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गृहमंत्री और सीएम को मानद उपाधि और विद्यार्थियों को मिली डिग्रियां
ब्यूरो/कुरुक्षेत्र,अमर उजाला
Updated Tue, 30 May 2017 12:25 AM IST
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ku convocation
- फोटो : अमर उजाला
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के 30वें दीक्षांत समारोह में सोमवार को केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह और प्रदेश के सीएम मनोहर लाल को मानद उपाधि दी गई और दो हजार विद्यार्थियों को डिग्री और मेडल देकर सम्मानित किया गया। केंद्रीय गृहमंत्री के हाथ से सम्मान पाकर विद्यार्थी गदगद हो गए। इस अवसर पर राजनाथ सिंह ने केयू के विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी।
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उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों से शिक्षा ग्रहण करने वाले विद्यार्थी भारत को महान बनाने में अपना योगदान दें। युवा पीढ़ी के योगदान से भारत फिर से जगत गुरु बन सकेगा और दुनिया को शांति का संदेश देगा। उन्होंने कहा कि भारत में जगत गुरु बनने की तमाम मौलिक जरूरत विद्यमान हैं। इससे पहले केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी, मुख्यमंत्री मनोहर लाल, शिक्षा मंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कैलाश चंद्र शर्मा, कुलसचिव डॉ. प्रवीण कुमार सैनी भारत की पारंपरिक वेशभूषा में विश्वविद्यालय की शैक्षणिक यात्रा में शामिल हुए और इस दौरान गीता के श्लोकों के साथ मेहमानों का स्वागत हुआ।
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इसके उपरांत दीपशिखा प्रज्ज्वलित कर दीक्षांत समारोह का शुभारंभ किया गया। कुलपति प्रो. कैलाश चंद्र शर्मा के अनुरोध पर राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने दीक्षांत समारोह शुरू करने की घोषणा की है। कुलपति डॉ. शर्मा ने विश्वविद्यालय के इतिहास में पहली बार तैत्तिरीय उपनिषद शिक्षावल्ली की शिक्षाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को भावी जीवन के लिए अमूल्य शिक्षाएं दी।
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59 विद्यार्थियों को मेडल पहनाकर सम्मानित किया
केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने विभिन्न विभागों के गोल्ड मेडल प्राप्त करने वाले 59 विद्यार्थियों को मेडल पहनाकर सम्मानित किया। राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने पीएचडी के 318 और एमफिल के 27 विद्यार्थियों को डिग्रियां वितरित की। इसके साथ ही कुलपति ने विभिन्न विभागों के एमए के विद्यार्थियों को डिग्रियां देने की विधिवत रूप से अनुमति प्रदान की। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री औैर शिक्षा मंत्री ने विश्वविद्यालय की स्मारिका का विमोचन भी किया। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी और विश्वविद्यालय प्रशासन को डाक्टरेट आफ साइंस की मानद उपाधि देने पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कुरुक्षेत्र की पावन धरा को अतुल्य ज्ञान की धरती की संज्ञा दी गई है और इसी पावन धरा पर अर्जुन को कर्म करने का संदेश देने का काम किया।
आज इस पावन धरा के कर्म करने के ज्ञान को युवा पीढ़ी को ग्रहण करना होगा। इस विश्वविद्यालय से डिग्री लेने के बाद जीवन का दूसरा चरण शुरू होगा। युवा पीढ़ी को शिक्षा प्राप्ति तक ही अपने ज्ञान को सीमित नहीं रखना होगा। इस ज्ञान और संस्कार से राष्ट्र और समाज के विकास में अपना योगदान देना होगा तभी इस शिक्षा के मायने सार्थक हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि दुनिया में भारत ही एक ऐसा देश है जो चरित्र निर्माण की शिक्षा देता है। इसलिए सदियों से दुनिया के कोने-कोने से संस्कार और चरित्र निर्माण की शिक्षा लेने के लिए लोग भारत की पावन धरा पर आ रहे हैं। कुलपति प्रो. कैलाश चंद्र शर्मा ने केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी, मुख्यमंत्री मनोहर लाल, शिक्षा मंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा को स्मृति चिन्ह भेंट किया। मंच का संचालन केयू के लोक संपर्क विभाग के उप निदेशक डॉ. अशोक शर्मा ने किया।
21वीं शताब्दी भारत की होगी : राज्यपाल
राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने डिग्रियां हासिल करने वाले विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों को डिग्री देकर राष्ट्र और राज्य के विकास में योगदान देने का जो संदेश दिया है उस संदेश को हमेशा अपने जहन में रखना है। इसी तरह केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री मनोहर लाल को विश्वविद्यालय की तरफ से जो मानद उपाधि दी गई है यह उपाधि भी उनके जीवन को और आगे लेकर जाएगी। इस विश्वविद्यालय कैंपस में 7000 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं अगर इन विद्यार्थियों को विकास की धारा के साथ जोड़ दिया जाए तो राष्ट्र प्रगति की राह पर ओर तेजी से आगे बढ़ेगा।
सीएम ने दीक्षांत समारोह को वार्षिक कैलेंडर में शामिल करने की घोषणा
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने दीक्षांत समारोह की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वर्ष 2012 के बाद 5 सालों में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया है। केयू प्रशासन को भविष्य में दीक्षांत समारोह को अपने कैलेंडर में शामिल कर हर साल दीक्षांत समारोह का आयोजन करना चाहिए। यह विश्वविद्यालय प्रदेश का सबसे बड़ा और प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय है। इसलिए केयू को एनआईआरएफ की रैंकिंग के 100 विश्वविद्यालयों में शामिल किया गया है। समारोह में पारंपरिक वेशभूषा मन को लुभा रही है और इस वेशभूषा को लगातार बनाए रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने डाक्टरेट आफ सोशल साइंस की मानद उपाधि जो उपाधि दी है यह उपाधि लेने के क्षण काफी रोमांचकारी हैं। राज्य सरकार प्रदेश की युवा पीढ़ी को शिक्षित और संस्कारित करने का काम कर रही है इसलिए सरकार ने एक ही दिन में बेटियों के लिए 21 कालेज खोलने का काम किया और इस वर्ष शीघ्र ही प्रदेश में 27 राजकीय कालेज ओर खोले जाएंगे। अब छात्राओं को कालेज जाने के लिए 20 किलोमीटर का सफर तय नहीं करना पड़ेगा।
युवाओं को एक ही मिशन निर्धारित करना होगा : रामबिलास
शिक्षा मंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा ने कहा कि डिग्रियां हासिल करने वाले विद्यार्थी अब जीवन के अगले पड़ाव की तरफ आगे बढ़ रहे हैं इसलिए विद्यार्थियों को अपने जीवन में जो कुछ करना है वह पूरी तन्मयता के साथ करना होगा। युवाओं को अपने जीवन में एक ही मिशन निर्धारित करना होगा और युवाओं को राष्ट्र सेवा, अच्छा किसान, डॉक्टर, इंजीनियर बनकर समाज के लिए सेवा करने का लक्ष्य पूरा करना होगा। उन्होंने कहा की भारत की पहचान पूरी दुनिया में है और इस पहचान को बनाए रखने में युवा पीढ़ी को अपना अहम योगदान देना होगा।
केयू में स्मार्ट क्लास रूम व डिजीटल क्लास रूम बनाना है लक्ष्य : वीसी
केयू के कुलपति डॉ. कैलाश चंद्र शर्मा ने मेहमानों का स्वागत करते हुए कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय प्रदेश का सबसे बड़ा और पुराना विश्वविद्यालय है इसलिए इस नैतिक जिम्मेदारी को आगे बढ़ाते हुए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय को डिजिटल विश्वविद्यालय बनाने के लक्ष्य को पूरा करना है। इतना ही नहीं इस विश्वविद्यालय के प्रत्येक कक्षा को स्मार्ट क्लास रूम व डिजिटल क्लास रूम बनाना है। जब हम आधुनिक भारत में नालंदा, तक्षशिला जैसे संस्थानों जैसी श्रेष्ठ ज्ञान परंपराएं शुरू नहीं कर पाएंगे। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय हरियाणा का नालंदा व तक्षशिला बनने की ओर अग्रसर हो इसलिए विश्वविद्यालय में छोटे-छोटे प्रयास परंतु दिव्य लक्ष्य को ध्यान में रखकर हम आगे बढ़ रहे हैं।
समारोह में इन्होंने की शिरकत
इस मौके पर सांसद राजकुमार सैनी, प्रदेश के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री कृष्ण कुमार बेदी, मुख्य संसदीय सचिव श्याम सिंह राणा, विधायक सुभाष सुधा, विधायक डॉ. पवन सैनी, उपायुक्त सुमेधा कटारिया, पुलिस अधीक्षक अभिषेक गर्ग, जिला परिषद चैयरमेन गुरदयाल सुनहेडी, भाजपा जिलाध्यक्ष धर्मवीर मिर्जापुर, डीन एकेडमिक अफेयर प्रो. अनिल वोहरा, छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. पवन कुमार शर्मा, डीन परीक्षा प्रो. सीआर ड्रोलिया, परीक्षा नियंत्रक डॉ. हुक्म सिंह, डॉ. ओपी आहुजा, विश्वविद्यालय के डीन, डायरेक्टर, चेयरपर्सन, शिक्षक, कर्मचारी एवं विद्यार्थी मौजूद थे।