{"_id":"65cbf14ffd1e37243d03d9e4","slug":"kuvi-won-the-overall-trophy-for-the-second-time-in-haryanvi-theater-genre-kurukshetra-news-c-45-1-knl1024-113609-2024-02-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kurukshetra News: हरियाणवी थियेटर विधा में कुवि ने दूसरी बार हासिल की ओवरऑल ट्रॉफी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kurukshetra News: हरियाणवी थियेटर विधा में कुवि ने दूसरी बार हासिल की ओवरऑल ट्रॉफी
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया को ट्राॅफी सौंपते हुए कुलपति सहित अन्य। संवाद
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक में नौ फरवरी से 13 फरवरी के बीच आयोजित पांच दिवसीय 37वें नॉर्थ-वेस्ट जोन सांस्कृतिक एवं कला प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर दूसरी बार हरियाणवी थियेटर विधा में ओवरऑल ट्रॉफी हासिल की है, जिसको लेकर विश्वविद्यालय परिसर में खुशी की लहर है। निदेशक डॉ. महासिंह पूनिया ने बताया कि वेस्ट इंस्ट्ररूमेंटल सोलो, वन एक्ट प्ले, माइम, पोस्टर मेकिंग व क्ले मॉडलिंग में कुवि का प्रतिनिधित्व कर रहे कलाकारों ने पहला स्थान हासिल किया और वेस्ट वोकल सोलो, लाइट वोकल इंडियन, मिमिक्री व कोलॉज में दूसरा तथा प्रोसेशन, क्लासिकल इंस्ट्ररूमेंट नॉन परक्यूशन, भाषण प्रतियोगिता में तीसरा स्थान हासिल किया। जबकि क्लासिकल इंस्ट्ररूमेंट सोलो परक्यूशन, ग्रुप सॉन्ग इंडियन, वेस्ट ग्रुप सॉन्ग, फॉक ट्राइबल डांस, स्किट, पेंटिंग, कार्टूनिंग व इंस्टॉलेशन में चौथा स्थान हासिल किया।
उन्होंने बताया कि इस सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में राजस्थान, हरियाणा एवं दिल्ली राज्य के लगभग 20 विश्वविद्यालयों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। कुवि के प्रतिभागी कलाकार 28 मार्च से एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी लुधियाना में आयोजित होने वाले 37वें राष्ट्रीय युवा महोत्सव में 13 विधाओं में हिस्सा लेंगे। कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने नॉर्थ-वेस्ट जोन में कुवि का प्रतिनिधित्व करने वाले कलाकारों को बेहतर प्रदर्शन करने और ट्राफी हासिल करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने राज्य स्तरीय समारोह रत्नावली, हरियाणा पवेलियन और धरोहर संग्रहालय के माध्यम से हरियाणा की कला एवं संस्कृति को नए आयाम देकर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हरियाणवी संस्कृति का संदेश पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। समारोह में संगीत के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए संगीत एवं नृत्य विभाग की प्रो. शुचिस्मिता को संगीत रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
इस मौके पर समारोह में मुख्यातिथि आनंद मोहन शरण, महर्षि दयानंद विवि के कुलपति प्रो. राजबीर सिंह, उपनिदेशक डॉ. गुरचरण सिंह, कल्चरल काउंसिल के प्रधान डॉ. संदीप कंधवाल, उपप्रधान डॉ. रामनिवास, इंचार्ज डॉ. हरविंद्र सिंह लोंगोवाल, डॉ. वीर विकास, डॉ. नीलू रानी, डॉ. हरविंद्र राणा सहित अन्य मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि इस सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में राजस्थान, हरियाणा एवं दिल्ली राज्य के लगभग 20 विश्वविद्यालयों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। कुवि के प्रतिभागी कलाकार 28 मार्च से एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी लुधियाना में आयोजित होने वाले 37वें राष्ट्रीय युवा महोत्सव में 13 विधाओं में हिस्सा लेंगे। कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने नॉर्थ-वेस्ट जोन में कुवि का प्रतिनिधित्व करने वाले कलाकारों को बेहतर प्रदर्शन करने और ट्राफी हासिल करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने राज्य स्तरीय समारोह रत्नावली, हरियाणा पवेलियन और धरोहर संग्रहालय के माध्यम से हरियाणा की कला एवं संस्कृति को नए आयाम देकर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हरियाणवी संस्कृति का संदेश पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। समारोह में संगीत के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए संगीत एवं नृत्य विभाग की प्रो. शुचिस्मिता को संगीत रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
विज्ञापन
इस मौके पर समारोह में मुख्यातिथि आनंद मोहन शरण, महर्षि दयानंद विवि के कुलपति प्रो. राजबीर सिंह, उपनिदेशक डॉ. गुरचरण सिंह, कल्चरल काउंसिल के प्रधान डॉ. संदीप कंधवाल, उपप्रधान डॉ. रामनिवास, इंचार्ज डॉ. हरविंद्र सिंह लोंगोवाल, डॉ. वीर विकास, डॉ. नीलू रानी, डॉ. हरविंद्र राणा सहित अन्य मौजूद रहे।
विज्ञापन