियों और बस्तियां तो दूर अधिकारियों के घरों और दफ्तरों के आसपास भी सफाई ठीक ढंग से नहीं हो पा रही है। प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत और धर्मनगरी को आधुनिक बनाने की कवायदों से परे शहर के ऐसे हाल हैं जैसे पूरा ही शहर कचरे का ढेर हो गया हो। हास्यास्पद स्थिति यह है कि नगर परिषद के पास कचरा डंप करने के लिए एक अदद जगह तक नहीं है। ऐसे में कचरा उठाने वाले भी जमकर कोताही बरत रहे हैं। आलम यह है कि डीसी आवास और लघु सचिवालय परिसर में भी कचरा पेटी की बजाय बाहर फेंका जाता है। रही सही कसर सेक्टर में पुलिस भर्ती में आए करीब पौने दो लाख लोगों ने कर दी। भर्ती प्रक्रिया खत्म होने के बाद सेक्टर तीन में जगह जगह कचरा पड़ा हुआ है। अमर उजाला की पड़ताल करती रिपोर्ट :
स्थान : डीसी निवास के पास और लघुसचिवालय परिसर
डीसी राजनारायण कौशिक ने तीन दिन पहले ही स्वच्छता को लेकर संबंधित विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए थे। लेकिन खुद डीसी आवास के सामने और आवास के पास ही खुले में कचरा पड़ा हुआ है। यहां कचरा पेटी जरूर है, लेकिन कचरा उसमें नहीं डाला जाकर बाहर ही फैला हुआ है। विभागों को डीसी के निर्देशों का भी ख्याल नहीं हैं। ऐसे में शहर के अन्य क्षेत्रों का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। यही हाल लघु सचिवालय का भी है। यहां भी डीसी दफ्तर के सामने, स्टेडियम से लगती दीवार के पास कचरा पेटी तो रखी गई हैं, लेकिन कचरा पेटी की बजाय नीचे फेंका हुआ है।
स्थान : एडीसी निवास के सामने
एडीसी राजेश जोगपाल के सरकारी आवास के सामने भी गंदगी का ढेर लगा हुआ है। खास बात यह है कि जहां एडीसी निवास का बोर्ड लगा हुआ है, उसी बोर्ड के नीचे कचरा भी पड़ा हुआ है। यह बोर्ड आवास के मुख्य गेट से महज 5 से 6 कदम की दूरी पर ही है। नगर परिषद के कर्मचारी इन सरकारी अधिकारियों के निवास के आसपास भी नहीं दिखाई देते, कचरा उठाने के लिए। खास बात है कि जहां ये गंदगी फैली हुई है वहीं पर एडीसी निवास की ओर इशारा करता हुआ साइन बोर्ड लगा हुआ है।
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स्थान : एसपी आवास
एसपी सिमरदीप सिंह के सरकारी आवास के बाहर सड़क पर भी गंदगी कभी भी देखी जा सकती है। एसपी आवास के सामने पार्क बना हुआ है। इस पार्क में भी कचरा फैला हुआ रहता है। स्थिति यह है कि इस पार्क में घास भी काफी बड़ी हो चुकी है, लेकिन यह भी नहीं काटी जा रही है। इस घास से चर्म रोग होने का भी अंदेशा रहता है।
स्थान : पटवार भवन के पास
पटवार भवन के पास भी गंदगी का आलम साफ देखा जा सकता है। यहां पटवारियों से मिलने के लिए कई लोग हर दिन आते हैं। इन लोगों को भी इस गंदगी से होकर ही गुजरना पड़ता है। पटवार भवन के पास पॉलिथीन, प्लास्टिक के गिलास और अन्य कचरा यूं ही फैला हुआ है। यहां बरसाती पानी भी खड़ा रहता है। ऐसे में यहां लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
स्थान : सेक्टर दो और तीन
करीब 30 दिन चली पुलिस भर्ती प्रक्रिया एचएसएससी ने सेक्टर तीन में ही कराई थी। यहां इस दौरान देश भर से करीब पौने दो लाख अभ्यर्थी, एचएसएससी के अधिकारी, सुरक्षाकर्मी और स्वास्थ्य विभाग का अमला जमा हुआ था। ऐसे में यहां जमकर गंदगी फैली। दो दिन पहले पुलिस भर्ती प्रक्रिया पूरी हुई। आयोजकों ने अपना सामान समेटा और चले गए। लेकिन नगर परिषद ने इसके बाद यहां पलट कर नहीं देखा। लाखों की तादाद में लोगों का फैलाया यह कचरा अब सेक्टर तीन, चार और दो में कभी भी देखा जा सकता है। अस्थायी बाथरूमों से उठती सड़ांध को कुछ हद तक बारिश ने दबा दी, इससे पहले यहां से गुजरना भी मुश्किल हो रहा था। सेक्टर में फैला यह कचरा हवा के जोर से लोगों के घरों तक भी पहुंच रहा है। आयोजक अपना सामान लेकर तो चले गए लेकिन यहां लगे नल को बंद करना भूल गए। इसके बाद किसी और ने भी इस तरफ ध्यान नहीं दिया। नतीजा हजारों गैलन पानी व्यर्थ बह रहा है। यह पानी आसपास जमा होकर मच्छरों को पनपने का मौका दे रहा है।
