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कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने चार पेटेंट किए फाइल
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। बौद्धिक संपदा अधिकार दिवस पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने चार पेटेंट दायर किए है। इस सप्ताह के अंतर्गत छह और पेंटेट कराए जाएंगे। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय 23 से 29 अप्रैल तक आईपीआर सप्ताह मना रहा है।
कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने अपनी अनुसंधान और विकास गतिविधि को और बढ़ाने और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए कई पहल की है। नई तकनीकों को विकसित करने और उच्च वैश्विक नवाचार सूचकांक वाले देशों में शीर्ष स्थान पाने के लिए भारत को एक आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने के राष्ट्रीय मिशन के अनुरूप केयू अपने संकाय सदस्यों और छात्रों को आर एंड डी के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करने के लिए लगातार प्रयासरत है।
डीन रिसर्च एंड डेवलपमेंट प्रो. पवन शर्मा ने बताया कि केयू के रसायन विज्ञान विभाग की ओर से विकसित आविष्कारों के लिए चार भारतीय पेटेंट आवेदन दायर किए गए हैं। इस सप्ताह के भीतर विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों से छह और भारतीय पेटेंट आवेदन दायर किए जाने की उम्मीद है। बताया कि केयू इस साल के अंत तक 50 पेटेंट दाखिल करने की योजना बना रहा है। भविष्य में सभी पेटेंट दाखिल करने का सारा खर्च केयू वहन करेगा।
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उन्होंने बताया कि केयू ने हाल ही में आईपीआर और प्रौद्योगिकी के मानद प्रोफेसर डॉ. रमेश कुमार मेहता को नियुक्त किया है, जो पेटेंट योग्य आविष्कारों की पहचान करने की प्रक्रिया में केयू के संकाय सदस्यों को सुविधा प्रदान करेंगे और उन्हें पेटेंट के रूप में दाखिल करने में मदद करेंगे। बताया कि डॉ. मेहता केयू के रसायन विज्ञान विभाग के पूर्व छात्र हैं।
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कुरुक्षेत्र। बौद्धिक संपदा अधिकार दिवस पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने चार पेटेंट दायर किए है। इस सप्ताह के अंतर्गत छह और पेंटेट कराए जाएंगे। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय 23 से 29 अप्रैल तक आईपीआर सप्ताह मना रहा है।
कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने अपनी अनुसंधान और विकास गतिविधि को और बढ़ाने और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए कई पहल की है। नई तकनीकों को विकसित करने और उच्च वैश्विक नवाचार सूचकांक वाले देशों में शीर्ष स्थान पाने के लिए भारत को एक आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने के राष्ट्रीय मिशन के अनुरूप केयू अपने संकाय सदस्यों और छात्रों को आर एंड डी के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करने के लिए लगातार प्रयासरत है।
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डीन रिसर्च एंड डेवलपमेंट प्रो. पवन शर्मा ने बताया कि केयू के रसायन विज्ञान विभाग की ओर से विकसित आविष्कारों के लिए चार भारतीय पेटेंट आवेदन दायर किए गए हैं। इस सप्ताह के भीतर विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों से छह और भारतीय पेटेंट आवेदन दायर किए जाने की उम्मीद है। बताया कि केयू इस साल के अंत तक 50 पेटेंट दाखिल करने की योजना बना रहा है। भविष्य में सभी पेटेंट दाखिल करने का सारा खर्च केयू वहन करेगा।
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उन्होंने बताया कि केयू ने हाल ही में आईपीआर और प्रौद्योगिकी के मानद प्रोफेसर डॉ. रमेश कुमार मेहता को नियुक्त किया है, जो पेटेंट योग्य आविष्कारों की पहचान करने की प्रक्रिया में केयू के संकाय सदस्यों को सुविधा प्रदान करेंगे और उन्हें पेटेंट के रूप में दाखिल करने में मदद करेंगे। बताया कि डॉ. मेहता केयू के रसायन विज्ञान विभाग के पूर्व छात्र हैं।