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घर-घर मिल रहे पीलिया के मरीज, आंकड़ा पहुंचा 41 पार
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jaundice patients getting home
- फोटो : Kurukshetra
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की लापरवाही का खामियाजा सेक्टरवासियों को इस कदर भुगतना पड़ रहा है कि पीलिया की चपेट में आने वाले मरीजों का आंकड़ा दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। शनिवार को पीलिया से पीड़ित मरीजों का आंकड़ा 41 तक पहुंच गया है। स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को 10 नये मरीजों की पुष्टि की है। मरीजों की संख्या बढ़ती देख एचएसवीपी और स्वास्थ्य विभाग सहित जिला प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं शनिवार को गांव रामपुरा क नजदीक स्थित ट्यूवैल नंबर-1 के पर पेयजल की मुख्य पाइप में लीकेज मिली है। वहीं बाजीगर डेरा में तीन लीकेज पाई गई, जिससे तत्काल दुरुस्त कराया गया। बढ़ते मामलों को देख एचएसवीपी के अधीक्षण अभियंता एसके ननवानी और स्वास्थ्य सेवाएं के उप निदेशक डा. कृष्ण कुमार ने सेक्टर-3 में पहुंच स्थिति का जायजा लिया और उचित व्यवस्थाओं को लेकर संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। दूषित पेयजल पीने से विज्डम वर्ल्ड स्कूल के निदेशक विजय रावल, स्कूल की वाईस प्रिंसिपल पूनम रावल और नॉन टीचिंग कर्मचारी रामकली भी पीलिया की चपेट में आ चुकी है, जिनका शहर के एक निजी अस्पताल से उपचार चल रहा है, जबकि इसी अस्पताल में दाखिल सेक्टरवासी मधु की तबीयत बिगड़ने पर दिल्ली के एक निजी अस्पताल में रेफर किया गया है। निजी अस्पताल के चिकित्सक अनुराग कौशल ने बताया कि उनके अस्पताल में पीलिया से ग्रस्त 8-10 मरीज उपचार के लिए आ चुके हैं। इनमें से सेक्टर-3 निवासी मधु का लीवर काफी खराब हो चुका है, जिसके उपचार के लिए मेंदाता अस्पताल में रेफर किया गया है। मालूम हो कि पीलिया के चलते 20 जनवरी को सात माह की गर्भवती सोनिया की पीजीआई रोहतक में मौत हो गई थी,जबकि गत दिवस भी सेक्टर निवासी मनजीत कौर की संदिग्ध पीलिया के कारण मौत हो चुकी है। पीलिया से दो महिलाओं की मौत और सेक्टर में पीलिया का प्रकोप देख सेक्टरवासी दहशत में आ चुके हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्थिति को नियंत्रण करने का दावा किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सेक्टर-3 स्थित गुरुद्वारा में अस्थाई ओपीडी लगाई गई है, जहां मरीजों के दवा और सैंपल लिए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा शनिवार को 115 मरीजों के स्वास्थ्य की जांच की गई। संदिग्ध पीलिया के चलते विभाग द्वारा 60 मरीजों के सैंपल लेकर जांच के लिए करनाल लैब भेजे हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने 10 मरीजों की पीलिया से ग्रस्त होने की पुष्टि की है। जिला सर्वेक्षण अधिकारी डा. सुदेश कुमार ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा 60 स्वास्थ्य कर्मचारियों और 4 डॉक्टरों की टीम को सेक्टर में ही तैनात की गई है। जहां चिकित्सक गुरुद्वारा में अस्थाई ओपीडी चला रहे हैं, वहीं दो-दो कर्मचारियों की 30 टीमें डोर-टू-डोर जाकर लोगों से पूछताछ कर रहे हैं। जहां पीलिया की आशंका पाई जा रही है वहां पूरी तरह पूछताछ करके लोगों को ओपीडी में चैकअप के लिए भेजा जा रहा है। इसके साथ ही उक्त टीमें पीने के पानी की लाइनों की जांच कर रही है।
निजी अस्पताल में पीलिया के चलते उपचाराधीन विज्डम वर्ल्ड स्कूल के निदेशक विनोद रावल ने प्रशासन की निंदा करते हुए कहा कि उनके सेक्टर में पिछले काफी समय से पीलिया का रोग फैलने की खबरें चल रही थी, लेकिन संबंधित अधिकारियों की अनदेखी के चलते सेक्टर में दो महिलाओं की मौत हो चुकी है, लेकिन प्रशासन द्वारा स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने की ओर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। बताया कि उसी सेक्टर में रह रही उनके स्कूल की वाइस प्रिंसिपल पूनम, कर्मचारी सुखविंद्र तथा राजकली भी पीलिया से ग्रसित हैं, जबकि उन्हीं के स्कूल की कर्मचारी मनजीत कौर की पीलिया के कारण मौत हो चुकी है। रावल ने कहा कि सरकार और प्रशासन कुरुक्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर स्थापित करने के बड़े-बड़े दावे किस आधार पर कर रहे हैं, जबकि इसी शहर में लोगों को पीने योग्य स्वच्छ पानी और बेहतर स्वस्थ्य सेवाएं ही उपलब्ध नहीं हो पा रहीं।