स्थान सेक्टर 13 का मार्केट
सेक्टर 13 में बने मार्केट के पास भी जमकर गंदगी पसरी रहती है। यहां खाली पड़े प्लॉट में कचरा फेंका जाता है। अब यहां ढेर देखा जा सकता है। गौरतलब है कि सेक्टर-13 शहर का पॉश एरिया माना जाता है। लेकिन इन दिनों गंदगी इसकी साख पर दाग लगा रही है।
स्थान : विधायक का गोद लिया गांव ज्योतिसर
विधायक सुभाष सुधा ने ज्योतिसर को गोद लिया हुआ है। इसे आदर्श गांव भी कहा जाता है, लेकिन इन दिनों यहां गंदगी का ऐसा माहौल है कि इसे आदर्श कहने से पहले भी सोचना पड़ता है। यह स्थिति तब है जब इस गांव की जिम्मेदारी सक्रिय विधायक सुभाष सुधा ने ले रखी है। गांव में चारों ओर गंदगी का माहौल है। गांव की मुख्य दो गलियों में पानी की निकासी ठीक नहीं है। एक तो आधी बनी हुई है उस गली में एक निजी स्कूल भी है। यहां पढ़ने आने वाले विद्यार्थियों को भी खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
डीसी ने किया था निरीक्षण फिर भी हालत खराब
गौरतलब है कि वीरवार को डीसी राजनारायण कौशिक ने शहर के कई क्षेत्रों का निरीक्षण किया था। उन्होंने अपने औचक निरीक्षण के दौरान कई जगह गंदगी के ढेर देखे थे। पूजा मॉडल स्कूल सेक्टर 2, झांसा रोड, गांधी नगर, कीर्ति नगर, खेड़ी मारकंडा, डीसी कॉलोनी, किरमच रोड एनआईटी के क्षेत्र में सफाई व्यवस्था का निरीक्षण डीसी ने किया। यहां उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि शहर में फैली गंदगी और कचरे को साफ कराया जाए। उन्होंने गंदगी फैलाने वालों पर कार्रवाई तक करने की बात कही थी, लेकिन अधिकारियों का रवैया इसके बाद भी नहीं बदला।
कचरा निस्तारण के लिए नगर परिषद के पास कोई जमीन नहीं है। दो तीन बार कचरा डालने के लिए जमीन देखी भी गई, लेकिन कुछ दिनों बाद ही वहां के लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। कचरा निस्तारण के लिए अंबाला में प्लांट लगाया जा रहा है। यदि वह सफल हुुआ तो कुरुक्षेत्र में भी प्लांट लगाया जाएगा। तब इतनी परेशानी नहीं होगी।
- उमा सुधा, चेयरमैन, नगर परिषद
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स्थान : डीसी निवास के पास और लघुसचिवालय परिसर
डीसी राजनारायण कौशिक ने तीन दिन पहले ही स्वच्छता को लेकर संबंधित विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए थे। लेकिन खुद डीसी आवास के सामने और आवास के पास ही खुले में कचरा पड़ा हुआ है। यहां कचरा पेटी जरूर है, लेकिन कचरा उसमें नहीं डाला जाकर बाहर ही फैला हुआ है। विभागों को डीसी के निर्देशों का भी ख्याल नहीं हैं। ऐसे में शहर के अन्य क्षेत्रों का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। यही हाल लघु सचिवालय का भी है। यहां भी डीसी दफ्तर के सामने, स्टेडियम से लगती दीवार के पास कचरा पेटी तो रखी गई हैं, लेकिन कचरा पेटी की बजाय नीचे फेंका हुआ है।
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स्थान : एडीसी निवास के सामने
एडीसी राजेश जोगपाल के सरकारी आवास के सामने भी गंदगी का ढेर लगा हुआ है। खास बात यह है कि जहां एडीसी निवास का बोर्ड लगा हुआ है, उसी बोर्ड के नीचे कचरा भी पड़ा हुआ है। यह बोर्ड आवास के मुख्य गेट से महज 5 से 6 कदम की दूरी पर ही है। नगर परिषद के कर्मचारी इन सरकारी अधिकारियों के निवास के आसपास भी नहीं दिखाई देते, कचरा उठाने के लिए। खास बात है कि जहां ये गंदगी फैली हुई है वहीं पर एडीसी निवास की ओर इशारा करता हुआ साइन बोर्ड लगा हुआ है।
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स्थान : एसपी आवास
