कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में कुटा चुनाव का बिगुल बजने के बाद दोनों प्रत्याशी मतदाताओं को लुभाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। प्रत्याशी शिक्षकों की मांगों संबंधित चुनावी एजेंडा तैयार कर मतदाताओं से कॉल, वाट्सएप और डोर-टू-डोर जाकर अपने पक्ष में मतदान करने की अपील कर रहे हैं। चुनावी मैदान में उतरे डॉ. नरेश कुमार और डॉ. परमेश कुमार ने चुनाव की तिथि नजदीक आने के साथ-साथ अपना प्रचार भी तेज कर दिया है। केयू शिक्षकों के मुताबिक इस बार चुनाव में यूटीडी और कॉलेज के बीच टक्कर होगी।
यूटीडी शिक्षकों की वोट 200, एसएफएस शिक्षकों की 192 और विभाग के शिक्षकों की 57 वोट हैं। हालांकि इस बार समान काम-समान वेतन और पदोन्नति का रास्ता खुलने के बाद एसएफएस के तहत लगे शिक्षक भी कुटा चुनाव में भागीदारी करेंगे। पिछले वर्ष एसएफएस के तहत लगे शिक्षकों ने कुटा चुनाव का बहिष्कार किया था। उधर, कोरोना संक्रमण के चलते गत वर्ष की अपेक्षा इस बार कुटा चुनाव की प्रक्रिया में काफी फेरबदल किया गया है। हर बार कुटा कार्यालय में होने वाला चुनाव इस बार शिक्षक क्लब में आयोजित किया जाएगा, ताकि सोशल डिस्टेंसिंग की पालना की जा सके। यही नहीं, बिना मास्क मतदाता की मतदान केंद्र में एंट्री नहीं होगी और शिक्षकों को अपने साथ नीला पैन स्वयं लेकर आना होगा। चुनाव अधिकारी कृष्ण चंद्र पांडे ने बताया कि 20 अक्तूबर को होने वाले केयू शिक्षक संघ के चुनाव के लिए 367 शिक्षक अपने मत का प्रयोग करेंगे। सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखते हुए दो बूथों की व्यवस्था की जाएगी। मतदान केंद्र में सुबह 9 बजे से शाम चार बजे तक मतदान कर सकेंगे और इसी दिन शाम को रिजल्ट घोषित कर दिया जाएगा। इस चुनाव में मतदान प्रधान पद सहित चार पदों एवं एक कार्यकारिणी सदस्य के लिए मतदान किया जाएगा। बताया कि कार्यकारिणी के 11 फैक्लटीज में से 10 फैक्लटीज से सभी सदस्य निर्विरोध चुने गए। केवल फैक्लटी ऑफ एजुकेशन में चुनाव होगा। कोरोना महामारी के चलते इस बार चुनाव एसओपी के मापदंडों के अनुरूप होगा। चुनाव अधिकारी ने बताया कि कुटा को पत्र लिख दिया गया कि वह मतदान केंद्र को मतदान से पूर्व सैनिटाइज करवाए। चुनाव से संबंधित जरूरी व्यवस्था करने को भी कह दिया गया है।