फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   Kurukshetra Development Board has included 30 new pilgrimages in 48 Kos

कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड: 30 नए तीर्थों को किया 48 कोस में शामिल, 164 हुई तीर्थ स्थलों संख्या

Mon, 06 Dec 2021 12:36 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Mon, 06 Dec 2021 12:36 AM IST
सार

  • 13 कुरुक्षेत्र, 10 कैथल, एक जींद और छह करनाल जिले के तीर्थों को किया शामिल
  • सभी नए तीर्थों को पर्यटन की दृष्टि से किया जाएगा विकसित

विज्ञापन
Kurukshetra Development Board has included 30 new pilgrimages in 48 Kos
कुबेर तीर्थ - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

48 कोस के 30 नए तीर्थों को चिन्हित किया गया है, जिनमें 13 कुरुक्षेत्र, 10 कैथल, एक जींद व छह करनाल जिले के तीर्थ शामिल हैं। इन तीर्थों को बाकायदा कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की सूची में शामिल किया गया है। अब इन सभी 30 नए तीर्थों को भी पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा।

विज्ञापन


ऐसे में अब केडीबी की सूची में तीर्थों की संख्या 134 से बढ़कर 164 हो गई है। खास बात यह है कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कुरुक्षेत्र की धरा पर स्वयं अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के शुभारंभ अवसर से एक दिन पहले केडीबी के तीर्थों की सूची में 30 नए तीर्थों को शामिल करने की घोषणा की थी।
विज्ञापन


केडीबी के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा ने कहा कि इन तीर्थों को विकसित करने के लिए कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की तरफ से बाकायदा योजना तैयार की गई। इस योजना के अनुसार अलग-अलग चरणों में तीर्थों का विकास किया जा रहा है। कुरुक्षेत्र 48 कोस में अभी तक 134 तीर्थों को केडीबी के तीर्थों की सूची में शामिल किया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी पढ़ें ः अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव: 19 राज्यों की शिल्पकला और 15 राज्यों के लोक कलाकार महका रहे ब्रह्मसरोवर की फिजा


अब 30 नए तीर्थों को केडीबी की सूची में शामिल कर लिया गया है। इस 48 कोस की भूमि में अभी कई ऐसे तीर्थ हैं, जिन्हें चिन्हित किया जाना जरूरी है। इन सभी को भी धीरे-धीरे आने वाले समय में पहचान करके केडीबी की सूची में शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी तीर्थों का अपना एक इतिहास और धार्मिक महत्व है। इन सभी तीर्थों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की योजना है।
 

इन तीर्थों को किया गया है सूची में शामिल 

30 नए तीर्थों में थानेसर के श्री कालेश्वर तीर्थ, बद्रपच्चन तीर्थ (ननद-भौजी तीर्थ), कुबेर तीर्थ, राम तीर्थ (प्राची तीर्थ), खेड़ी मारकंडा का सरस्वती घाट, अभिमन्युपुर अमीन के सोम तीर्थ (शाशमली तीर्थ), अंबा तीर्थ, कौशिकी तीर्थ (मानशी गंगा), बारवा के नरसिम्हा तीर्थ, बारना के बारनावती तीर्थ (बन तीर्थ), हथीरा के माता बाला सुंदरी तीर्थ, घराड़सी के विष्णुपाद गरुड़ा तीर्थ, भैंसी माजरा के यम कुंड, कैथल जिले सिंगरौली के वर्णेश्वर तीर्थ, संगरोली-सकरा रोड गांव ढेरुडू की सीमा पर स्थित पंचतीर्थ, सलीमपुर मदुद के च्वाण ऋषि तीर्थ (चूल्हा तीर्थ), जजनपुर जमदग्नि तीर्थ, बंदराना के विंदुसार तीर्थ (विंदया तीर्थ), जदभारत तीर्थ, चंदलाना के अमर हार्ड तीर्थ (दंगाली तीर्थ), मटोर श्री तीर्थ, बालु के बालाखलिया तीर्थ (शोभरी तीर्थ), पाई के धर्मकुंड, जींद जिले के धातर्थ के मलिकेश्वर तीर्थ, करनाल जिले रायसन के ययाती तीर्थ, डेरा सोडापुर, बरास के अरोग्या तीर्थ, सोंकारा के गणेश कुंडी/धुंधदिराज तीर्थ, अलावला के शाकुंभरी देवी तीर्थ, करसा दोद के कुलतारण तीर्थ, बरास के मनोजव तीर्थ (मनोकामना तीर्थ) को चिन्हित करके केडीबी के तीर्थों की सूची में शामिल किया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed