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Kurukshetra News: दूसरे दिन भी वकीलों ने रखा वर्क सस्पेंड, शाम को धरना समाप्त
Wed, 22 Jul 2026 06:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Wed, 22 Jul 2026 06:04 AM IST
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कुरुक्षेत्र। लीगल एड डिफेंस और डिफेंस काउंसिल व्यवस्था को लेकर विरोध के चलते जिला अदालत में दूसरे दिन मंगलवार को भी वकीलों ने वर्क सस्पेंड रखा। इससे पूरा दिन न्यायिक कार्य प्रभावित रहा। मंगलवार शाम को अपना धरना समाप्त कर बुधवार यानी आज काम पर लौटने का फैसला किया। बार एसोसिएशन ने वर्क सस्पेंड रखते हुए मांग की कि लीगल एड और डिफेंस के मामलों में नए वकीलों को भी अवसर दिया जाना चाहिए।
वकीलों के वर्क सस्पेंड रखने की वजह से करीब 1500 के मुकदमों की सुनवाई प्रभावित हुई, जिसके चलते वादकारियों व पक्षकारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सुनवाई पर आए लोग वकीलों की हड़ताल के चलते अगली तारीख लेकर मायूसी के साथ वापस घर लौट गए। बार प्रधान धर्मेंद्र अत्री ने कहा कि फिलहाल उनके पास बार काउंसिलिंग से दो दिन वर्क सस्पेंड रखने की काल थी। आगे भी अगर कोई कॉल होगी तो वर्क सस्पेंड किया जाएगा।
बार प्रधान धमेंद्र अत्री का कहना है कि लीगल एड व डिफेंस सेवाओं में स्थानीय और नए अधिवक्ताओं को भी पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि पहले लीगल एड व डिफेंस सेवाओं में नए वकीलों को मौका मिलता था। वह उसमें वकीलों को एक बार अपना पंजीकरण करने की जरूरत होती थी। परंतु अब ऐसा नहीं है। डीएलएसए ने अपने कुछ वकीलों का एक पैनल बना दिया, जिन्हें ही यह मामले मिलेंगे। इससे नए वकीलों को तो काम न मिलने का खतरा बड़ ही गया है। इसके साथ ही यह सेवा भी कमजोर होगी। इस कानून के तहत चार पांच वकीलों को ही काम मिलेगा व पूरे डीएलएसए के तहत दिए जाने वाले केसों की सुनवाई उन पर आने से यह सेवा भी प्रभावित होगी व पीड़ितों को न्याय मिलने में देर होगी। संवाद
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वकीलों के वर्क सस्पेंड रखने की वजह से करीब 1500 के मुकदमों की सुनवाई प्रभावित हुई, जिसके चलते वादकारियों व पक्षकारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सुनवाई पर आए लोग वकीलों की हड़ताल के चलते अगली तारीख लेकर मायूसी के साथ वापस घर लौट गए। बार प्रधान धर्मेंद्र अत्री ने कहा कि फिलहाल उनके पास बार काउंसिलिंग से दो दिन वर्क सस्पेंड रखने की काल थी। आगे भी अगर कोई कॉल होगी तो वर्क सस्पेंड किया जाएगा।
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बार प्रधान धमेंद्र अत्री का कहना है कि लीगल एड व डिफेंस सेवाओं में स्थानीय और नए अधिवक्ताओं को भी पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि पहले लीगल एड व डिफेंस सेवाओं में नए वकीलों को मौका मिलता था। वह उसमें वकीलों को एक बार अपना पंजीकरण करने की जरूरत होती थी। परंतु अब ऐसा नहीं है। डीएलएसए ने अपने कुछ वकीलों का एक पैनल बना दिया, जिन्हें ही यह मामले मिलेंगे। इससे नए वकीलों को तो काम न मिलने का खतरा बड़ ही गया है। इसके साथ ही यह सेवा भी कमजोर होगी। इस कानून के तहत चार पांच वकीलों को ही काम मिलेगा व पूरे डीएलएसए के तहत दिए जाने वाले केसों की सुनवाई उन पर आने से यह सेवा भी प्रभावित होगी व पीड़ितों को न्याय मिलने में देर होगी। संवाद
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