एसपी सिमरदीप सिंह के सरकारी आवास के बाहर सड़क पर भी गंदगी कभी भी देखी जा सकती है। एसपी आवास के सामने पार्क बना हुआ है। इस पार्क में भी कचरा फैला हुआ रहता है। स्थिति यह है कि इस पार्क में घास भी काफी बड़ी हो चुकी है, लेकिन यह भी नहीं काटी जा रही है। इस घास से चर्म रोग होने का भी अंदेशा रहता है।
स्थान : पटवार भवन के पास
पटवार भवन के पास भी गंदगी का आलम साफ देखा जा सकता है। यहां पटवारियों से मिलने के लिए कई लोग हर दिन आते हैं। इन लोगों को भी इस गंदगी से होकर ही गुजरना पड़ता है। पटवार भवन के पास पॉलिथीन, प्लास्टिक के गिलास और अन्य कचरा यूं ही फैला हुआ है। यहां बरसाती पानी भी खड़ा रहता है। ऐसे में यहां लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
स्थान : सेक्टर दो और तीन
करीब 30 दिन चली पुलिस भर्ती प्रक्रिया एचएसएससी ने सेक्टर तीन में ही कराई थी। यहां इस दौरान देश भर से करीब पौने दो लाख अभ्यर्थी, एचएसएससी के अधिकारी, सुरक्षाकर्मी और स्वास्थ्य विभाग का अमला जमा हुआ था। ऐसे में यहां जमकर गंदगी फैली। दो दिन पहले पुलिस भर्ती प्रक्रिया पूरी हुई। आयोजकों ने अपना सामान समेटा और चले गए। लेकिन नगर परिषद ने इसके बाद यहां पलट कर नहीं देखा। लाखों की तादाद में लोगों का फैलाया यह कचरा अब सेक्टर तीन, चार और दो में कभी भी देखा जा सकता है। अस्थायी बाथरूमों से उठती सड़ांध को कुछ हद तक बारिश ने दबा दी, इससे पहले यहां से गुजरना भी मुश्किल हो रहा था। सेक्टर में फैला यह कचरा हवा के जोर से लोगों के घरों तक भी पहुंच रहा है। आयोजक अपना सामान लेकर तो चले गए लेकिन यहां लगे नल को बंद करना भूल गए। इसके बाद किसी और ने भी इस तरफ ध्यान नहीं दिया। नतीजा हजारों गैलन पानी व्यर्थ बह रहा है। यह पानी आसपास जमा होकर मच्छरों को पनपने का मौका दे रहा है।
स्थान सेक्टर 13 का मार्केट
सेक्टर 13 में बने मार्केट के पास भी जमकर गंदगी पसरी रहती है। यहां खाली पड़े प्लॉट में कचरा फेंका जाता है। अब यहां ढेर देखा जा सकता है। गौरतलब है कि सेक्टर-13 शहर का पॉश एरिया माना जाता है। लेकिन इन दिनों गंदगी इसकी साख पर दाग लगा रही है।
स्थान : विधायक का गोद लिया गांव ज्योतिसर
विधायक सुभाष सुधा ने ज्योतिसर को गोद लिया हुआ है। इसे आदर्श गांव भी कहा जाता है, लेकिन इन दिनों यहां गंदगी का ऐसा माहौल है कि इसे आदर्श कहने से पहले भी सोचना पड़ता है। यह स्थिति तब है जब इस गांव की जिम्मेदारी सक्रिय विधायक सुभाष सुधा ने ले रखी है। गांव में चारों ओर गंदगी का माहौल है। गांव की मुख्य दो गलियों में पानी की निकासी ठीक नहीं है। एक तो आधी बनी हुई है उस गली में एक निजी स्कूल भी है। यहां पढ़ने आने वाले विद्यार्थियों को भी खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
डीसी ने किया था निरीक्षण फिर भी हालत खराब
गौरतलब है कि वीरवार को डीसी राजनारायण कौशिक ने शहर के कई क्षेत्रों का निरीक्षण किया था। उन्होंने अपने औचक निरीक्षण के दौरान कई जगह गंदगी के ढेर देखे थे। पूजा मॉडल स्कूल सेक्टर 2, झांसा रोड, गांधी नगर, कीर्ति नगर, खेड़ी मारकंडा, डीसी कॉलोनी, किरमच रोड एनआईटी के क्षेत्र में सफाई व्यवस्था का निरीक्षण डीसी ने किया। यहां उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि शहर में फैली गंदगी और कचरे को साफ कराया जाए। उन्होंने गंदगी फैलाने वालों पर कार्रवाई तक करने की बात कही थी, लेकिन अधिकारियों का रवैया इसके बाद भी नहीं बदला।
कचरा निस्तारण के लिए नगर परिषद के पास कोई जमीन नहीं है। दो तीन बार कचरा डालने के लिए जमीन देखी भी गई, लेकिन कुछ दिनों बाद ही वहां के लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। कचरा निस्तारण के लिए अंबाला में प्लांट लगाया जा रहा है। यदि वह सफल हुुआ तो कुरुक्षेत्र में भी प्लांट लगाया जाएगा। तब इतनी परेशानी नहीं होगी।
- उमा सुधा, चेयरमैन, नगर परिषद