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Kurukshetra News: एनडीडी मॉनिटरिंग में कुरुक्षेत्र प्रदेश में अव्वल
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कुरुक्षेत्र। जिले में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस (एनडीडी) अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार को मॉपअप राउंड चलाया। इस दौरान उन बच्चों और महिलाओं को दवा खिलाई गई, जो मुख्य अभियान के दिन किसी कारणवश छूट गए थे।
एनडीडी कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. करुणा ने बताया कि कुरुक्षेत्र ने एनडीडी अभियान की मॉनिटरिंग में पूरे प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है, जो जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की सक्रियता और बेहतर प्रबंधन को दर्शाता है।
21 अप्रैल को आयोजित मुख्य अभियान के दौरान जिले में बड़े स्तर पर बच्चों और महिलाओं को एल्बेंडाजोल की गोली खिलाई गई थी। आंकड़ों के अनुसार जिले में एक से पांच वर्ष आयु वर्ग के कुल 76,485 बच्चों में से 71,995 बच्चों को दवा दी गई, जो लगभग 94 प्रतिशत कवरेज है। वहीं छह से 19 वर्ष आयु वर्ग के 2,53,835 बच्चों में से 2,38,716 को दवा खिलाई गई। यह भी करीब 94 प्रतिशत रहा।
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इसके अलावा प्रजनन आयु वर्ग की गैर-गर्भवती महिलाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया। जिले में कुल 26,356 ऐसी महिलाओं में से 25,283 को दवा दी गई जिससे 96 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया गया।
डॉ. करुणा ने बताया कि पेट के कीड़ों की समस्या बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है। ऐसे में यह अभियान बेहद महत्वपूर्ण है। मॉपअप राउंड के जरिये शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से दवा वितरण सुनिश्चित किया गया। साथ ही लोगों को स्वच्छता और हाथ धोने के प्रति भी जागरूक किया गया।
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एनडीडी कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. करुणा ने बताया कि कुरुक्षेत्र ने एनडीडी अभियान की मॉनिटरिंग में पूरे प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है, जो जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की सक्रियता और बेहतर प्रबंधन को दर्शाता है।
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21 अप्रैल को आयोजित मुख्य अभियान के दौरान जिले में बड़े स्तर पर बच्चों और महिलाओं को एल्बेंडाजोल की गोली खिलाई गई थी। आंकड़ों के अनुसार जिले में एक से पांच वर्ष आयु वर्ग के कुल 76,485 बच्चों में से 71,995 बच्चों को दवा दी गई, जो लगभग 94 प्रतिशत कवरेज है। वहीं छह से 19 वर्ष आयु वर्ग के 2,53,835 बच्चों में से 2,38,716 को दवा खिलाई गई। यह भी करीब 94 प्रतिशत रहा।
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इसके अलावा प्रजनन आयु वर्ग की गैर-गर्भवती महिलाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया। जिले में कुल 26,356 ऐसी महिलाओं में से 25,283 को दवा दी गई जिससे 96 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया गया।
डॉ. करुणा ने बताया कि पेट के कीड़ों की समस्या बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है। ऐसे में यह अभियान बेहद महत्वपूर्ण है। मॉपअप राउंड के जरिये शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से दवा वितरण सुनिश्चित किया गया। साथ ही लोगों को स्वच्छता और हाथ धोने के प्रति भी जागरूक किया गया।