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सेक्टर निवासी साहिल ने बताया कि पिछले कई दिनों से सेक्टर में दूषित पानी आ रहा है, जिसके कारण हर घर में पीलिया से ग्रस्त मरीज मिल रहे हैं। कहा कि पिछले कई दिनों उससे भी पीलिया जैसे लक्षण दिखाई दे रहे थे, जिसका आज ब्लड जांच कराई है।
प्रदीप ने बताया कि सेक्टरवासी दूषित पेयजल पीने को मजबूर हैैं। पिछले कई दिनों से सेक्टर में गंदा पानी आ रहा है, लेकिन संबंधित अधिकारियों द्वारा कोई सुध नहीं ली गई, जिसका खामियाजा सेक्टरवासियों को भुगतना पड़ा रहा है। उन्हें भी संदिग्ध पीलिया है, जिसकी जांच के लिए उन्हें ब्लड सैंपल दिया है।
सेक्टर-3 निवासी सुखजीत सिंह ने बताया कि दूषित पानी पीने से उसकी भाभी रजविंदर कौर और वह पीलिया की चपेट में आए है। उन्होंने निजी अस्पताल से उपचार कराया है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शनिवार को भी ब्लड सैंपल दिए हैं।
कुरुक्षेत्र के सांसद नायब सैनी ने पीलिया फैलने के बारे में पता चलने पर प्रशासन से जवाब मांगा है। उन्होंने एक ब्यान जारी कर कहा कि जिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण सेक्टर में पीलिया की बीमारी फैली है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा शनिवार को 115 मरीजों के स्वास्थ्य की जांच की गई। संदिग्ध पीलिया के चलते विभाग द्वारा 60 मरीजों के सैंपल लेकर जांच के लिए करनाल लैब भेजे हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने 10 मरीजों की पीलिया से ग्रस्त होने की पुष्टि की है। जिला सर्वेक्षण अधिकारी डा. सुदेश कुमार ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा 60 स्वास्थ्य कर्मचारियों और 4 डॉक्टरों की टीम को सेक्टर में ही तैनात की गई है। जहां चिकित्सक गुरुद्वारा में अस्थाई ओपीडी चला रहे हैं, वहीं दो-दो कर्मचारियों की 30 टीमें डोर-टू-डोर जाकर लोगों से पूछताछ कर रहे हैं। जहां पीलिया की आशंका पाई जा रही है वहां पूरी तरह पूछताछ करके लोगों को ओपीडी में चैकअप के लिए भेजा जा रहा है। इसके साथ ही उक्त टीमें पीने के पानी की लाइनों की जांच कर रही है।
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निजी अस्पताल में पीलिया के चलते उपचाराधीन विज्डम वर्ल्ड स्कूल के निदेशक विनोद रावल ने प्रशासन की निंदा करते हुए कहा कि उनके सेक्टर में पिछले काफी समय से पीलिया का रोग फैलने की खबरें चल रही थी, लेकिन संबंधित अधिकारियों की अनदेखी के चलते सेक्टर में दो महिलाओं की मौत हो चुकी है, लेकिन प्रशासन द्वारा स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने की ओर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। बताया कि उसी सेक्टर में रह रही उनके स्कूल की वाइस प्रिंसिपल पूनम, कर्मचारी सुखविंद्र तथा राजकली भी पीलिया से ग्रसित हैं, जबकि उन्हीं के स्कूल की कर्मचारी मनजीत कौर की पीलिया के कारण मौत हो चुकी है। रावल ने कहा कि सरकार और प्रशासन कुरुक्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर स्थापित करने के बड़े-बड़े दावे किस आधार पर कर रहे हैं, जबकि इसी शहर में लोगों को पीने योग्य स्वच्छ पानी और बेहतर स्वस्थ्य सेवाएं ही उपलब्ध नहीं हो पा रहीं।
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सेक्टर निवासी साहिल ने बताया कि पिछले कई दिनों से सेक्टर में दूषित पानी आ रहा है, जिसके कारण हर घर में पीलिया से ग्रस्त मरीज मिल रहे हैं। कहा कि पिछले कई दिनों उससे भी पीलिया जैसे लक्षण दिखाई दे रहे थे, जिसका आज ब्लड जांच कराई है।
प्रदीप ने बताया कि सेक्टरवासी दूषित पेयजल पीने को मजबूर हैैं। पिछले कई दिनों से सेक्टर में गंदा पानी आ रहा है, लेकिन संबंधित अधिकारियों द्वारा कोई सुध नहीं ली गई, जिसका खामियाजा सेक्टरवासियों को भुगतना पड़ा रहा है। उन्हें भी संदिग्ध पीलिया है, जिसकी जांच के लिए उन्हें ब्लड सैंपल दिया है।
सेक्टर-3 निवासी सुखजीत सिंह ने बताया कि दूषित पानी पीने से उसकी भाभी रजविंदर कौर और वह पीलिया की चपेट में आए है। उन्होंने निजी अस्पताल से उपचार कराया है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शनिवार को भी ब्लड सैंपल दिए हैं।
कुरुक्षेत्र के सांसद नायब सैनी ने पीलिया फैलने के बारे में पता चलने पर प्रशासन से जवाब मांगा है। उन्होंने एक ब्यान जारी कर कहा कि जिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण सेक्टर में पीलिया की बीमारी फैली है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।